सीनियर IPS अधिकारी महेश दीक्षित (Mahesh Dixit) को भारत की प्रमुख घरेलू खुफिया एजेंसी इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) का नया निदेशक बनाया गया है। यह जिम्मेदारी उन्होंने ऐसे समय संभाली है, जब देश को आतंकवाद, कट्टरपंथ और नई सुरक्षा चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है.
तीन दशक के अनुभव के साथ मिली बड़ी जिम्मेदारी
आंध्र प्रदेश कैडर के 1993 बैच के IPS अधिकारी महेश दीक्षित को उनकी लंबी सेवा और सुरक्षा मामलों के अनुभव के आधार पर यह जिम्मेदारी दी गई है। उनकी नियुक्ति को कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने मंजूरी दी है.
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कश्मीर में है काम का अनुभव
दीक्षित ने श्रीनगर स्थित IB के सब्सिडियरी इंटेलिजेंस ब्यूरो (SIB) का नेतृत्व किया है। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में काम करते हुए उन्होंने खुफिया नेटवर्क मजबूत करने और सुरक्षा चुनौतियों पर नजर रखने में अहम भूमिका निभाई है.
आतंकवाद और आंतरिक सुरक्षा मामलों के हैं विशेषज्ञ
अपने करियर के दौरान महेश दीक्षित ने कई संवेदनशील ऑपरेशनों और सुरक्षा मामलों को संभाला है। उन्हें आतंकवाद विरोधी अभियानों, सीमा पार घुसपैठ, वामपंथी उग्रवाद और जमीनी खुफिया तंत्र की अच्छी समझ रखने वाला अधिकारी माना जाता है.
अब IB के सामने नई चुनौतियों का दौर
नए IB प्रमुख के तौर पर उनके सामने पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद, कट्टरपंथ, नार्को-टेरर नेटवर्क और बदलते सुरक्षा खतरे जैसी बड़ी चुनौतियां होंगी। जम्मू-कश्मीर में उनका अनुभव देश की आंतरिक सुरक्षा रणनीति में अहम साबित हो सकता है.
बता दें कि इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) देश की सबसे पुरानी आंतरिक खुफिया एजेंसी है, जिसका गठन आजादी से पहले 'सेंट्रल स्पेशल ब्रांच' के रूप में की गयी थी. यह गृह मंत्रालय के तहत कार्यरत है.
