मध्य प्रदेश के बरगी बांध (Bargi Dam) में जलस्तर घटने के बाद करीब 40 साल पुरानी लोहे की मोटर बोट पहली बार साफ दिखाई देने लगी है। वर्षों तक पानी में दबी रही यह नाव अब लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई है। जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल भी हो रही है जिस कारण इसे देखने वालों की भारी भीड़ भी उमड़ रही है। चलिए इसके इतिहास के बारें में विस्तार से जानने की कोशिश करते है।
कभी विस्थापितों का सहारा थी यह नाव
स्थानीय लोग बताते हैं कि बांध निर्माण के दौरान यह मोटर बोट पुनर्वास कार्य में लगी थी। इसी के जरिए विस्थापित परिवारों और राहत सामग्री को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाया जाता था। बाद में एक हादसे में यह नाव डूब गई और फिर कभी नजर नहीं आई।
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जंग लगी नाव, लेकिन कहानी अब भी मौजूद
बता दें कि चार दशक तक पानी में रहने से नाव पूरी तरह जंग खा चुकी है, लेकिन उसका ढांचा आज भी उस दौर की याद दिलाता है। इसे देखने वाले लोग सिर्फ एक पुरानी नाव नहीं, बल्कि बरगी प्रोजेक्ट के संघर्ष और इतिहास की झलक भी देख रहे हैं।
बांध तक उमड़ रही भीड़
जैसे ही नाव की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए, बरगी बांध में लोगों की भीड़ बढ़ने लगी। पर्यटक और स्थानीय लोग इस अनोखे नजारे को अपने कैमरों में कैद कर रहे हैं।
जलस्तर की गिरावट ने बढ़ाई चिंता
कम बारिश और मानसून की देरी के कारण इस बार बरगी बांध का जलस्तर लगातार घट रहा है। नर्मदा के कई घाटों पर पानी इतना कम हो गया है कि लोग पैदल नदी पार कर रहे हैं। विशेषज्ञ इसे भविष्य में जल संकट का गंभीर संकेत मान रहे हैं।
बरगी बांध क्यों है खास?
जबलपुर से करीब 40 किलोमीटर दूर नर्मदा नदी पर बना बरगी बांध मध्य प्रदेश की प्रमुख सिंचाई, पेयजल और जलविद्युत परियोजनाओं में शामिल है। आज यह बांध सिर्फ अपने घटते जलस्तर ही नहीं, बल्कि पानी से बाहर आई 40 साल पुरानी एक अनकही कहानी के कारण से भी सुर्खियों में है।
