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इतिहास

General Knowledge for Competitive Exams

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प्राचीन भारतीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी के बारे में महत्वपूर्ण तथ्य

प्राचीन भारत के वैज्ञानिकों ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में बहुमूल्य योगदान दिया है| यहाँ हम प्राचीन भारत के वैज्ञानिकों द्वारा विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में दिए गए बहुमूल्य योगदान का सक्षिप्त विवरण दे रहे हैं जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है|

प्राचीन भारतीय राजवंश और उनके योगदान का संक्षिप्त विवरण

भारत का इतिहास बहुत व्यापक है जो कई राजवंशों के उत्थान और पतन का गवाह रहा है| यहाँ हम "प्राचीन भारतीय राजवंश और उनके योगदान” का संक्षिप्त विवरण दे रहे हैं जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है|

प्रमुख एवं लघु शिलालेखों तथा स्तंभलेखों की सूची

शिलालेखों में मूल रूप से राज्य को चलाने में सहायक व्यावहारिक निर्देश जैसे- सिंचाई प्रणालियों की योजना, सम्राटों के शांतिपूर्ण नैतिक व्यवहार की व्याख्या की गई थी| इन शिलालेखों की व्याख्या सर्वप्रथम ब्रिटिश पुरातत्वविद् और इतिहासकार जेम्स प्रिंसेप द्वारा की गई थी|

ऋग्वैदिक कालीन देवी एवं देवताओं की सूची

वैदिक लोग प्राकृतिक शक्तियों को साकार रूप में मानते थे और उन्हें “मनुष्य” और “पशु” का सृजन कर्ता के रूप में देखते थे| यहाँ हम ऋग्वैदिक कालीन देवी एवं देवताओं की सूची दे रहे हैं जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है|

भारत में सूफी आन्दोलन का संक्षिप्त विवरण

“सूफी” शब्द की उत्पत्ति अरबी शब्द “सफा” से हुई है जिसके दो अर्थ हैं- पहला, ऐसे व्यक्ति जो ऊनी वस्त्र पहनते हैं और दूसरा, शुद्धता और पवित्रता| सूफीवाद कुरान की उदार व्याख्या, जिसे “तरीकत” कहा जाता है, के साथ जुड़ा हुआ है। शरीयत में कुरान की रूढ़िवादी व्याख्या की गई है। सूफीवाद का मानना है कि “हक” (ईश्वर) और “खलक” (आत्मा) एक ही है|

छठी शताब्दी ई.पू. के प्रमुख भारतीय गणराज्यों की सूची

छठी शताब्दी ईसा पूर्व में भारत में महाजनपदों के अलावा पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार एवं या सिंधु घाटी में कई गणराज्यों का अस्तित्त्व था| इन गणराज्यों में, वास्तविक शक्ति जनजातीय कबीलों के हाथों में था| यहाँ हम छठी शताब्दी ई.पू. के विभिन्न भारतीय गणराज्यों की सूची दे रहे हैं जो सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए उपयोगी है|

सिन्धु घाटी सभ्यता (हड़प्पा सभ्यता) का संक्षिप्त विवरण

सिंधु घाटी सभ्यता दुनिया की चार प्रारम्भिक सभ्यताओं (मेसोपोटामिया या सुमेरियन सभ्यता, मिस्र सभ्यता और चीनी सभ्यता) में से एक है| यहाँ हम सिन्धु घाटी सभ्यता (हड़प्पा सभ्यता) का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत कर रहे हैं जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है|

प्राचीन भारतीय पुस्तक एवं उनके लेखकों की सूची

हड़प्पाकालीन लोग पढना लिखना जानते थे लेकिन दुर्भाग्यवश उनकी लिपि को पढ़ा नहीं जा सका है| लेकिन भारत की साहित्यिक परंपरा 300 वर्षों से अधिक पुरानी है| प्रारंभिक वैदिक काल में संस्कृत भाषा का वर्चस्व था लेकिन बाद में पाली और प्राकृत भाषा भी विकसित हुई थी| यहाँ हम प्राचीन भारत के लेखक एवं उनके द्वारा लिखी गई पुस्तकों की सूची दे रहे हैं जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है|

गुप्त साम्राज्य: एक संक्षिप्त विवरण

गुप्त साम्राज्य के काल को भारत का स्वर्ण युग कहा जाता है, क्योंकि इस काल में विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग, कला, साहित्य, तर्कशास्त्र, गणित, खगोल विज्ञान, धर्म और दर्शन के क्षेत्र में व्यापक आविष्कार और खोज हुए थे जिन्होंने हिन्दू संस्कृति के तत्वों को प्रबुद्ध किया था| यहाँ हम गुप्त साम्राज्य का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत कर रहे हैं जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है|

