भारत की स्वतंत्रता का इतिहास उठाकर देखें, तो हमें देश की आजादी से जुड़े कई महान क्रांतिकारियों के नाम पढ़ने को मिलते हैं। इन नाम में एक नाम ऐसा भी है, जिसे भारत की Grand Lady of India के नाम से भी जाना जाता है। उनकी पहचान भारत की साहसी राजनीतिक कार्यकर्ता के रूप में भी होती है। यदि आप किसी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, तो इस उनसे जुड़े सवाल विभिन्न परीक्षाओं में पूछे जाते हैं। इस लेख में हम उनके बारे में विस्तार से जानेंगे।
किसे कहा जाता है Grand Lady of India
सबसे पहले हम यह जान लेते हैं कि किस महिला को भारत की Grand Lady of India के नाम से जाना जाता है। आपको बता दें कि अरुणा आसफ अली को को इस उपनाम से जाना जाता है। उन्हें मुख्य रूप से 1942 में हुए भारत छोड़ो आंदोलन के लिए याद किया जाता है।
दअसल, 8 अगस्त, 1942 को अंग्रेजों ने ‘ऑपरेशन थंडरबोल्ट’ के तहत महात्मा गांधी समेत कांग्रेस के सभी टॉप लीडर्स को गिरफ्तार कर लिया था। ऐसे में आंदोलन की दिशा बनाए रखने के लिए 9 अगस्त, 1942 को मुंबई के गोवालिया टैंक मैदान में अरुणा आसफ अली ने तिरंगा झंडा फहराकर आंदोलन को फिर से शुरू कर दिया था।इस घटना ने उन्हें देशभर में मशहूर कर दिया था। क्योंकि, यह साहस उन्होंने अंग्रेजों की बंदूकों के सामने दिखाया था।
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'अंडरग्राउंड' रहकर चलाया आंदोलन
इस घटना के बाद अंग्रेजों ने उन्हें गिरफ्तार करने के लिए इनाम की घोषणा की थी और उनके खिलाफ एक वारंट भी जारी कर दिया था। हालांकि, उन्होंने पुलिस को चकमा दिया और अंडरग्राउंड हो गई थीं।
इस दौरान उन्होंने डॉ. राम मनोहर लोहिया और अन्य नेताओं के साथ मिलकर ‘इंकलाब’ नाम की पत्रिका का संपादन किया। हालांकि, 1946 में अंग्रेजों द्वारा उनके खिलाफ जारी किया गया वारंट वापस लिया गया, जिसके बाद वह वापस सामान्य जीवन में लौट आईं।
दिल्ली की पहली मेयर का खिताब
दिल्ली में 1958 में दिल्ली नगर निगम का गठन हुआ था। ऐसे में इस वर्ष वह दिल्ली की पहली मेयर बनी थीं। आज दिल्ली के सिविल लाइंस इलाके में उनके नाम पर अरुणा आसफ अली नाम का एक सरकारी अस्पताल भी मौजूद है।
अरुणा आसफ अली को मिले पुरस्कार
अरुणा आसफ अली की स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान और उनके द्वारा किये गए सामाजिक कार्यों के लिए उन्हें कई बड़े पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है, जो कि इस प्रकार हैंः
-1964 में उन्हें अंतरराष्ट्रीय लेनिन पुरस्कार मिला।
-1991 में अरुणा आसफ अली को जवाहर लाल नेहरु पुरस्कार दिया गया था।
-उन्हें 1992 में पद्म विभूषण पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
-साल 1997 में उन्हें मरणोपरांत देश के सबसे सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किया गया।
