आप दिन में कई बार समय जरूर देखते होंगे, लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत में रहकर जो आप समय देख रहे हैं, वह कैसे तय होता है? दरअसल, यह भारतीय समय मानक रेखा द्वारा तय किया जाता है, जो कि देश के बीचों-बीच से होते हुए 5 राज्यों से गुजरती है। इसी के आधार पर पूरे देश का Standard Time तय किया जाता है। अब इसे हम आसानी भाषा में और विस्तार से समझते हैं।
क्या होती है भारतीय मानक समय रेखा
सबसे पहले हम भारतीय मानक समय रेखा के बारे में जान लेते हैं। यह बात हम सभी जानते हैं कि दुनिया गोल है, जो कि अपनी धुरी पर घूमती है। इस वजह से अलग-अलग Longitudes पर सूरज निकलने का समय अलग होता है।
वहीं, भारत पूर्व दिशा में अरुणाचल प्रदेश से लेकर पश्चिम में गुजरात तक है। ऐसे में दोनों प्वाइंट्स के स्थानीय समय में लगभग 2 घंटे का अंतर आ जाता है। इस समस्या को दूर करने के लिए भारत सरकार ने 82 डिग्री 30' पूर्वी देशांतर को भारत का Standard Meridian of India माना। यह लाइन मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर (कुछ पुरानी किताबों में नैनी) से होकर गुजरती है।
यहां का जो स्थानीय समय होता है, उसी समय को पूरे देश का आधिकारिक समय माना जाता है। यह समय ग्रीनविच मीन टाइम (GMT) से 5 घंटे 30 मिनट आगे है।
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किन 5 राज्यों से गुजरती है मानक समय रेखा
भारतीय मानय समय रेखा अलग-अलग पांच राज्यों से गुजरती है, जो कि इस प्रकार हैः
उत्तर प्रदेश
यह रेखा सबसे पहले यूपी के मिर्जापुर और प्रयागराज एरिया से गुजरती है।
मध्य प्रदेश
यूपी के बाद यह मध्य प्रदेश में प्रवेश करती है और यहां सिंगरौली जिले से होकर गुजरती है।
छत्तीसगढ़
यूपी और एमपी के बाद यह छत्तीसगढ़ में प्रवेश करती है और यहां यह कर्क रेखा को काटती है।
ओडिसा
छत्तीसगढ़ के बाद यह ओडिसा राज्य में प्रवेश करती है। यहां यह रेखा दक्षिण और पश्चिमी हिस्से से गुजरती है।
आंध्र प्रदेश
अंत में यह रेखा आंध्र प्रदेश में प्रवेश करती है और यहां के तटीय क्षेत्रों से गुजरते हुए बंगाल की खाड़ी में जाती है।
छत्तीसगढ़ के इस जिले में मिलती है कर्क और समय रेखा
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि भारतीय मानक समय रेखा और कर्क रेखा एक दूसरे को आपस में छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में काटती हैं। इस लेकर कई बार परीक्षाओं में सवाल पूछ लिया जाता है।
