कर्नाटक में एक नए लीडरशिप का उदय हो रहा है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया (Siddaramaiah) ने अपने पद से इस्तीफा राज्यपाल कार्यालय को सौंप दिया है। उन्होंने कहा कि हाईकमान के निर्देश के बाद उन्होंने यह फैसला लिया। अब राज्य की कमान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डीके शिवकुमार (D. K. Shivakumar) को मिलने जा रही है।
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने अपना इस्तीफा राज्यपाल के विशेष सचिव प्रभु शंकर को सौंप दिया है। राज्यपाल थावर चंद गेहलोत फिलहाल राज्य से बाहर हैं और उनके आज रात लौटने की संभावना है।
डीके शिवकुमार के नाम पर लगी मुहर
बता दें कि सिद्धारमैया ने खुद अगले मुख्यमंत्री के रूप में डीके शिवकुमार के नाम का प्रस्ताव रखा है। फिलहाल शिवकुमार राज्य के उपमुख्यमंत्री और कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष हैं। पार्टी संगठन में उनकी मजबूत पकड़ और राजनीतिक अनुभव को देखते हुए उन्हें सीएम पद का सबसे बड़ा दावेदार माना जा रहा था।
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1989 में पहली बार बने थे विधायक
डीके शिवकुमार लंबे समय से कर्नाटक की राजनीति का अहम चेहरा रहे हैं। उन्होंने 1980 के दशक में राजनीति में सक्रिय भूमिका शुरू की थी और पहली बार 1989 में विधायक चुने गए। इसके बाद से उन्होंने कांग्रेस में लगातार अपनी पकड़ मजबूत की और कई अहम मंत्रालयों की जिम्मेदारी भी संभाली।
देश के सबसे अमीर नेताओं में होती है गिनती
डीके शिवकुमार अक्सर अपनी संपत्ति को लेकर भी चर्चा में रहते हैं। 2023 विधानसभा चुनाव के दौरान दाखिल हलफनामे के अनुसार, उनकी और उनके परिवार की कुल संपत्ति 1413 करोड़ रुपये से ज्यादा है। वहीं उन पर करीब 503 करोड़ रुपये की देनदारी भी दर्ज है।
मॉल से लेकर करोड़ों की जमीन तक
मायनेता डॉट कॉम के अनुसार, शिवकुमार और उनकी पत्नी के नाम पर करीब 30 करोड़ रुपये की कृषि भूमि है। इसके अलावा दिल्ली और बेंगलुरु में कई आलीशान घर और फ्लैट मौजूद हैं। उनके नाम पर “ग्लोबल मॉल” जैसी बड़ी कमर्शियल प्रॉपर्टी भी है, जिसकी कीमत करीब 900 करोड़ रुपये बताई जाती है।
राजनीति के साथ कारोबार में भी मजबूत पकड़
अचल संपत्ति के अलावा डीके शिवकुमार ने शेयर बाजार में भी बड़ा निवेश किया है। कांग्रेस के संकटमोचक माने जाने वाले शिवकुमार अपनी रणनीति और संगठन क्षमता के लिए जाने जाते हैं। अब कर्नाटक की राजनीति में सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि वह आधिकारिक तौर पर मुख्यमंत्री पद की शपथ कब लेते हैं।
