Yamuna Water Project: राजस्थान और हरियाणा के बीच वर्षों से अटकी यमुना जल परियोजना अब आगे बढ़ने जा रही है। सोमवार को दोनों राज्यों ने 34,102 करोड़ रुपये के इस बड़े प्रोजेक्ट पर समझौता किया है। करीब 30 साल पुराने विवाद के खत्म होने के बाद राजस्थान के पानी की समस्या वाले इलाकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
गृह मंत्री की मौजूदगी में हुआ ऐतिहासिक समझौता
इस समझौते के मौके पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा और हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री शर्मा ने इसे राज्यों के बीच सहयोग की मिसाल बताते हुए कहा कि पानी सिर्फ संसाधन नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य की नींव है।
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यमुना का पानी पहुंचेगा राजस्थान के सूखे इलाकों तक
इस प्रोजेक्ट के तहत हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज से राजस्थान के चूरू जिले स्थित हांसियावास जलाशय तक यमुना का पानी पहुंचाया जाएगा। इसके लिए करीब 295 किलोमीटर लंबी भूमिगत पाइपलाइन बिछाई जाएगी, जिससे राजस्थान को उसके हिस्से का 577 MCM पानी मिल सकेगा।
हाईटेक सिस्टम से होगी वाटर सप्लाई
इस प्रोजेक्ट में तीन बड़ी अंडरग्राउंड पाइपलाइन, जल भंडारण ढांचे और आधुनिक डिजिटल वॉटर मैनेजमेंट सिस्टम बनाया जाएगा। इससे पानी की सप्लाई को बेहतर तरीके से नियंत्रित किया जा सकेगा और हरियाणा के कुछ क्षेत्रों में भी पेयजल सुविधा मजबूत होगी।
लाखों लोगों की बदलेगी जिंदगी
राजस्थान के शेखावाटी और अन्य पानी की कमी वाले क्षेत्रों के लिए यह प्रोजेक्ट बड़ी उम्मीद लेकर आया है। बेहतर पेयजल व्यवस्था के साथ कृषि, उद्योग और स्थानीय विकास को भी नई गति मिलने की संभावना है।
बता दें कि लंबे इंतजार के बाद शुरू हुआ यह प्रोजेक्ट आने वाले सालों में राजस्थान की पानी की तस्वीर बदल सकती है।
