टाइगर जंगल की फूड चेन में सबसे ऊपर आता है। ऐसा कहा जाता है जंगल में जब टाइगर सोता है, तो सभी जानवर सोते हैं और जब टाइगर जागता है, तो सभी जानवर जागते हैं। क्योंकि, बाघ जंगल का सबसे खतरनाक शिकारी होता है, जो अपनी फुर्ती, चालाकी और खतरनाक वार के लिए जाना जाता है। यही वजह है कि टाइगर के दिखने पर जंगल में वन्यजीव अलार्मिंग कॉल करते हैं, जिससे अन्य जानवर सतर्क हो सके।
यदि किसी जंगल में टाइगर की संख्या ठीक-ठाक है, तो उस जंगल को समृद्ध जंगल माना जाता है। यही वजह है कि सरकार द्वारा टाइगर को संरक्षित करने के लिए देश के विभिन्न हिस्सों में टाइगर रिजर्व बनाए गए हैं। इस लेख में हम देश के सबसे बड़े टाइगर रिजर्व के बारे में जानेंगे।
भारत का सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व
भारत का सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व नागार्जुनसागर-श्रीशैलम टाइगर रिजर्व है। यह आंध्र प्रदेश और तेलंगाना, दोनों राज्यों में फैला हुआ है। यह टाइगर रिजर्व अपने खूंखार शेरों के लिए जाना जाता है।
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कितना बड़ा है टाइगर रिजर्व
नागार्जुनसागर टाइगर रिजर्व नल्लामल्ला पहाड़ी रेंज में स्थित है और इसका कुल क्षेत्रफल लगभग 3,728 वर्ग किलोमीटर है। इसके कोर एरिया की बात करें, तो यह लगभग 2,444 वर्ग किलोमीटर है, जबकि बफर एरिया लगभग 1,284 वर्ग किलोमीटर है। यह टाइगर रिजर्व आंध्र प्रदेश के पालनाडू, प्रकाशम, कुरनूल, नंदयाल और तेलंगाना के महबूबनगर, नलगोंडा, नागरकुर्नूल जिलों तक फैला हुआ है।
टाइगर रिजर्व के बीच से बहती है यह नदी
इस टाइगर रिजर्व के बीचों-बीच से कृष्णा नदी बहती है, जो कि इस रिजर्व को दो भांगों में बांटती है। आपको बता दें कि प्रसिद्ध नागार्जुनसागर बांध और श्रीशैलम जलाशय इसी क्षेत्र में आते हैं।
कब हुई थी स्थापना
इस टाइगर रिजर्व को 1978 में एक वन्यजीव अभयारण्य के रूप में अधिसूचित किया गया था और बाद में 1983 में 'प्रोजेक्ट टाइगर' के तहत इसे टाइगर रिजर्व का दर्जा दिया गया। 1992 में इसका नाम बदलकर प्रसिद्ध बौद्ध विद्वान आचार्य नागार्जुन और मल्लिकार्जुन स्वामी मंदिर (श्रीशैलम) के नाम पर रखा गया।
रिजर्व में मौजूद है यह शिवलिंग
इस टाइगर रिजर्व में Dry Deciduous और कांटेदार जंगल पाए जाते हैं। प्राकृतिक सुंदरता के अलावा यह स्थान धार्मिक रूप से भी बेहद प्रसिद्ध माना जाता है। रिजर्व में 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक श्रीशैलम मल्लिकाअर्जुन स्वामी मंदिर भी स्थित है, जहां हर साल लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
