भारतीय रिजर्व बैंक ने लघु एवं सीमांत किसानों को रियायती ऋण देने हेतु आधार कार्ड आवश्यक कर दिया है. इस मामले में आरबीआई ने सभी बैंकों को निर्देश जारी किए है. आरबीआई के निर्देशानुसार किसानों को उनके खाते में सब्सिडी वाले ऋण हेतु खाते से आधार कार्ड लिंक कराना अनिवार्य होगा.
रिजर्व बैंक के अनुसार 'ब्याज छूट योजना का किसानों को फायदा देने हेतु सभी बैंकों को सुझाव दिया जाता है कि वे वित्त वर्ष 2017-18 में कम अवधि का फसल ऋण देते समय आधार कार्ड अनिवार्य करें.
ऐसे किसानो को रियायती ऋण का लाभ नहीं मिल सकेगा जिनका बैंक खाता आधार कार्ड से लिंक नहीं किया जाएगा. केंद्र सरकार का लक्ष्य उन किसनों पर रोक लगाना है जो एक से अधिक बैंकों से ऋण लेकर रियायतों का लाभ ले रहे हैं.
समयावधि से पूर्व ऋण चुकाने पर लाभ -
- आरबीआई ने समयावधि से पूर्व ऋण चुकाने वाले किसानों को को ब्याज दर में तीन प्रतिशत की अतिरिक्त छूट भी प्रदान करने की घोषणा की.
- केंद्र सरकार के नियमानुसार किसानों को कम अवधि हेतु तीन लाख रुपए तक का फसल ऋण 7 प्रतिशत की घटी हुई ब्याज दर पर प्रदान किया जाएगा.
- किसान द्वारा यदि यह ऋण समय से पहले चुका दिया जाएगा तो यह ब्याज 4 फीसदी कर दिया जाएगा.
- इससे पूर्व केंद्र सरकार बैंकों से लेकर मोबाइल तक के लिए आधार कार्ड को आवश्यक कर चुकी है.
फसल ऋण रियायती योजना-
केंद्र सरकार ने देश में कृषि उत्पादकता और उत्पादन पर जोर देने के लिए किफायती दर पर लघुकालिक फसल ऋण रियायती दर पर उपलब्ध करने हेतु योजना का शुभारम्भ किया था. जिसके तहत किसानों को अधिकतम 1 वर्ष के लिए अधिकतम 3 लाख रुपये के लघुकालिक फसल ऋण का समय पर भुगतान करने वाले सभी किसानों को प्रतिवर्ष 5% ब्याज अनुदान देगी. इस तरह किसानों को केवल 4% ब्याज देना होगा.
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