मगध साम्राज्य के उदय एवं विकास का संक्षिप्त विवरण

मगध साम्राज्य की उत्पत्ति उस समय हुई थी जब 6ठी शताब्दी ईसा पूर्व से 4थी शताब्दी ई.पू. तक चार महाजनपद मगध, कोशल, वत्स और अवंती एक-दूसरे के ऊपर वर्चस्व स्थापित करने के लिए संघर्ष में लगे हुए थे| अंततः मगध उत्तर भारत में सबसे शक्तिशाली और समृद्ध साम्राज्य के रूप में उभरा| यहाँ हम मगध साम्राज्य के उदय एवं विकास का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत कर रहे हैं जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है|

प्राचीन भारतीय विद्वानों और उनके संरक्षकों की सूची

प्राचीन भारतीय साहित्य कई प्रसिद्ध विद्वानों द्वारा प्रभावित रहा है। इन विद्वानों में राजा, संत, ऋषि, गणितज्ञ और कला एवं साहित्य के जानकार लोग थे| यहाँ हम प्राचीन भारतीय विद्वानों एवं उनके संरक्षकों की सूची दे रहे हैं जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है|

गुप्त राजाओं द्वारा धारण की गई उपाधियों की सूची

गुप्त राजवंश 275 ईसवी में सत्ता में आया था| लेकिन इस राजवंश के आरंभिक शासकों की जानकारी स्पष्ट नहीं है। इस राजवंश के पहले दो शासक श्रीगुप्त और घटोत्कच महाराज की उपाधि से संतुष्ट थे। यहाँ हम गुप्त राजाओं एवं उनकी उपाधियों की सूची दे रहे हैं जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है|

प्राचीन भारतीय राजा एवं उनके दरबारी कवियों की सूची

प्राचीन काल में कवि एवं लेखक राजाओं के दरबार में आकर्षण के केन्द्र थे| ये कवि एवं लेखक अपने काव्य एवं गद्य के माध्यम से राजा एवं दरबारियों का मनोरंजन एवं गुणगान करते थे| यहाँ हम प्राचीन भारतीय राजाओं एवं उनके दरबारी कवियों की सूची दे रहे है जो विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले उम्मीदवारों के अलावा उन पाठकों के लिए भी उपयोगी है जो भारत की सांस्कृतिक विरासत में दिलचस्पी रखते हैं|

प्रागैतिहासिक और सिंधु घाटी सभ्यता कालीन पुरातात्विक खोज एवं साक्ष्यों की सूची

मानव संस्कृतियों को बेहतर ढंग से समझने के लिए पुरातात्विक सिद्धांत की महत्वपूर्ण भूमिका होती है, जो खुदाई के दौरान प्राप्त साक्ष्यों और निष्कर्षों की व्याख्या पर आधारित होते हैं| पुरातात्विक रिकॉर्ड के रूप में प्राचीन वस्तुओं के अलावा समकालीन कलाकृतियां भी हो सकती हैं| यहाँ हम प्रागैतिहासिक और सिंधु घाटी सभ्यता कालीन पुरातात्विक खोज एवं साक्ष्यों की सूची दे रहे हैं जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है|

भारत के प्राचीन ऐतिहासिक स्मारक एवं उसके निर्माणकर्ताओं की सूची

कला हमारी संस्कृति की एक बहुमूल्य विरासत है। जब हम कला के बारे में बात करते हैं तो हमारा तात्पर्य वास्तुकला, मूर्तिकला और चित्रकला से होता है| यहाँ हम भारत के प्राचीन ऐतिहासिक स्मारकों एवं उसके निर्माणकर्ताओं की सूची दे रहे हैं जो UPSC-prelims, SSC, State Services, NDA, CDS, and Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है|

दिल्ली सल्तनत: कला, शिक्षा और व्यापार

दिल्ली सल्तनत या सल्तनत-ए-हिन्द/सल्तनत-ए-दिल्ली 1210 से 1526 तक भारत पर शासन करने वाले पाँच वंश के सुल्तानों के शासनकाल को कहा जाता है। दिल्ली सल्तनत पर राज करने वाले पाँच वंशों में चार वंश मूल रूप से तुर्क थे जबकि अंतिम वंश के शासक अफगान थे। इस लेख में हम सल्तनतकालीन कला, शिक्षा और व्यापार से संबंधित जानकारी दे रहे हैं|

