कर्नाटक में राजनीतिक उथल-पुथल खत्म होने के बाद अब मुख्यमंत्री पद के लिए डी के शिवकुमार के नाम पर मुहर लग गई है। शिवकुमार राज्य के अगले मुख्यमंत्री होंगे, वहीं सिद्धारमैया ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा भी दे दिया है।
ज्योतिषी में विश्वास रखने वाले शिवकुमार ने अपनी राजनीतिक करियर की शुरुआत छात्र राजनीति से की थी और आगे बढ़ते हुए राज्य में कांग्रेस के सबसे प्रभावशाली नेताओं में शामिल हो गए। इस लेख में हम उनके राजनीतिक करियर और निजी जीवन के बारे में जानेंगे।
वोक्कालिगा समुदाय से आते हैं शिवकुमार
डी के शिवकुमार का जन्म 15 मई, 1962 में कर्नाटक के कनकपुरा में हुआ था। वह वोक्कालिगा समुदाय के प्रमुख व्यक्ति हैं। यह समुदाय कर्नाटक में एक प्रमुख राजनीतिक और सामाजिक समूह है।
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1980 के दशक से शुरू हुआ राजनीतिक सफर
डी के शिवकुमार ने अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत छात्र राजनीति में 1980 के दशक में उतरकर की थी। 1984 में वह कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष बने थे।
1989 में पहली बार बने विधायक
शिवकुमार ने पार्टी में रहकर काम किया और 1989 में राज्य के विधानसभा चुनाव में सथानूर निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया और जीत भी हासिल की। वह अपने विधानसभा क्षेत्र में इतने लोकप्रिय हुए कि उन्होंने आगामी 8 बार के विधानसभा चुनावों में भी जीत हासिल कर ली थी।
गृह राज्य मंत्री के रूप में भी काम किया
डी के शिवकुमार को एस. एम. कृष्णा का काफी करीबी माना जाता था। उन्होंने 1999 से 2004 तक कृष्णा सरकार में राज्य में गृह मंत्री के रूप में भी अपनी सेवाएं दी हैं। वहीं, सिद्धारमैया सरकार में रहते हुए उन्होंने 2013 से 2018 तक ऊर्जा मंत्री समेत अन्य महत्त्वपूर्ण पद संभाले हैं।
दृढ़ निश्चय के लिए जाने जाते हैं शिवकुमार
शिवकुमार को दृढ़ निश्चय के लिए जाना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि वह जो ठान लेते हैं, वह करते हैं। इसके अतिरिक्त, वह आम जनता के साथ अपना जुड़ाव बनाने की क्षमता के लिए भी प्रसिद्ध हैं। शिवकुमार विशेष रूप से ज्योतिषी में अधिक विश्वास रखते हैं।
शिवकुमार का निजी जीवन
डी के शिवकुमार की पत्नी का नाम ऊषा है। उनके दो बेटियां और एक बेटा है। उनकी सबसे बड़ी बेटी ऐश्वर्या का विवाह अमर्त्य हेगड़े से हुआ था, जो कि कैफे कॉफी डे के संस्थापक वी. जी सिद्धार्थ के बेटे हैं।
