साल में 12 महीने होते हैं, जिनमें से एक अक्टूबर माह भी है। यह साल का 10वां महीना होता है, जो कि सर्दी की शुरुआत के लिए जाना जाता है। इसके अलावा, इस माह को त्योहारों की शुरुआत के लिए भी जाना जाता है। हालांकि, क्या आप जानते हैं कि हर साल 10वां महीना ही अक्टूबर क्यों होता है। क्या है इसके पीछे का कारण, जानने के लिए पूरा लेख पढ़ें।
कहां से आया अक्टूबर नाम
'अक्टूबर' शब्द लैटिन भाषा के शब्द 'ऑक्टो' से बना है, जिसका अर्थ होता है 'आठ'। लेकिन, आज अक्टूबर साल का 10वां महीना है। तो 8वें नंबर के नाम वाला महीना 10वें स्थान पर कैसे आ गया? इसका जवाब पुराने रोमन कैलेंडर में छिपा है।
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8वें से 10वां महीना कैसे बना?
प्राचीन रोम के पहले राजा रोमुलस ने जो कैलेंडर बनाया था, उसमें साल में केवल 10 महीने ही होते थे। उस समय सर्दियों के दिनों को किसी भी महीने में नहीं गिना जाता था। उस पुराने कैलेंडर में साल की शुरुआत 'जनवरी' से नहीं, बल्कि 'मार्च' से होती थी, क्योंकि मार्च को युद्ध और कृषि शुरू करने का महीना माना जाता था।
जब आप मार्च से गिनती शुरू करते हैं, तो मार्च, अप्रैल, मई, जून, जुलाई, अगस्त, सितंबर, अक्टूबर, अक्टूबर साल का 8वां महीना आता था। इसीलिए, इसे 'ऑक्टो' यानि आठवां नाम दिया गया।
कैसे जुड़ा जनवरी और फरवरी
लगभग 713 ईसा पूर्व में रोमन राजा 'नुमा पोम्पिलियस' ने कैलेंडर में सुधार किया और सर्दियों के खाली समय को भरकर दो नए महीने जनवरी और फरवरी कैलेंडर की शुरुआत में जोड़ दिए। इन दो नए महीनों के जुड़ने से साल मार्च के बजाय जनवरी से शुरू होने लगा। नतीजतन, जो अक्टूबर पहले 8वें स्थान पर था, वह खिसक कर 10वें स्थान पर आ गया। लेकिन, रोम के लोगों ने इसका नाम नहीं बदला और यह आज तक 'अक्टूबर' ही कहलाता है।
अक्टूबर में कैसे हुए 31 दिन
शुरुआत में रोमन कैलेंडर में अक्टूबर 31 दिनों का होता था। बाद में इसे 29 दिनों का कर दिया गया। लेकिन, 46 ईसा पूर्व में जब रोमन सम्राट जूलियस सीजर ने अपने 'जूलियन कैलेंडर' में सुधार लागू किए, तो उन्होंने अक्टूबर को वापस 31 दिनों का महीना बना दिया, जो आज तक चला आ रहा है।
