भारत के उत्तर में जब भी खूबसूरत वादियों की बात होती है, तो इसमें जम्म-कश्मीर का नाम आता है। यह राज्य अपने यहां की प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है। वहीं, उत्तर में ही मौजूद उत्तराखंड भी अपने यहां के सुंदर प्राकृतिक नजारों के लिए जाना जाता है। यहां एक जिला ऐसा भी है, जिसे ‘मिनी कश्मीर’ भी कहा जाता है। कौन-सा है यह जिला, जानने के लिए यह लेख पढ़ें।
किस जिले को कहते हैं ‘मिनी कश्मीर’
अब हम यह जान लेते हैं कि किस जिले को ‘मिनी कश्मीर’ कहते हैं ? आपको बता दें कि उत्तराखंड के पिथौरागढ़जिले को 'छोटा कश्मीर' भी कहा जाता है।
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क्यों कहा जाता है ‘मिनी कश्मीर’
पिथौरागढ़ शहर जिस खूबसूरत सोर घाटी में बसा है, उसकी प्राकृतिक सुंदरता, बर्फ से ढकी पंचाचूली चोटियां और हरियाली काफी हद तक कश्मीर घाटी से मिलती-जुलती हैं। यहां का मौसम, सेब के बाग और पहाड़ियों का ढांचा कश्मीर घाटी की याद दिलाता है।
वहीं, पिथौरागढ़ के मुनस्यारी क्षेत्र से बर्फ से ढकी पंचाचूली की 5 हिम शिखरों का जो नजारा दिखता है, वह पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देता है। खास बात यह है कि मुनस्यारी और खलिया टॉप जैसे बड़े और खूबसूरत मखमली घास के मैदान कश्मीर के गुलमर्ग और सोनमर्ग की तरह सुंदर हैं।
पिथौरागढ़ की मुख्य भौगोलिक विशेषताएं
आपको बता दें कि पिथौरागढ़ भारत का एकमात्र ऐसा जिला है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय सीमाएं उत्तर में चीन और पूर्व में नेपाल, दोनों से लगती हैं। वहीं, तिब्बत स्थित कैलाश मानसरोवर जाने का पारंपरिक और मुख्य भारतीय मार्ग पिथौरागढ़ जिले से ही होकर जाता है।
इसके अलावा, यहां स्थित 'आदि कैलाश' और प्राकृतिक रूप से बर्फ से बने 'ॐ' के आकार वाला 'ॐ पर्वत' सनातन धर्म में पवित्र माने जाते हैं। यहां पर चूना पत्थर की एक अंडरग्राउंड गुफा भी है, जिसके अंदर प्राकृतिक शिवलिंग और धार्मिक आकृतियां बनी हुई हैं।
पिथौरागढ़ की कब हुई थी स्थापना
पिथौरागढ़ की स्थापना 24 फरवरी, 1960 को अल्मोड़ा जिले से अलग कर की गई थी। यह पूरे उत्तराखंड में सबसे अधिक तहसील वाला जिला है। यहां बहने वाली मुख्य नदियों में काली, गोरी गंगा, सरयू और धौली गंगा है।