चोल काल में निर्मित मंदिरों की सूची

चोलकालीन मंदिरों का निर्माण चोल साम्राज्य के महान राजाओं द्वारा किया गया था| ये मंदिर सम्पूर्ण दक्षिण भारत के अलावा भारत के पड़ोसी द्वीपों पर भी फैले हुए हैं। इन मंदिरों में 11वीं और 12वीं शताब्दी में निर्मित तीन मंदिर दरासुरम का एरावतेश्वर मंदिर, गांगेयकोंडचोलपुरम के मंदिर और तंजौर का बृहदेश्वर मंदिर प्रमुख हैं|

शहीद भगत सिंह ने क्यों कहा कि "मैं नास्तिक हूँ"

भगत सिंह का जन्म सितम्बर 1907 में पंजाब में हुआ था और सैंडर्स की हत्या के आरोप में दोषी पाये जाने के कारण 23 मार्च 1931 को उन्हें लाहौर के सेंट्रल जेल में फांसी दे दी गयी थी | उन्होंने 5,6 अक्टूबर 1931 को लाहौर के सेंट्रल जेल से एक धार्मिक आदमी को जवाब देने के लिये एक निबंध लिखा था जिसने उनके ऊपर नास्तिक होने का आरोप लगाया था |  भगत सिंह की उम्र उस समय 23 वर्ष की थी|

जहाँगीर ने ऐसा ना किया होता तो भारत अंग्रेजों का गुलाम कभी ना बनता

1615 में जहांगीर के दरबार (मुगल सम्राट) में सर थॉमस रो की भारत यात्रा ने अंग्रेजों के लिए भारत में व्यापार के दरवाज़े खोल दिए, लेकिन जानने योग्य यह है कि भारतीय भूमि पर ऐसा क्या हुआ जिससे इस तुच्छ तथ्य ने जहांगीर के कदमो को भारतीय इतिहास में एक दिलचस्प झलक बना दी।  

जानें चाय का इतिहास जिसका सेवन आप रोज़ करते है !

चाय पीने का इतिहास 750 ईसा पूर्व से है आम तौर पर भारत में चाय उत्तर-पूर्वी भागों और नीलगिरि पहाड़ियों में उगायी जाती है। टी को चाय के नाम से भी जाना जाता है और भारत में हर जगह यह प्रसिद्ध है, आप इसे विभिन्न चाय की दुकानों और रेलवे प्लेटफॉर्म आदि में देख सकते हैं और यह आसानी से उपलब्ध हो जाती है।आज भारत दुनिया में चाय का सबसे बड़ा उत्पादक है।

क्या कभी सोचा है कि भारत देश का नाम “भारत” ही क्यों पड़ा?

विश्व में भारत सबसे पुरानी सभ्यता का एक जाना-माना देश है जहाँ वर्षों से कई प्रजातीय समूह एक साथ रहते हैं। भारत विविध सभ्यताओं का देश है जहाँ लोग अपने धर्म और इच्छा के अनुसार लगभग 1650 भाषाएँ और बोलियों का इस्तेमाल करते हैं। संस्कृति, परंपरा, धर्म, और भाषा से अलग होने के बावजूद भी लोग यहाँ पर एक-दूसरे का सम्मान करते हैं | प्राचीन काल से ही हमारे देश को भारत (संस्कृत का शब्द है) के नाम से पुकारा जाता है | भारत का नाम 'भारत' कैसे पड़ा इसके पीछे कई इतिहासकारों ने अपने अपने विचार रखे है|

जाने भारत ‌- पाकिस्तान के बीच कितने युद्ध हुए और उनके क्या कारण थे

वर्ष 1947 में ग्रेट ब्रिटेन से स्वतंत्र होने के बाद भारत से अलग कर पाकिस्तान बनाया गया था । भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध की श्रृंखला को भारत– पाकिस्तान युद्ध का नाम दिया जाता है । सबसे हिंसक युद्ध 1947-48, 1965, 1971 और 1999 में हुए। युद्ध के अन्य कई कारणों में सीमा विवाद, कश्मीर समस्या, जल विवाद और आतंकवाद के मुद्दे पर विवाद रहे हैं।

वैदिक साहित्य की सूची

वेद शब्द का अर्थ "ज्ञान" होता है | वैदिक साहित्य आर्य और वैदिक काल के बारे में जानने का सबसे महत्वपूर्ण स्रोत हैं| इन साहित्यों का  विकास कई शताब्दियों में हुआ है और इनका आदान प्रदान एक पीढ़ी से दूसरे पीढ़ी के बीच मौखिक रूप से हुआ है जिस कारण इन्हें  "श्रुति" भी कहा जाता है |वैदिक साहित्य की सूची दी जा रही है जो यूपीएससी, एसएससी, सीडीएस, एनडीए, राज्य सेवाओं, और रेलवे आदि जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए बहुत महत्वपूर्ण है|

