भारत और पाकिस्तान के बीच की सीमा करीब 3,323 किलोमीटर लंबी है। यह दुनिया की सबसे संवेदनशील और भारी सुरक्षा वाली सीमाओं में से एक मानी जाती है। ऐतिहासिक और भौगोलिक रूप से इस पूरी सीमा को एक ही रेखा नहीं माना जा सकता। इसे मुख्य रूप से अलग-अलग प्रमुख रेखाओं में बांटा गया है।
रैडक्लिफ रेखा
यह भारत और पाकिस्तान के बीच आधिकारिक और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सीमा है। 1947 में भारत विभाजन के समय ब्रिटिश वकील सर सिरिल रैडक्लिफ की अध्यक्षता में एक सीमा आयोग द्वारा इस रेखा का निर्धारण किया गया था। यह गुजरात से शुरू होकर राजस्थान और पंजाब होते हुए जम्मू-कश्मीर जाती है।
इस सीमा की चौकसी मुख्य रूप से भारत की सीमा सुरक्षा बल (BSF) द्वारा की जाती है। रात के समय सुरक्षा के लिए लगाई गई तेज फ्लड लाइट्स के कारण इस सीमा को अंतरिक्ष से भी एक चमकीली रेखा के रूप में देखा जा सकता है।
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नियंत्रण रेखा (Line of Control-LoC)
यह जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में भारत और पाकिस्तान के बीच एक वास्तविक सैन्य सीमा है। यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सीमा नहीं है, बल्कि दोनों देशों की सेनाओं के नियंत्रण वाले क्षेत्रों को बांटती है। 1947-48 के युद्ध के बाद 1949 में इसे 'युद्धविराम रेखा' का नाम दिया गया था।
1971 के युद्ध के बाद 1972 में ऐतिहासिक शिमला समझौते के तहत इसका नाम बदलकर आधिकारिक तौर पर 'नियंत्रण रेखा' (LoC) कर दिया गया। यह जम्मू के पास से शुरू होकर उत्तर में बिंदु NJ9842 तक लगभग 740 किलोमीटर तक फैली है।
एक्चुअल ग्राउंड पोजिशन लाइन (AGPL)
नियंत्रण रेखा (LoC) की समाप्ति NJ9842 बिंदु पर हो जाती है। इस बिंदु के आगे हिमालय की काराकोरम रेंज में दुनिया का सबसे ऊंचा युद्धक्षेत्र सियाचिन ग्लेशियर स्थित है। बिंदु NJ9842 से लेकर उत्तर में 'इंदिरा कोल' तक जो सैन्य रेखा भारतीय और पाकिस्तानी सेनाओं की चौकियों को अलग करती है, उसे 'एक्चुअल ग्राउंड पोजिशन लाइन' (AGPL) कहा जाता है।
1984 में भारत ने 'ऑपरेशन मेघदूत' के जरिए सियाचिन की महत्त्वपूर्ण चोटियों पर अपना नियंत्रण स्थापित किया था, तब से यह रेखा अस्तित्व में है।
सर क्रीक-जल सीमा
यह गुजरात के कच्छ के रण और पाकिस्तान के सिंध प्रांत के बीच स्थित 96 किलोमीटर लंबी एक मुहाना जलधारा है, जो अरब सागर में गिरती है। यह दोनों देशों के बीच एक विवादित क्षेत्र है। पाकिस्तान इसे इसके पूर्वी किनारे से अपनी सीमा मानता है, जबकि भारत अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून 'थालवेग सिद्धांत' के तहत इसके बिल्कुल बीचों-बीच से सीमा रेखा मानता है।
24वीं समानांतर रेखा
यह अक्षांश रेखा गुजरात के कच्छ के रण क्षेत्र में भारत और पाकिस्तान के बीच एक बड़ा सीमा विवाद है।
