केंद्र सरकार ने उत्तर प्रदेश में 1000 प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना केन्द्र खोलने की घोषणा की है. इस सम्बन्ध में रसायन और उर्वरक मंत्रालय के अंतर्गत भारत के फार्मा ब्यूरो पीएसयू (बीपीपीआई) ने भारत सरकार की तरफ से तथा उत्तर प्रदेश सरकार के व्यापक स्वास्थ्य और एकीकृत सेवा राज्य एजेंसी (एसएसीएचआईएस) ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए.
लखनऊ में समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर कार्यक्रम की अध्यक्षता केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग, नौवहन और रसायन एवं उर्वरक राज्य मंत्री, मनसुख लाल मांडवीय भारत सरकार और उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह और स्वास्थ्य राज्य मंत्री डॉ. महेन्द्र सिंह ने की. उर्वरक राज्य मंत्री, मनसुख लाल मांडवीय ने राज्य के लिए पीएमबीजेपी योजना की वेबसाइट का भी शुभारम्भ किया.
इस वेबसाइट के माध्यम से लोगों को इस योजना के बारे में अधिक जानकारी, जन-औषधि केंद्रों की स्थिति और उस समय उपलब्ध दवाइयों और उनकी कीमतों के बारे में और जानने में सहायता मिलेगी.
उद्देश्य-
• प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना केन्द्र का उद्देश्य समाज के निर्धन और वंचित वर्गों को सस्ती और श्रेष्ठ औषधियां उपलब्ध कराना है.
• इस योजना के अंतर्गत उपलब्ध दवाएं उच्चतम गुणत्ता के मानदंडों को पूरा करती हैं.
• योजना के अंतर्गत उपलब्ध दवाएं सरकार द्वारा महंगी बड़ी कंपनियों की तुलना में बहुत कम कीमत पर उपलब्ध कराई जाती हैं.
लाभ-
• पीएमबीजेपी योजना के अंतर्गत देशभर में खोले गये जन औषधि केंद्रों पर 600 से अधिक दवाएं और 150 से अधिक शल्य चिकित्सा और अन्य चिकित्सा वस्तुओं को सस्ती दरों पर उपलब्ध कराया जा रहा है.
• इस योजना के अंतर्गत उपलब्ध दवाइयों की संख्या जल्द ही बढ़ाकर 1000 कर दी जाएगी.
• योजना के अंतर्गत केंद्र खोलने वाले लोगों को भारत सरकार 2,50,000 रुपये तक की वित्तीय सहायता प्रदान कर रही है.
• समाज के अधिक से अधिक गरीब और वंचित वर्ग को इस योजना का लाभ देने हेतु पीएमबीजेपी योजना के 1000 स्टोर सरकारी अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर खोले जाएंगे.
उर्वरक राज्य मंत्री, मनसुख लाल मांडवीय के अनुसार पीएमबीजेपी के तहत कार्डिएक स्टेंट की लागत लगभग 85 प्रतिशत कम कर दी गई है. इस योजना से उन गरीब मरीजों को लाभ होगा जो पहले मंहगी दवाएं वहन नहीं कर सकते थे.
मंत्रिमंडल द्वारा पूर्व में ही अस्पताल परिसरों में केंद्र खोलने की मंजूरी प्रदान कर दी गई है और करीब 400 जन- औषधि केंद्रों का आवंटन किया जा चुका है.

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