उत्तर प्रदेश देश का चौथा सबसे बड़ा राज्य है। यहां की विविध संस्कृति और अनूठी परंपराएं इसे अन्य राज्यों से अलग बनाती हैं। इसके अतिरिक्त, यहां एक जिला ऐसा भी है, जिसे पूरे राज्य का Nuclear Power District कहा जाता है। दरअसल, यह राज्य का एकमात्र ऐसा जिला है, जहां Nuclear Power प्लांट मौजूद है। साथ ही, यह देश के महत्त्वपूर्ण पावर प्लांट में से एक है। इस लेख में हम जिले का नाम और पावर प्लांट के बारे में विस्तार से जानेंगे।
यह जिला है Nuclear Power District
उत्तर प्रदेश का बुलंदशहर जिला पूरे राज्य में Nuclear Power District के नाम से जाना जाता है दरअसल, यहां नरोरा नामक जगह पर परमाणु ऊर्जा स्टेशन बना हुआ है, जिसका संचालन न्यूक्लियर पावर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (NPCIL) द्वारा किया जाता है।
कब हुई थी स्थापना
नरोरा Nuclear Power प्लांट का निर्माण कार्य 1970 में शुरू हुआ था, जबकि पहली यूनिट जनवरी, 1991 में चालू हुई थी, जिससे बिजली उत्पादन हुआ। वहीं, दूसरी यूनिट की शुरुआत 1 जुलाई, 1992 को की गई थी। ऐसे में यहां दो यूनिट चलती हैं, जिससे 440 मेगावाट तक परमाणु ऊर्जा का उत्पादन होता है। यहां बनने वाली बिजली को पूरे यूपी समेत उत्तरी ग्रिड में भेजा जाता है।
स्वदेशी तकनीक पर बना है प्लांट
नरोरा पावर प्लांट का निर्माण भारत की स्वदेशी तकनीक पर हुआ है। यह प्लांट Pressurised Heavy Water Reactor तकनीक पर तैयार किया गया है, जिसमें फ्यूल के रूप में नेचुरल यूरेनियम का इस्तेमाल होता है। वहीं, रिएक्टर को ठंडा करने और न्यूट्रॉन की स्पीड को कंट्रोल करने के लिए हैवी वॉटर का प्रयोग किया जाता है।
गंगा नदी के किनारे क्यों बना है प्लांट
यह प्लांट गंगा नदी के किनारे बना हुआ है। इसके पीछे एक वैज्ञानिक कारण है। दरअसल, प्लांट को ठंडा रखने के लिए पानी की अधिक जरूरत होती है, जो कि गंगा नदी से मिल जाता है। यहां से ज्यादा मात्रा में पानी लेकर प्लांट को ठंडा किया जाता है।
प्लांट को मिल चुका है पर्यावरण पुरस्कार
आपको बता दें कि नरोरा स्थित यह न्यूक्लियर पावर प्लांट भारत का पहला ऐसा प्लांट है, जिसे पर्यावरण मैनेजमेंट के लिए ISO-14001 प्रमाणन(Environmental Management System Certification) मिला है।
बुलंदशहर की अन्य विशेषताएं
बुलंदशहर पावर प्लांट के अलावा अन्य चीजों के लिए भी प्रसिद्ध है। यहां के खुर्जा शहर को देश-विदेश में Ceramic City या चीनी मिट्टी के बर्तनों और कलाकृतियों के लिए जाना जाता है। वहीं, सिकंदराबाद इंडस्ट्रियल एरिया में ऑटोमोबाइल से लेकर कपड़ा और दवा की कंपनियां बनी हुई हैं।
