दुनिया में अलग-अलग देशों में बड़े-बड़े बांध मौजूद हैं। वहीं, सबसे बड़े बांध की बात करें, तो इन्हें बिजली उत्पादन क्षमता और पानी के जलाशय के आकार पर वर्गीकृत किया गया है। इन दोनों श्रेणियों को मिलाकर दुनिया में 3 बांध ऐसे हैं, जो कि इंजीनियरिंग के बेजोड़ उदाहरण माने जाते हैं। इसमें से एक बांध, तो भारत के पड़ोसी देश में मौजूद है। इस लेख में हम दुनिया के 3 सबसे बड़े बांध के बारे में जानेंगे।
दुनिया के 3 सबसे बड़े बांध
अब हम दुनिया के 3 सबसे बड़े बांध के बारे में जानेंगे, जो कि क्षमता, ऊंचाई और बनावट के लिए पूरी दुनिया में जाने जाते हैंः
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थ्री गॉर्जेस डैम, चीन
यह बांध बिजली उत्पादन में सबसे बड़ा बांध है, जो कि पनबिजली उत्पादन के मामले में दुनिया का सबसे बड़ा बांध के रूप में जाना जाता है। दुनिया का यह बांध हुबेई प्रांत में यांग्तजी नदी पर बना हुआ है। इसकी कुल क्षमता की बात करें, तो यह 22,500 मेगावाट बिजली का उत्पादन करता है, जो कि कई छोटे देशों की जरूरत से ज्यादा है।
बांध के पीछे इतना बड़ी जगह है कि इसमें 42 बिलियन टन पानी को स्टोर किया जा सकता है। यह जलाशय जब भरा है, तो पृथ्वी के घूमने की गति 0.06 माइक्रोसेकेंड तक धीमी हो हुई है। यह जलाशय 2 किलोमीटर से अधिक लंबा और 180 मीटर से अधिक ऊंचाई पर स्थित है।
करिबा डैम, जिम्बाब्वे/जाम्बिया
यह डैम पानी को सबसे अधिक स्टोर करता है। करिबा डैम जाम्बिया और जिम्बाब्वे की सीमा पर जाम्बेजी नदी पर बना हुआ है। इसकी कुल क्षमता की बात करें, तो यह 180.6 बिलियन क्यूबिक मीटर है।
पानी अधिक होने के कारण कई बार इस क्षेत्र में हल्के भूकंपीय झटके भी महसूस किए गए हैं। बांध का निर्माण 1950 के दशक में हुआ था, जो कि पूरे मध्य अफ्रीका को बिजली सप्लाई करने में सहयोग करता है।
इताइपु डैम, ब्राजील
यह डैम ऊर्जा उत्पादन में सबसे बड़ा बांध है, जो कि दक्षिण अमेरिका में पराना नदी पर स्थित है। यह बांध वास्तव में ब्राजील और परागुए की संयुक्त परियोजना है। बांध की क्षमता 14,000 मेगावाट है और साल भर बहाव के कारण यह सबसे अधिक बिजली पैदा करता है।
इस बांध के माध्यम से परागुए देश की करीब 80 फीसदी बिजली को पूरा किया जाता है, जबकि ब्राजील में यह 10 से 15 फीसदी बिजली की जरूरत को पूरा करता है। बांध को लेकर एक रोचक तथ्य यह है कि इसके निर्माण में इतना सीमेंट और कंक्रीट लगा था, जिससे 200 से अधिक फुटबॉल स्टेडियम का निर्माण किया जा सकता था। यही वजह है कि यह दुनिया के 3 सबसे बड़े बांधों में आता है।
