भारत में इरफान रजाक वह व्यक्ति हैं, जो कि करोड़ों के फ्लैट बनाने के लिए जाने जाते हैं। हालांकि, उनका जीवन संघर्ष भरा भी रहा है। वह आज देश की बड़ी रियल एस्टेट कंपनियों में शामिल प्रेस्टिज के चेयरमैन हैं। कंपनी के आज देश में कई जगह बड़े प्रोजेक्ट चल रहे हैं, जिससे इस कंपनी ने लोगों के बीच में भरोसा बनाया है।
छोटी कपड़ों की दुकान से शुरू हुआ बिजनेस
इरफान रजाक के परिवार ने अपने व्यवसाय की नींव 1956 में रखी थी। उनके पिता सत्तार रजाक ने बंगलुरू में पुरुषों की एक कपड़ों की दुकान खोली थी। इरफान ने अपना कॉलेज पूरा किया और इसके बाद अपने बिजनेस से जुड़ गए।
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बेच दिया पुस्तैनी घर
इरफान रजाक ने 1980 के दशक में परिवार का पुस्तैनी घर बेचकर रियल एस्टेट में कदम रखा। शुरुआत में उन्होंने जमीन खरीदने और बेचने का काम किया और बाद में अपने ससुर के साथ एक कमर्शियल प्रोजेक्ट पर काम किया।
40,000 में शुरू की कंपनी
1986 में इरफान ने अपने दो भाइयों और पिता के साथ मिलकर 40,000 रुपये से प्रेस्टिज कंपनी की नींव रखी। उनका पहला प्रोजेक्ट 10,000 स्कॉयर फीट ऑफिस बिल्डिंग का था। समय के साथ प्रेस्टिज ग्रुप बढ़ता गया और कंपनी ने लग्जरी होम्स, आईटी पार्क और कमर्शियल स्पेस बनाते हुए बंगलुरू में एक बड़ी पहचान बनाई। वहीं, बाद में किंगफिशर टॉवर्स के बड़े प्रोजेक्ट से कंपनी स्थापित हो गई।
मुंबई में खुद को किया स्थापित
इरफान रजाक ने आगे बढ़ते हुए मुंबई में रियल एस्टेट में कदम रखा। यहां पहले से ही लोधा, गोदरेज और ऑबराय जैसे बड़े रियल एस्टेट कारोबारी थे। हालांकि, उनकी कंपनी ने बाजी पलटते हुए यहां करोड़ों के फ्लैट बनाए और 11 से ज्यादा बड़े प्रोजेक्ट पर काम किया।
आज हजारों करोड़ के मालिक
इरफान रजाक आज भी फील्ड में उतरते हैं। उनकी उम्र 70 वर्ष से अधिक है, बावजूद इसके वह फील्ड में जाना नहीं छोड़ते हैं। वह अपने भाइयों के साथ साइट विजिट करते हैं और अपनी अगली पीढ़ी को भी साइट पर ले जाते हैं। इरफान के मुताबिक, प्रेस्टीज कंपनी का लोगो उड़ता हुआ बाज है, जो कि गति और दूरदर्शिता का प्रतीक है। इस वजह से इसे कंपनी का लोगो बनाया गया है और कंपनी का हेड ऑफिस भी प्रेस्टीज फॉल्कन टॉवर में है।
