भारत और नेपाल के बीच कुल 1751 किलोमीटर लंबी सीमा है। इस कड़ी में देश के कुल 5 राज्य नेपाल के साथ अपनी सीमा साझा करते हैं। इस सीमा की रखवाली सशस्त्र सीमा बल द्वारा की जाती है। हालांकि, इनमें एक राज्य ऐसा भी है, जो कि नेपाल के साथ सबसे लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा साझा करता है।
खास बात यह है कि इस राज्य का नेपाल के साथ रोटी-बेटी का संबंध कहा जाता है। कौन-सा है यह राज्य और क्यों है यह संबंध, जानने के लिए पूरा लेख पढ़ें।
सबसे लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा वाला राज्य
नेपाल के साथ सबसे लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा साझा करने वाला भारतीय राज्य बिहार है। भारत और नेपाल की कुल 1751 किलोमीटर की सीमा साझेदारी में बिहार की हिस्सेदारी सबसे अधिक है। बिहार राज्य नेपाल के साथ करीब 726 किलोमीटर की सीमा साझा करता है।
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कौन-कौन-से राज्य नेपाल से लगते हैं
बिहार के अलावा नेपाल से लगने वाले भारतीय राज्यों की संख्या 4 है। इनमें सबसे लंबी सीमा के मामले में बिहार के बाद उत्तर प्रदेश का स्थान आता है, जो कि कुल 551 किलोमीटर लंबी सीमा साझा करता है। वहीं, उत्तराखंड राज्य 275 किलोमीटर की सीमा साझा करता है, जबकि पश्चिम बंगाल 100 किलोमीटर और सिक्किम 99 किलोमीटर की सीमा साझा करता है।
नेपाल से लगने वाले बिहार के जिले
बिहार के कुल 7 जिले उत्तर में नेपाल के साथ अपनी सीमा साझा करते हैं:
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पश्चिमी चंपारण
पूर्वी चंपारण
सीतामढ़ी
मधुबनी
सुपौल
अररिया
किशनगंज
रोटी-बेटी का है क्यों है संबंध
बिहार और नेपाल के बीच वर्षों पुराना एक सांस्कृतिक और पारिवारिक रिश्ता है, जिसके पीछे मिथिलांचल संस्कृति है। दोनों ओर विवाह संबंध और निर्बाध आवाजाही होती है।
वर्ष 1950 की 'शांति और मित्रता संधि' के तहत भारत और नेपाल के नागरिक बिना पासपोर्ट या वीजा के एक-दूसरे के देश में आ-जा सकते हैं। बिहार के पूर्वी चंपारण और नेपाल के बीरगंज का व्यापारिक मार्ग भारत-नेपाल व्यापार का सबसे बड़ा केंद्र है।
SSB करती है सुरक्षा
भारत और नेपाल की खुली सीमा है। ऐसे में घुसपैठ, तस्करी और अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए भारत सरकार की ओर से यहां सशस्त्र सीमा बल (SSB) की तैनाती की गई है। यह बल सातों दिन 24 घंटे सीमा की निगरानी करती है।
