रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय युद्ध स्मारक से 13 दिवसीय ‘शौर्य विजय यात्रा’ (Shaurya Vijay Yatra) को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह अभियान देशभर में, खासकर युवाओं के मन में देशभक्ति की भावना को और मजबूत करेगा। उन्होंने कहा कि किसी भी राष्ट्र की आज़ादी और सम्मान की रक्षा केवल सीमाओं पर तैनात सैनिक ही नहीं करते, बल्कि यह जिम्मेदारी देश के हर नागरिक की सोच, संस्कार और मूल्यों से भी जुड़ी होती है, चलिए इस यात्रा के बारें में विस्तार से जानते है।
कारगिल विजय भारत के अटूट संकल्प का प्रतीक
रक्षा मंत्री ने आगे कहा कि साल 1999 का कारगिल युद्ध भारत के साहस, दृढ़ संकल्प और सैन्य शक्ति का ऐसा अध्याय है, जिसने दुनिया को दिखा दिया कि देश की धरती, अस्मिता और सम्मान पर बुरी नजर डालने वालों को भारत हमेशा करारा जवाब देने में सक्षम है।
उन्होंने कहा कि कारगिल विजय केवल एक सैन्य सफलता नहीं, बल्कि हर भारतीय के गर्व और आत्मविश्वास का प्रतीक है।
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1900 किलोमीटर यात्रा और 28 बाइक सवार
‘वन राइड, वन नेशन, वन सैल्यूट’ (One Ride, One Nation, One Salute) थीम पर आयोजित इस अभियान में 28 बाइक सवार अगले 13 दिनों में करीब 1900 किलोमीटर का सफर तय करेंगे। यह यात्रा 26 जुलाई को लद्दाख के द्रास स्थित कारगिल युद्ध स्मारक पर समाप्त होगी।
रास्ते में यह बाइक ग्रुप चंडीमंदिर, रेजांग ला और लेह युद्ध स्मारकों सहित कई सैन्य स्मारकों पर श्रद्धांजलि अर्पित करेगा।
कारगिल के जाबांज वीरों को नमन
राजनाथ सिंह ने कारगिल युद्ध के सभी वीर सैनिकों के प्रति गहरी श्रद्धा व्यक्त करते हुए परम वीर चक्र विजेता कैप्टन विक्रम बत्रा, लेफ्टिनेंट मनोज कुमार पांडे, सूबेदार मेजर (मानद कैप्टन) योगेंद्र सिंह यादव (रिटायर्ड) और सूबेदार मेजर (मानद कैप्टन) संजय कुमार (रिटायर्ड) के अद्वितीय साहस और बलिदान को याद किया। उन्होंने कहा कि इन रणबांकुरों का योगदान देश हमेशा गर्व के साथ याद रखेगा।
वरिष्ठ सैन्य नेतृत्व भी रहा मौजूद
इस अवसर पर चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल एन. एस. राजा सुब्रमणि, थल सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ सहित सशस्त्र बलों के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
यह अभियान कारगिल विजय दिवस 2026 के राष्ट्रीय आयोजनों का प्रमुख हिस्सा है, जिसका उद्देश्य देश के वीर सैनिकों के शौर्य, बलिदान और राष्ट्रसेवा की भावना को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है।
कब मनाया जाता है कारगिल विजय दिवस
कारगिल की ऐतिहासिक विजय के सम्मान में हर साल 26 जुलाई को पुरे देश में ‘कारगिल विजय दिवस’ के रूप में मनाया जाता है, जो साल 1999 में भारत की पाकिस्तान पर ऐतिहासिक विजय का प्रतीक है। जहां एक ओर भारतीय सेना ने 'ऑपरेशन विजय' चलाया था तो वहीं इंडियन एयर फोर्स ने ऑपरेशन ‘सफेद सागर' और नौसेना ने ऑपरेशन ‘तलवार’ के जरिये अभियान में पूरा सहयोग किया था।