भारत के महान मुगल सम्राटों की सूची

मुगल राजवंश की स्थापना बाबर ने की थी जिसके पिता तैमुर वंश के थे जबकि माता चंगेज खां की वंशज थी| यहाँ भारत के महान मुग़ल शासकों की सूची दी जा रही है जो UPSC, PCS, SSC, NDA, CDS और रेलवे जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए बहुत ही उपयोगी है|

भारतीय आधुनिक इतिहास की महत्वपूर्ण घटनाओं और तारीखों की सूची

पर्सी बिशे शेली के अनुसार- 'इतिहास एक चक्रि‍य कविता, समय से लिखा आदमी की यादों पर है'| यहाँ हम आधुनिक इतिहास की महत्वपूर्ण तारीखों और घटनाओं की सूची दे रहे हैं, एक कालानुक्रमिक ढंग से साथ ही साथ महत्वपूर्ण घटनाएं जो भारत के आधुनिक इतिहास में हुआ हैं जो की यूपीएससी - पहले सत्र, आईएएस - पहला सत्र, सीपीएफ, सीडीएस, एनडीए और विभिन्‍न राज्यों के पीएससी परिक्षाओं में बहुत मददगार रहेगा|

भारत में ब्रिटिश शासन के दौरान विभिन्न शैक्षिक समितियों की सूची

ब्रिटिशों ने शिक्षा के क्षेत्र में एक दोहरी नीति अपनाई जिससे प्राच्य प्रचलित शिक्षा प्रणाली हतोत्साहित हुई और पश्चिमी शिक्षा और अंग्रेजी भाषा को महत्व मिला| यहाँ हम 'भारत में ब्रिटिश शासन के दौरान विभिन्न शैक्षिक समितियों की सूची' दे रहे हैं जिससे छात्रों को यूपीएससी, एसएससी, राज्य सेवाओं, एनडीए, सीडीएस और रेलवे आदि में परीक्षाओं की तैयारी के लिए मदद मिलेगी|

ब्रिटिश शासन के दौरान भारत में विभिन्न सुधारों और अधिनियमों की सूची

भारतीय प्रदेशों पर पूर्ण नियंत्रण स्थापित करने के बाद, अंग्रेजों ने व्यापार को प्रोत्साहित करने के लिए भारत में विभिन्न सुधार और अधिनियम लाये ताकि वो  ना सिर्फ  प्रशासनिक तौर से बल्कि सामाजिक व्यवस्था में भी उनकी पकड़ मजबूत हो सके | इस संबंध में, उन्‍होंने लोगों के सामाजिक जीवन को सुधारने के लिए बहुत सारे ऐसे कदम उठाए| हम यहाँ  ब्रिटिश भारत के दौरान विभिन्न सुधारों और अधिनियमों की सूची दे रहे हैं|

भारतीय इतिहास में महत्वपूर्ण हस्तियों और उनके योगदान की सूची

भारत की राजनितिक, सामाजिक और आर्थिक संरचना में कही न कही हमारे स्वतंत्रता सेनानी और नेताओं का महत्पूर्ण योगदान रहा है । हम यहाँ हमारे स्वतंत्रता सेनानी और नेताओं के महत्पूर्ण योगदान की सूचि दे रहे हैं जो परीक्षार्थी के  लिए बहुत लाभ प्रद सिद्ध हो सकता है |

भारत में ब्रिटिश काल के दौरान ब्रिटिश गवर्नर्स जनरल की सूची

ब्रिटिश गवर्नर् जनरल मूल रूप से भारत में ब्रिटिश प्रशासन के मुखिया थे । ये कार्यालय फोर्ट विलियम के प्रेसीडेंसी के गवर्नर जनरल के शीर्षक के साथ 1773 में बनाया गया था। हम यहाँ भारत में ब्रिटिश काल के दौरान ब्रिटिश गवर्नर् जनरल की सूची दी जा रही है जिससे परीक्षार्थी आसानी से कालक्रम और उनके योगदान के बारे में याद रख सकते हैं।

ब्रिटिश भारत के दौरान ब्रिटिश वायसराय की सूची

1857 के विद्रोह के बाद, अगस्त 1858 को ब्रिटिश संसद ने एक अधिनियम पारित जिसके द्वारा कंपनी के शासन को समाप्त कर दिया गया था । भारत में ब्रिटिश सरकार का नियंत्रण ब्रिटिश क्राउन को हस्तांतरित किया गया और लार्ड कैनिंग को भारत का पहला वायसराय बनाया गया था। यहाँ हम ब्रिटिश भारत के दौरान ब्रिटिश वायसराय की सूची दे रहे है जिससे परीक्षार्थी आसानी से कालक्रम और उनके योगदान के बारे में याद रख सकते हैं ।

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