दुनिया के कई हिस्सों में इस समय तनाव और संघर्ष का माहौल है। खासकर पश्चिम एशिया में जारी टकराव ने ऊर्जा आपूर्ति, व्यापार और वैश्विक अर्थव्यवस्था के सामने नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। ऐसे वक्त में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने SCO Summit 2026 में भारत की प्राथमिकताएं दुनिया के सामने रखीं।
1 सितंबर को किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित 26वें शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी ने आतंकवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई सहित कई अहम मुद्दों पर बात की। प्रधानमंत्री का संदेश साफ था कि क्षेत्र की सुरक्षा और विकास एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। यदि आतंकवाद, संगठित अपराध और संघर्ष जैसी चुनौतियों से निपटना है, तो SCO देशों को मिलकर काम करना होगा।
1. आतंकवाद के पूरे इकोसिस्टम को खत्म करना होगा
PM मोदी ने आतंकवाद के खिलाफ सिर्फ कार्रवाई करने के बजाय उसके पूरे नेटवर्क को खत्म करने की जरूरत बताई। इसमें आतंकवाद की फंडिंग, आतंकियों की भर्ती, प्रशिक्षण और उन्हें मिलने वाले सुरक्षित ठिकाने शामिल हैं। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में किसी भी तरह का दोहरा रवैया नहीं होना चाहिए।
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2. आतंकवाद को रणनीतिक हथियार न बनने दें
प्रधानमंत्री ने उन देशों के खिलाफ स्पष्ट संदेश देने की बात कही जो आतंकवाद को अपनी राज्य नीति के औजार के तौर पर इस्तेमाल करते हैं या आतंकियों को पनाह और समर्थन देते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि आतंकवाद किसी भी देश के लिए रणनीतिक लाभ हासिल करने का जरिया नहीं बनना चाहिए।
3. अफगानिस्तान में शांति जरूरी
PM मोदी ने अफगानिस्तान की स्थिति को पूरे क्षेत्र की सुरक्षा से जोड़ते हुए वहां शांति और स्थिरता बनाए रखने की जरूरत बताई।
4. विवादों का हल बातचीत से निकले
क्षेत्रीय संघर्षों पर भारत का रुख दोहराते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि युद्ध किसी समस्या का स्थायी समाधान नहीं है। विवादों और तनाव को संवाद और कूटनीति के जरिए सुलझाया जाना चाहिए।
5. ड्रग्स और संगठित अपराध पर लगाम
PM मोदी ने नशीले पदार्थों की तस्करी और संगठित अपराध के खिलाफ SCO देशों के बीच बेहतर तालमेल की जरूरत बताई। उन्होंने सुरक्षा से जुड़े क्षेत्रीय तंत्रों को मजबूत करने और समय पर कार्रवाई करने पर जोर दिया।
6. बेहतर और भरोसेमंद कनेक्टिविटी
भारत ने SCO क्षेत्र में मजबूत और समावेशी कनेक्टिविटी की वकालत की। हालांकि, प्रधानमंत्री ने साफ किया कि कनेक्टिविटी परियोजनाओं में सभी देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान होना चाहिए।
7. व्यापार को बनाया जाए आसान
PM मोदी ने SCO देशों के बीच व्यापार बढ़ाने के लिए कस्टम प्रक्रियाओं को सरल बनाने, डिजिटल दस्तावेजों का इस्तेमाल बढ़ाने और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को आधुनिक बनाने की जरूरत बताई। इससे सामान की आवाजाही आसान और तेज हो सकती है।
8. आम लोगों को मिले SCO का फायदा
प्रधानमंत्री ने कहा कि SCO की गतिविधियों का फायदा सिर्फ सरकारों या बड़ी संस्थाओं तक सीमित नहीं रहना चाहिए। युवाओं, किसानों, उद्यमियों और आम नागरिकों के लिए नए अवसर पैदा करना भी संगठन की प्राथमिकता होनी चाहिए।
9. युवाओं, विज्ञान और संस्कृति पर जोर
PM मोदी ने सदस्य देशों के बीच युवाओं, वैज्ञानिकों और उद्यमियों के आदान-प्रदान को बढ़ाने की बात कही। उन्होंने SCO स्टार्ट-अप फोरम, युवा लेखकों का सम्मेलन और युवा वैज्ञानिकों का फोरम जैसी पहलों का जिक्र किया।
10. सभ्यताओं के बीच संवाद बढ़े
भारत ने SCO के भीतर अलग-अलग सभ्यताओं और संस्कृतियों के बीच बातचीत को बढ़ावा देने की भी बात रखी।
क्या है भारत की प्राथमिकता?
PM मोदी के संबोधन से भारत की सोच काफी स्पष्ट नजर आई। यही वजह है कि इस SCO Summit में भारत का संदेश सिर्फ सुरक्षा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि शांति, विकास और सहयोग को साथ लेकर आगे बढ़ने पर केंद्रित रहा।
