श्री राम मंदिर को अपना पहला पूर्णकालिक नया CEO मिल गया है। ट्रस्ट की ओर से पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को राम मंदिर का पहला मुख्य कार्यपालक अधिकारी बनाया गया है। वह 40 सालों से भारतीय वायु सेना में महत्त्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। अब वह राम मंदिर का प्रशासनिक और संचालन व्यवस्था का काम संभालेंगे। कौन हैं जितेंद्र मिश्रा और क्या है उनका पूरा प्रोफाइल, जानने के लिए यह पूरा लेख पढ़ें।
यूपी के देवरिया जिले से हैं जितेंद्र मिश्रा
पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के भाटपाररानी एरिया के भोपतपुरा गांव के निवासी हैं। मिश्रा ने दिसंबर, 1986 में भारतीय वायुसेना में बतौर फाइटर पायलट के रूप में अपना करियर शुरू किया था। उन्होंने अपने करियर के दौरान 18 से अधिक प्रकार के विमानों को उड़ाया है और उन्हें 3000 घंटे ज्यादा की उड़ान का अनुभव है।
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वेस्टर्न कमांडिंग-इन-चीफ रहे हैं मिश्रा
जितेंद्र मिश्रा ऑपरेशन सिंदूर के समय वेस्टर्न कमांड के हेड रहे चुके हैं। उन्होंने एकीकृत रक्षा स्टॉफ में उप प्रमुख के तौर पर भी जिम्मेदारी संभाली है। साथ ही, उन्होंने अमेरिका और ब्रिटेन के प्रमुख रक्षा संस्थानों से प्रशिक्षण भी प्राप्त किया है।
कारगिल हीरो रहे हैं मिश्रा
जितेंद्र मिश्रा कारगिल हीरो भी रहे हैं। उन्होंने कारगिल युद्ध के दौरान टाइगर हिल पर कब्जा करने में मदद की थी। टाइगर हिल भारत के लिए बहुत ही महत्त्वपूर्ण चोटी मानी जाती है।
जितेंद्र मिश्रा को मिले हैं ये अवॉर्ड
जितेंद्र मिश्रा को अपनी सेवा के दौरान कई अवॉर्ड मिले हैं। ऑपरेशन सिंदूर में उनके योगदान को देखते हुए साल 2025 में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर उन्हें सर्वोत्तम युद्ध सेवा पदक मिला था। वहीं, 2024 में उन्हें अति विशिष्ट सेवा पदक और 2013 में विशिष्ट सेवा पद भी मिल चुका है।
कहां से पढ़ें हैं जितेंद्र मिश्रा
पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा ने खड़कवासला स्थित नेशनल डिफेंस एकेडमी से ट्रेनिंग ली है। उन्होंने एयर फोर्स एकेडमी, डुंडीगल, एयरफोर्स टेस्ट पायलट स्कूल, बंगलुरू, अमेरिका के एयर कमांड एंड स्टॉफ कॉलेज, मोंटगोमरी और रॉयल कॉलेज ऑफ डिफेंस स्टडिज से शिक्षा प्राप्त की है।
5500 से ज्यादा मिले थे आवेदन
आपको बता दें कि राम मंदिर के नए सीईओ के लिए ट्रस्ट को 5500 से ज्यादा आवेदन मिले थे। इन सभी से 600 नंबर का मूल्यांकन फॉर्म भरवाया गया था। इनमें अंतिम रूप से 17 उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट कर अयोध्या बुलाया गया था, जिसके बाद जितेंद्र मिश्रा का नाम सामने आया है।
