जन विश्वास एक्ट, 2026 के तहत आई एक नई अपडेट, सरकार ने उठाया यह बड़ा कदम

केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने 'जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) अधिनियम, 2026' के तहत 'क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट्स (पंजीकरण और विनियमन) अधिनियम, 2010' में संशोधनों की अधिसूचना जारी कर दी है।

Jun 25, 2026, 19:13 IST
जन विश्वास (संशोधन प्रावधान) अधिनियम, 2026
जन विश्वास (संशोधन प्रावधान) अधिनियम, 2026

देश में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े अस्पतालों, नर्सिंग होम और क्लीनिकों के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा और राहतभरा फैसला लिया है। सरकार ने क्लिनिकल एस्टैब्लिशमेंट्स (रजिस्ट्रेशन एंड रेगुलेशन) एक्ट, 2010 में संशोधन करते हुए छोटी प्रक्रियागत गलतियों को लेकर आपराधिक कार्रवाई की व्यवस्था को खत्म कर दिया है। अब ऐसे मामलों में जेल या मुकदमे की जगह प्रशासनिक स्तर पर पेनल्टी लगाई जाएगी।

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने 22 जून को इन संशोधनों को अधिसूचित किया है। यह कदम जन विश्वास (संशोधन प्रावधान) अधिनियम, 2026 के तहत उठाया गया है।

सरकार ने क्यों उठाया यह कदम 

सरकार का कहना है कि कई बार अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों से कागजी या प्रक्रियागत स्तर की छोटी-मोटी चूक हो जाती है। ऐसे मामलों में आपराधिक कार्रवाई की प्रक्रिया न केवल जटिल होती है, बल्कि इससे अनावश्यक कानूनी विवाद भी बढ़ते हैं। नए बदलावों का उद्देश्य ऐसे बोझ को कम करना और स्वास्थ्य क्षेत्र में कारोबार करना आसान बनाना है।

Related Stories

'फाइन' नहीं, अब लगेगी 'पेनल्टी'

संशोधन के बाद कानून की कई धाराओं में 'फाइन' (Fine) शब्द की जगह 'पेनल्टी' (Penalty) शब्द का इस्तेमाल किया गया है। इसका सीधा अर्थ है कि अब मामूली प्रक्रियागत उल्लंघनों के मामलों में आपराधिक मुकदमा चलाने के बजाय प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। 

कंपनियों के लिए भी बदले नियम

सरकार ने कंपनियों और बड़े स्वास्थ्य संस्थानों के लिए भी नियमों को अधिक व्यावहारिक बनाया है। अब उल्लंघन की प्रकृति और गंभीरता के आधार पर अलग-अलग स्तर की पेनल्टी तय की जाएगी। 

सुनवाई का मिलेगा पूरा मौका

नए प्रावधानों के तहत किसी भी संस्था पर पेनल्टी लगाने से पहले उसे अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाएगा। साथ ही यदि कोई संस्था फैसले से संतुष्ट नहीं है तो उसके लिए अपील का प्रावधान भी रखा गया है।

मरीजों की सुरक्षा से नहीं होगा समझौता

स्वास्थ्य मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि इन सुधारों का उद्देश्य केवल अनावश्यक कानूनी बोझ कम करना है। मरीजों की सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और संस्थानों की जवाबदेही पर पहले की तरह सख्त निगरानी जारी रहेगी। 

सरकार का मानना है कि इससे एक ओर नियमों का बेहतर पालन होगा, वहीं दूसरी ओर स्वास्थ्य क्षेत्र में निवेश और कारोबार को भी बढ़ावा मिलेगा।

Bagesh Yadav

Senior Executive - Editorial

आप जागरण जोश पर भारत, विश्व समाचार, खेल के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए समसामयिक सामान्य ज्ञान, सूची, जीके हिंदी और क्विज प्राप्त कर सकते है. आप यहां से कर्रेंट अफेयर्स ऐप डाउनलोड करें.

Just Now

Result Updates