Nepal Floods GK: नेपाल में बाढ़ की खबरों के बीच बिहार में भी चिंता बढ़ गई है। दरअसल, नेपाल और बिहार की भौगोलिक स्थिति एक-दूसरे से काफी जुड़ी हुई है। नेपाल में तेज बारिश या बाढ़ का असर बिहार की कई नदियों और सीमावर्ती इलाकों में भी देखने को मिल सकता है। यही वजह है कि नेपाल में बाढ़ की स्थिति बनते ही बिहार में भी लोगों की नजरें सीमा से सटे जिलों पर टिक जाती हैं।
लेकिन क्या आप जानते हैं कि बिहार के कितने जिले नेपाल के साथ अंतरराष्ट्रीय सीमा साझा करते हैं? अगर नहीं, तो यह जानकारी आपके सामान्य ज्ञान में जरूर होनी चाहिए। बिहार के कुल 7 जिले नेपाल से सीमा साझा करते हैं।
बिहार के कितने जिले नेपाल से है सटे
बिहार की सीमा मे पश्चिम से पूर्व की ओर नजर दौड़ाएं तो ज्ञात होता है की राज्य के 7 जिले नेपाल से सीमा साझा करते है, जिनमे पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण और सीतामाणी जैसे प्रमुख जिले शामिल है, आप यहां सभी जिलों के नाम देख सकते है-
पश्चिमी चंपारण
पूर्वी चंपारण
सीतामाणी
मधुबनी
सुपौल
अररिया
किशनगंज
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पश्चिमी चंपारण से शुरू होता है सीमावर्ती क्षेत्र
आपकी जानकारी के लिए बात दें की बिहार के पश्चिमी हिस्से मे स्थित पश्चिमी चंपारण से सीमावर्ती जिलों की शुरुआत होती है, यह जिला प्राकृतिक खूबसूरती और सीमावर्ती जिला होने के कारण काफी मशहूर है।
सीतामढ़ी और मधुबनी का भी बिहार से खासा कनेक्शन
बिहार के ये दोनों जिले भी बिहार से सीमा साझा करते है जहां दोनों क्षेत्रों में भारत और नेपाल के बीच लोगों की आवाजाही लंबे समय से होती रही है।
अररिया और किशनगंज हैं बिहार के पूर्वी सीमावर्ती जिले
बिहार के पूर्वी हिस्से की बात करें तो अररिया और किशनगंज नेपाल की सीमा से जुड़े हैं। अररिया का जोगबनी क्षेत्र भारत-नेपाल के बीच व्यापार और आवागमन के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण है।
सुपौल जिला भी रखता है खासा स्थान
बिहार का सुपौल जिला भी नेपाल से सीमा साझा करता है, इस क्षेत्र में कोसी नदी का प्रभाव अधिक रहता है, नेपाल में भारी बारिश होने पर नदियों के जलस्तर में बदलाव का असर इस जिलें मे भी देखने को मिलता है।
ऐसे मे हम कह सकते है कि नेपाल की सीमा से जुड़े बिहार के ये 7 जिले न सिर्फ भौगोलिक रूप से महत्वपूर्ण हैं, बल्कि दोनों देशों के बीच सामाजिक, सांस्कृतिक और व्यापारिक रिश्तों में भी अहम भूमिका निभाते हैं।
