उत्तर प्रदेश के सरकारी विभागों में आउटसोर्सिंग पर काम कर रहे लाखों कर्मचारियों के लिए लंबे इंतजार के बाद राहत की खबर है। करीब एक साल पहले मानदेय बढ़ाने और दूसरी सुविधाएं देने का फैसला किया गया था, लेकिन कर्मचारी इसके लागू होने का इंतजार कर रहे थे।
अब राज्य सरकार ने इस दिशा में कदम आगे बढ़ा दिया है। बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखनऊ के लोकभवन में उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम के कार्यालय का उद्घाटन कर रहे है। साथ ही निगम का लोगो, वेबसाइट और पोर्टल भी लॉन्च किया जा रहा है।
सबसे बड़ी बात यह है कि नई व्यवस्था के तहत आउटसोर्स कर्मचारियों को उनकी जिम्मेदारी और पद के हिसाब से 20000 से लेकर 40000 रुपये तक मासिक मानदेय मिल सकेगा। इससे प्रदेश के तीन लाख से अधिक कर्मचारियों को फायदा होने की उम्मीद है।
4 श्रेणियों में तय हुआ मानदेय
सरकार ने आउटसोर्सिंग के अलग-अलग पदों को चार श्रेणियों में रखा है। इसके आधार पर मानदेय तय किया गया है। विभागों ने अब तक करीब 2.70 लाख आउटसोर्स कर्मचारियों के कार्यरत होने की जानकारी दी है।
श्रेणी मासिक मानदेय
-श्रेणी-1 40,000 रुपये
-श्रेणी-2 25,000 रुपये
-श्रेणी-3 22,000 रुपये
-श्रेणी-4 20,000 रुपये
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भर्ती प्रक्रिया भी होगी ज्यादा व्यवस्थित
नई व्यवस्था में आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती के लिए एक केंद्रीकृत सिस्टम तैयार किया जा रहा है। पोर्टल शुरू होने के बाद मैनपावर उपलब्ध कराने वाली एजेंसियों का रजिस्ट्रेशन होगा।
भर्ती में नियमानुसार आरक्षण का लाभ भी मिलेगा। श्रेणी-1 और 2 के पदों के लिए लिखित परीक्षा के साथ इंटरव्यू होगा, जबकि श्रेणी-3 और 4 में इंटरव्यू नहीं लिया जाएगा। एक और अहम बात यह है कि कर्मचारियों को हर महीने की 5 तारीख तक मानदेय देने की व्यवस्था की जाएगी।
डॉक्टर और इंजीनियर को 40 हजार तक वेतन
श्रेणी-1 में ज्यादा जिम्मेदारी और विशेषज्ञता वाले पद रखे गए हैं। इसमें डॉक्टर, असिस्टेंट इंजीनियर, एसडीओ, लेक्चरर, प्रोजेक्ट ऑफिसर, अकाउंट ऑफिसर, असिस्टेंट आर्किटेक्ट और रिसर्च ऑफिसर जैसे पद शामिल हैं।
जेई और स्टाफ नर्स समेत कई पदों पर 25 हजार रुपये
श्रेणी-2 में जूनियर इंजीनियर (JE), स्टाफ नर्स, फार्मासिस्ट, सीनियर असिस्टेंट, सीनियर स्टेनोग्राफर, सीनियर अकाउंटेंट, डाटा प्रोसेसिंग ऑफिसर, ट्रांसलेटर, टीजीटी और एक्स-रे टेक्नीशियन जैसे पद शामिल हैं।
इन कर्मचारियों को हर महीने 25000 रुपये मानदेय मिलेगा। पद के हिसाब से स्नातक, परास्नातक, बीएड, एलएलबी या संबंधित डिप्लोमा की योग्यता जरूरी होगी।
ऑपरेटर, ड्राइवर और पैरामेडिकल स्टाफ को 22 हजार रुपये
श्रेणी-3 में रोजमर्रा के सरकारी कामकाज में अहम भूमिका निभाने वाले कई पद शामिल हैं। इनमें जूनियर असिस्टेंट, टाइपिस्ट, डाटा एंट्री ऑपरेटर, टेलीफोन ऑपरेटर, इलेक्ट्रीशियन, मैकेनिक, फिटर, लैब असिस्टेंट, पैरामेडिकल स्टाफ, सुपरवाइजर और ड्राइवर शामिल हैं। इन कर्मचारियों के लिए 22000 रुपये मासिक मानदेय तय किया गया है।
आठवीं-10वीं पास कर्मचारियों को 20 हजार रुपये
श्रेणी-4 में कार्यालय सहायक, लिफ्ट ऑपरेटर, लैब अटेंडेंट, अर्दली, अनुसेवक, माली, कुक, चौकीदार, पेंटर, बढ़ई, लोहार, क्लीनर और लाइब्रेरी अटेंडेंट जैसे कई पद शामिल हैं।
इन पदों के लिए न्यूनतम योग्यता पद के अनुसार आठवीं या 10वीं पास रखी गई है। इस श्रेणी के कर्मचारियों को 20000 रुपये प्रति माह मानदेय मिलेगा।
सिर्फ पैसा नहीं, सुविधाओं पर भी जोर
नई व्यवस्था में सरकार का जोर केवल मानदेय बढ़ाने पर नहीं है। कोशिश यह है कि आउटसोर्स कर्मचारियों को भर्ती से लेकर भुगतान तक एक तय और पारदर्शी व्यवस्था मिले और एजेंसियों के स्तर पर उनका शोषण न हो।
यानी आने वाले समय में आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए सिर्फ बढ़ा हुआ मानदेय ही नहीं, बल्कि नौकरी से जुड़ी कई बुनियादी सुविधाओं और सुरक्षा का दायरा भी बढ़ने की उम्मीद है।
