भारत में यदि क्षेत्रफल के हिसाब से सबसे बड़े राज्य की बात करें, तो यह राजस्थान है। यह राज्य कुल 342,239 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। राजस्थान जितना सांस्कृतिक और आर्थिक रूप से महत्त्वपूर्ण है, उतना ही यह भौगोलिक रूप से भी महत्त्वपूर्ण है। राज्य में कई पठार मौजूद हैं। इस कड़ी में हम राजस्थान के सबसे ऊंचे पठार के बारे में जानेंगे।
राजस्थान का सबसे ऊंचा पठार
राजस्थान के सबसे ऊंचे पठार की बात करें, तो यह उड़िया का पठार है। यह समुद्र तल से लगभग 1,360 मीटर यानि करीब लगभग 4,462 फीट की ऊंचाई पर स्थित है।
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किस जिले में है सबसे ऊंचा पठार
अब हम राजस्थान के इस पठार की लोकेशन के बारे में जान लेते हैं। उड़िया का पठार राज्य के सिरोही जिले में माउंट आबू एरिया के पास है। यह पठार अरावली पर्वतमाला की सबसे ऊंची चोटी यानि गुरु शिखर (1,722 मीटर) के ठीक नीचे फैला हुआ है।
राजस्थान के प्रमुख पठार और उनकी ऊंचाई
राजस्थान में विभिन्न पठार हैं, जिनकी अलग-अलग ऊंचाई है।
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पठार का नाम
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स्थान
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ऊंचाई (लगभग)
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1. उड़िया का पठार
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माउंट आबू (सिरोही)
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1,360 मीटर
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2. आबू का पठार
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सिरोही
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1,200 मीटर
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3. भोराठ का पठार
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कुंभलगढ़ (राजसमंद) से गोगुंदा (उदयपुर) के बीच
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1,225 मीटर (औसत)
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4. मेसा का पठार
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चित्तौड़गढ़ (प्रसिद्ध चित्तौड़गढ़ किला इसी पर स्थित है)
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620 मीटर
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उड़िया के पठार की विशेषताएं
-उड़िया के पठार की ऊंचाई अधिक है। ऐसे में यहां का तापमान राजस्थान के बाकी हिस्सों की तुलना में साल भर काफी कम और सुहावना रहता है।
-यह एरिया घने प्राकृतिक जंगलों, विभिन्न प्रकार की वनस्पतियों और अरावली के वन्यजीवों के लिए जाना जाता है।
-जो पर्यटक आबू पर्वत और गुरु शिखर जाते हैं, वे इसी पठारी क्षेत्र से होकर गुजरते हैं। इस दौरान यहां प्राकृतिक सुंदरता और अरावली की पर्वत श्रृंखलाओं का खूबसूरत नजारा देखने को मिलता है।
-इस पठार को लेकर खास बात यह है कि अधिक ऊंचाई के कारण यहां सर्दी काफी अधिक होती है। दिसंबर और जनवरी के महीनों में यहां तापमान कभी-कभी 0 डिग्री या इससे भी नीचे चला जाता है, जिससे घास की पत्तियों और मैदानों पर बर्फ की पतली परत जमा हो जाती है। यही वजह है कि स्थानीय लोग इसे राजस्थान का ‘मिनी शिमला’ भी कहते हैं।
