आंसू गैस कितने प्रकार की होती है, भारत में सिर्फ यह फोर्स करती है तैयार

आंसू गैस चार प्रकार की होती है, जिसमें भारत में सबसे कम प्रभाव वाली आंसू गैस को इस्तेमाल किया जा सकता है। इस लेख में हम आंसू गैस के प्रकार और भारत में इसके इस्तेमाल के बारे में पढ़ेंगे।

Jul 23, 2026, 18:21 IST
आंसू गैस
आंसू गैस

आंसू गैस एक प्रकार का गैर-घातक रासायनिक हथियार होता है। इसका उपयोग पुलिस और सुरक्षा बल द्वारा अनियंत्रित भीड़ को तितर-बितर करने और दंगा नियंत्रण के लिए किया जाता है। इस गैस को वैज्ञानिक भाषा में Lachrymatory Agent कहा जाता है। वहीं, वास्तव में इसमें कोई 'गैस' नहीं होती, बल्कि यह सॉलिड या लिक्विड केमिकल के बारीक एरोसोल होते हैं, जो हवा में धुएं के रूप में फैल जाते हैं। सुरक्षाबलों द्वारा जब इन्हें दागा जाता है, तो यह हवा के संपर्क में आने पर केमिकल से भरा धुआं छोड़ने लगते हैं।

आंसू गैस कितने प्रकार की होती है

आंसू गैस कुल चार प्रकार की होती है, जिसमें भारत में सिर्फ सीएस गैस को इस्तेमाल किया जाता है।

Related Stories

सीएस गैस (CS Gas)

सीएस गैस का रासायनिक नाम ओ-क्लोरोबेंजिलिडीन मैलोनोनिट्राइल है। यह सबसे आम और आधुनिक आंसू गैस के नाम से जानी जाती है। इससे त्वचा पर जलन, आंखों से बहुत अधिक पानी और सांस लेने में परेशानी होती है। इस गैस का उपयोग भारत व अन्य देशों की पुलिस द्वारा किया जाता है।

सीएन गैस (CN Gas)

सीएन गैस का रासायनिक नाम क्लोरोऐसीटोफीनोन है। यह सीएस गैस से पुरानी और जहरीली होती है, जो कि त्वचा पर गंभीर जलन और उल्टी का कारण बनती है। अब इसका उपयोग बहुत ही कम कर दिया गया है।

पेप्पर स्प्रे (OC Gas)

पेप्पर स्प्रे में मिर्च के पौधों से निकाले जाने वाला नेचुरल कंपाउंड उपयोग किया जाता है। इससे आंखों में जलन और सूजन आती है। इसका उपयोग सेल्फ डिफेंस के लिए भी किया जाता है।

सीआर गैस (CR Gas)

इस गैस का रासायनिक नाम डिबेंजोक्साजेपिन है, जो कि चारों गैसे में सबसे अधिक खतरनाक मानी जाती है। इसके संपर्क में आने पर त्वचा में तेज दर्द होता है और पानी लगने के बाद यह दर्द और बढ़ जाता है। इसका उपयोग न के बराबर किया जाता है।

भारत में यहां बनती है आंसू गैस 

भारत में आंसू गैस बनाने का काम मध्य प्रदेश के ग्वालियर में स्थित टेकनपुर में किया जाता है। यह काम सीमा सुरक्षा बल(BSF) द्वारा स्मोक टीयर यूनिट में किया जाता है, जहां आंसू गैस के गोले बनाए जाते हैं। आपको बता दें कि किसी भी दो देशों के बीच कभी भी आंसू गैस का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है।



Kishan Kumar

Senior Executive - Editorial

आप जागरण जोश पर भारत, विश्व समाचार, खेल के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए समसामयिक सामान्य ज्ञान, सूची, जीके हिंदी और क्विज प्राप्त कर सकते है. आप यहां से कर्रेंट अफेयर्स ऐप डाउनलोड करें.

Just Now

Result Updates