ट्रेन यात्रियों को कभी-कभी लंबी दूरी की भी यात्रा करनी होती है, ऐसे में डायरेक्ट ट्रेन उपलब्ध न होने के कारण दो टिकट बुक करनी होती है। मान लीजिए यात्रा के दौरान पहली ट्रेन रास्ते में लेट हो गई और जब तक आप अपने गंतव्य स्टेशन पहुंचे, तब तक आपकी दूसरी यानी कनेक्टिंग ट्रेन निकल चुकी थी। ऐसे में सबसे पहले यही चिंता होती है कि अब दूसरी ट्रेन के टिकट का पैसा भी गया!
लेकिन ऐसा जरूरी नहीं है। भारतीय रेलवे की कनेक्टिंग जर्नी से जुड़ी व्यवस्था के तहत, अगर पहली ट्रेन की देरी के कारण आपकी अगली ट्रेन छूट जाती है, तो कुछ शर्तों के साथ दूसरी टिकट का रिफंड लिया जा सकता है। हालांकि, इसके लिए टिकट बुक करते समय ही सही विकल्प चुनना और बाद में समय पर TDR दाखिल करना जरूरी है। चलिए रेलवे के नियम को समझते है।
टिकट बुक करते समय चुने यह विकल्प
कनेक्टिंग ट्रेन का फायदा लेने के लिए सिर्फ दो अलग-अलग टिकट बुक करना पर्याप्त नहीं है। दोनों यात्राओं को रेलवे के सिस्टम में लिंक करना जरूरी है। इसके लिए IRCTC की वेबसाइट या ऐप से टिकट बुक करते समय ‘Connecting Journey Booking’ विकल्प का इस्तेमाल करें। इससे आपकी दोनों यात्राओं को कनेक्ट करने की प्रक्रिया पूरी होती है।
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दूसरी ट्रेन का टिकट बुक करते समय PNR लिंक करें
दूसरी ट्रेन की बुकिंग के दौरान पहली ट्रेन का PNR नंबर दर्ज करें। इससे रेलवे के रिकॉर्ड में दोनों यात्राओं के बीच कनेक्शन दर्ज हो जाता है।
दूसरी छूट गई तो तुरंत करें यह काम
अगर पहली ट्रेन की देरी के कारण आप कनेक्टिंग ट्रेन नहीं पकड़ पाए हैं, तो रिफंड के लिए ज्यादा इंतजार न करें। पहली ट्रेन के अपने अंतिम स्टेशन पर पहुंचने के 3 घंटे के भीतर TDR दाखिल करना जरूरी है। समय सीमा बीतने के बाद रिफंड का दावा स्वीकार नहीं किया जा सकता।
TDR कैसे करें फ़ाइल?
TDR दाखिल करने के लिए IRCTC पर लॉगिन करने के बाद-
-My Account पर जाएं।
-My Transactions सेलेक्ट करें ।
-TDR विकल्प चुनें।
-संबंधित टिकट का PNR नंबर दर्ज करें।
-रिफंड का कारण चुनें, पहली ट्रेन के लेट होने के कारण कनेक्टिंग ट्रेन छूटना।
-सभी जानकारी देखकर TDR सबमिट कर दें।
इन यात्रियों को नहीं मिलेगा फायदा
इस सुविधा का लाभ हर टिकट पर नहीं मिलता। नियम के मुताबिक कुछ जरूरी शर्तें हैं:
-तत्काल कोटे से बुक टिकटों पर यह सुविधा लागू नहीं होती।
-दोनों ट्रेनों की यात्रा के बीच अधिकतम 5 दिन का अंतर होना चाहिए।
-दोनों टिकटों को बुकिंग के समय आपस में लिंक किया गया होना जरूरी है।
-रिफंड के लिए तय समय सीमा के भीतर TDR दाखिल करना अनिवार्य है।
-एक छोटी-सी गलती से बचें, वरना रिफंड अटक सकता है
कनेक्टिंग ट्रेन से सफर करने वालों के लिए सबसे जरूरी बात यह है कि दोनों टिकटों को सिर्फ अलग-अलग बुक करके न छोड़ें। Connecting Journey Booking का विकल्प चुनें और PNR लिंक जरूर करें, और समय पर TDR दाखिल करने से आपका टिकट का पैसा बच सकता है।
