Lucknow Kanpur Expressway Hindi: उत्तर प्रदेश की सड़क कनेक्टिविटी को नई रफ्तार मिलने जा रही है। लंबे इंतजार के बाद लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे (Lucknow Kanpur Expressway) तैयार है, जिसका उद्घाटन आज देश के रक्षा मंत्री की मौजूदगी में कर दिया गया है, जिसे कल यानी 14 जुलाई से आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा।
महज 45 मिनट में लखनऊ से कानपुर
करीब 4,200 करोड़ रुपये की लागत से बना यह 63 किलोमीटर लंबा छह लेन एक्सप्रेसवे लखनऊ और कानपुर के बीच सफर को पूरी तरह बदलने जा रहा है अभी तक दोनों शहरों के बीच पहुंचने में ढाई से तीन घंटे तक लग जाते थे, लेकिन अब यह दूरी महज 35 से 45 मिनट में तय की जा सकेगी। यह उत्तर प्रदेश का पहला इंटरसिटी एक्सप्रेसवे है, जो राज्य के दो बड़े महानगरों को सीधे जोड़ता है।
एक्सप्रेसवे के उद्घाटन में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के अतिरिक्त केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे ।
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कितना देना होगा टोल?
इस एक्सप्रेसवे पर सफर करने के लिए एक तरफ का टोल 275 रुपये तय किया गया है। वहीं, यदि कोई वाहन 24 घंटे के भीतर वापसी करता है तो उसे 415 रुपये का टोल देना होगा।
किन वाहनों की एंट्री नहीं होगी?
यह एक एक्सेस-कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे है, इसलिए दोपहिया और तीनपहिया वाहनों को इस पर चलने की अनुमति नहीं होगी। इससे तेज और सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित की जाएगी।
दो और बड़े प्रोजेक्ट की सौगात
इस मौके पर 4,850 करोड़ रुपये से अधिक की सड़क परियोजनाओं का भी उद्घाटन और शिलान्यास किया गया।
हरदोई-लखनऊ (NH-731) के 32 किलोमीटर लंबे चार लेन हाईवे का उद्घाटन किया गया। 541 करोड़ रुपये की लागत से बने इस प्रोजेक्ट से क्षेत्रीय कनेक्टिविटी मजबूत होगी और माल ढुलाई भी आसान होगी।
वहीं इंजीनियरिंग कॉलेज चौराहा (NH-24) पर बनने वाले 109 करोड़ रुपये की लागत के एक किलोमीटर लंबे चार लेन फ्लाईओवर का शिलान्यास भी किया गया। इसके बनने से शहर के सबसे व्यस्त चौराहों में से एक पर ट्रैफिक जाम से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
बताते चलें कि इन प्रोजेक्ट के पूरा होने से न सिर्फ यात्रा का समय कम होगा, बल्कि व्यापार, निवेश और औद्योगिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी। उत्तर प्रदेश के सड़क नेटवर्क को आधुनिक बनाने की दिशा में इसे एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
