झारखंड भारत के प्रमुख राज्य में शामिल है, जो कि कभी बिहार की धरती का भाग हुआ करता था। हालांकि, साल 2000 में बिहार राज्य से अलग कर झारखंड का गठन किया गया था। राज्य में अलग-अलग जिले हैं, जो कि अलग-अलग मंडल में आते हैं। इस कड़ी में झारखंड का एक जिला ऐसा भी है, जो कि अपने सारंडा जंगलों के लिए जाना जाता है। यह जिले राज्य का सबसे बड़ा जिला है। इस लेख में हम जिले के बारे में विस्तार से जानेंगे।
झारखंड में कुल कितने जिले हैं
झारखंड साल 2000 में बिहार से अलग हुआ था, तो यहां कुल 18 जिले थे। हालांकि, बाद में प्रशासनिक सुविधाओं को बेहतर करने के लिए यहां 6 नए जिले बनाए गए। साल 2001 में यहां 4 जिले बने, जबकि 2007 में यहां 2 नए जिले बनाए गए। वर्तमान में यहां कुल 24 जिले हैं।
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झारखंड का सबसे बड़ा जिला
झारखंड के सबसे बड़े जिले की बात करें, तो यह पश्चिमी सिंहभूम जिला है। जिले का कुल एरिया 7,224 वर्ग किलोमीटर है, जो कि पूरे झारखंड का करीब 9 फीसदी हिस्सा कवर करता है। इस जिले का प्रशासनिक मुख्यालय चाईबासा में है।
इस जिले की उत्तरी सीमा खूंटी और सरायकेला-खरसावां से लगती है, जबकि दक्षिणी सीमा ओडिसा के मयूरभंज, सुंदरगढ़ और केंदुझर जिले से लगती है। वहीं, पूर्व में यह सरायकेला-खरसावां और ओडिसा और पश्चिम में सिमडेगा और ओडिसा से अपनी सीमा साझा करता है।
सारंडा जंगल है मुख्य पहचान
आपको बता दें कि पश्चिमी सिंहभूम की सबसे बड़ी पहचान यहां का सारंडा जंगल है। इस जंगल को ‘700 पहाड़ियों की भूमि’ कहा जाता है। यह एशिया का सबसे घना साल का जंगल है, जहां हाथी और विभिन्न जंगली वन्यजीव पाए जाते हैं।
जिले में पाए जाते हैं ये खनिज
आपको बता दें कि पश्चिमी सिंहभूम जिला भारत के सबसे धनी खनिज क्षेत्रों में आता है। यहां नोवामुंडी, चिड़िया और गुआ की खदानें लौह अयस्क के लिए जानी जाती हैं। इसके अलावा, यहां पर मैंगनीज, क्रोमाइट, चूना पत्थर और कायनाइट भी पाया जाता है।
जिले में मिलने वाली जनजाति
पश्चिमी सिंहभूम जिला हो, मुंडा और संताल जैसी प्रमुख जनजातियों का घर है। यहां अधिकांश तौर पर ग्रामीण और आदिवासी आबादी ही रहती है।
झारखंड को लेकर क्विक फैक्ट्स
गठन तिथि: 15 नवंबर 2000 (बिहार से अलग होकर)
राजधानी: रांची (उपराजधानी: दुमका)
कुल जिले: 24
क्षेत्रफल: 79,714 वर्ग किलोमीटर
सीमाएं: उत्तर में बिहार, पूर्व में पश्चिम बंगाल, दक्षिण में ओडिसा, पश्चिम में छत्तीसगढ़ और उत्तर-पश्चिम में उत्तर प्रदेश
सबसे ऊंची चोटी: पारसनाथ पहाड़ी (1,365 मीटर), जो जैन धर्म का पवित्र तीर्थस्थल है।
