भारत में मौजूदा समय में कुल 28 राज्य और 8 केंद्र शासित प्रदेश हैं। राज्यों में जहां जनता द्वारा चुनी गई सरकार होती है, वहीं केंद्र शासित प्रदेशों में केंद्र सरकार राष्ट्रपति द्वारा अपना शासन चलाती है। यहां राष्ट्रपति अपने एक प्रतिनिधि के रूप में उपराज्यपाल की नियुक्ति करता है, जिसे प्रशासक भी कहा जाता है। हालांकि, सभी केंद्र शासित प्रदेशों में मुख्यमंत्री का पद नहीं है। इस लेख में इसके पीछे का कारण और प्रदेशों की राजधानियों के बारे में जानेंगे।
भारत के कुल 8 केंद्र शासित प्रदेश
भारत के कुल 8 केंद्र शासित प्रदेश इस प्रकार हैंः
-दिल्ली
-पुडुचेरी
-जम्मू-कश्मीर
-लद्दाख
-चंडीगढ़
-लक्षद्वीप
-दादर और नगर हवेली और दमन एवं दीव
-अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह
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सिर्फ तीन केंद्र शासित प्रदेशों में हैं मुख्यमंत्री
भारत में कुल तीन केंद्र शासित प्रदेशों में ही मुख्यमंत्री हैं। दरअसल, इन तीनों केंद्र शासित प्रदेशों में विधानसभा का प्रावधान है। यही वजह है कि दिल्ली, पुडुचेरी और जम्मू-कश्मीर में हमें मुख्यमंत्री पद देखने को मिलता है। वहीं, बाकी 5 केंद्र शासित प्रदेशों में मुख्यमंत्री का पद नहीं होता है। यहां पर प्रशासन की जिम्मेदारी सीधे उपराज्यपाल द्वारा संभाली जाती है।
केंद्र शासित प्रदेश और उनके मुख्यमंत्री व राजधानी
अब हम भारत के 8 केंद्र शासित प्रदेशों के बारे में विस्तार से जानेंगे।
दिल्ली (राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र - NCT of Delhi)
भारत की राजधानी नई दिल्ली है, जो कि दिल्ली का भाग है। संविधान के 69वें संशोधन और अनुच्छेद 239एए के तहत दिल्ली को विशेष दर्जा प्राप्त है और इसके पास विशेष अधिकार हैं। दिल्ली में 70 सीटों वाली विधानसभा है। यहां मुख्यमंत्री और मंत्रीपरिषद् के पास कानून बनाने का अधिकार है। हालांकि, लोक व्यवस्था, पुलिस और भूमि का अधिकार केंद्र सरकार के पास है।
राजधानी-नई दिल्ली
मुख्यमंत्री-रेखा गुप्ता
पुडुचेरी (Puducherry)
पुडुचेरी पहले फ्रांसीसी उपनिवेश हुआ करता था। यहां भी दिल्ली की तरह विधानसभा मौजूद है। विधानसभा में कुल 33 सीटे हैं, जिसमें 30 सीटें निर्वाचित और 3 केंद्र द्वारा मनोनित सीटें हैं। यहां के प्रशासनिक प्रमुख उपराज्यपाल हैं।
राजधानी: पुडुचेरी
मुख्यमंत्री: एन. रंगसामी
जम्मू और कश्मीर
साल 2019 में संविधान से अनुच्छेद 370 हटा और जम्मू-कश्मीर राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित कर दिया गया। अब जम्मू-कश्मीर दिल्ली और पुडुचेरी की तरह विधानसभा वाला केंद्र शासित प्रदेश है। यहां कुल 90 सीटों वाली विधानसभा है। हालांकि, सुरक्षा और कानून के मामलों में उपराज्यपाल की भूमिका होती है।
शीतकालीन राजधानी: जम्मू
ग्रीष्मकालीन राजधानी: श्रीनगर
मुख्यमंत्री: उमर अब्दुल्ला
लद्दाख
लद्दाख को 2019 में जम्मू-कश्मीर से अलग कर एक केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया था। यह भारत का बहुत ही संवेदनशील इलाका है। साथ ही, यह प्रदेश अपनी खूबसूरती और दर्रों के लिए भी जाना जाता है।
राजधानी: लेह और कारगिल
मुख्यमंत्री:पद मौजूद नहीं है।
चंडीगढ़
चंडीगढ़, भारत के सुनियोजित शहरों मे शामिल है। यह पंजाब और हरियाणा, दोनों राज्यों की राजधानी है। पंजाब के राज्यपाल ही चंडीगढ़ के प्रशासक का पद संभालते हैं।
राजधानी: चंडीगढ़
मुख्यमंत्री:पद मौजूद नहीं है।
दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव
पहले ये दोनों अलग-अलग केंद्र शासित प्रदेश हुआ करते थे। हालांकि, प्रशासनिक कारणों की वजह से 2020 में इन्हें आपस में मिला दिया गया। यहां का प्रशासन उपराज्यपाल द्वारा ही संभाला जाता है। राजधानी: दमन
मुख्यमंत्री:पद मौजूद नहीं है।
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह
यह प्रदेश भारत की मुख्य भूमि से दूर है और बंगाल की खाड़ी में स्थित है। ऐसे में सुरक्षा के लिहाज से यह बहुत ही महत्त्वपूर्ण है। यहां की सुरक्षा और प्रशासन उपराज्यपाल द्वारा केंद्र सरकार के हाथों में होती है।
राजधानी: पोर्ट ब्लेयर
मुख्यमंत्री:पद मौजूद नहीं है।
लक्षद्वीप
यह अरब सागर में स्थित है भारत का क्षेत्रफल के हिसाब से सबसे छोटा केंद्र शासित प्रदेश भी है, जो कि कई छोटे-छोटे द्वीपों से मिलकर बना है। यहां प्रशासनिक प्रमुख को प्रशासक के नाम से जाना जाता है, जो कि गृह मंत्रालय के अधीन होकर काम करते हैं।
राजधानी: कवरत्ती
मुख्यमंत्री:पद मौजूद नहीं है।
