कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के आधिकारिक आंकड़ों और भारतीय चीनी मिल संघ (ISMA) की रिपोर्टों के अनुसार, भारत चीनी उत्पादन के मामले में पूरी दुनिया में दूसरे नंबर पर आता है। हालांकि, यहां चीनी का जितना उत्पादन होता है, उतनी ही यहां पर खपत भी हो जाती है। भारत में चीनी उत्पादन में उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और कर्नाटक टॉप राज्यों में गिने जाते हैं। ये तीनों राज्य मिलकर देश में कुल चीनी उत्पादन के 87.48 फीसदी हिस्से की हिस्सेदारी रखते हैं।
चीनी उत्पादन में भारत का नंबर 1 राज्य
चीनी उत्पादन को लेकर अक्सर उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के बीच पहले नंबर को लेकर प्रतिस्पर्धा रहती है। नेशनल फेडरेशन ऑफ कोऑपरेटिव शुगर फैक्ट्रीज (NFCSF) और इंडियन शुगर एंड बायो-एनर्जी मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (ISMA) के आंकड़ों के मुताबिक, साल 2025-26 के दौरान महाराष्ट्र में कुल 99 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ है। ऐसे में यह चीनी का टॉप उत्पादक राज्य बन गया है। इस राज्य में सबसे अधिक चीनी की मिले हैं।
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दूसरे नंबर पर पहुंचा उत्तर प्रदेश
राष्ट्रीय सहकारी चीनी कारखाना संघ (एनएफसीएसएफ) के अनुसार, 2025-26 सीजन के दौरान, राज्य की 121 एक्टिव चीनी मिलों ने लगभग 92.5 लाख टन चीनी का उत्पादन किया है, जिसकी रिकवरी दर 10.2% रही है। यह अकेला राज्य देश में चीनी के कुल उत्पादन में 30 से 35 फीसदी की हिस्सेदारी रखता है। इसके साथ ही यह देश का सबसे बड़ा गन्ना उत्पादक राज्य भी है। प्रदेश में लखीमपुर खीरी, मेरठ और मुजफ्फरनगर प्रमुख गन्ना बेल्ट है।
तीसरे नंबर पर आता है यह राज्य
चीनी उत्पादन के मामले में भारत में तीसरे नंबर पर कर्नाटक आता है, जहां 41.70 लाख मीट्रिक चीनी का उत्पादन हुआ है। यही वजह है कि यूपी, महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे राज्यों में गन्ने की पैदावार, बारिश और चीनी मिलों का उत्पादन पूरे देश के बाजार को प्रभावित करता है।
चौथे नंबर पर आता है यह राज्य
भारत में चीनी उत्पादन को लेकर चौथे नंबर पर तमिलनाडू आता है, जो कि दक्षिण भारत में दूसरा सबसे बड़ा चीनी उत्पादक राज्य है। यह पूरे देश में कुल चीनी उत्पादन में 4 से 6 फीसदी का योगदान देता है।
5वें नंबर पर आता है यह राज्य
भारत में चीनी उत्पादन के मामले में 5वें नंबर पर गुजरात राज्य का स्थान आता है। यह पूरे देश में कुल चीनी उत्पादन में 3 से 5 फीसदी की हिस्सेदारी रखता है। यहां सूरत, नवसारी और वलसाड जिलों में मौजूद चीनी मिलों में सबसे अधिक चीनी का उत्पादन होता है।
