मद्रास हाईकोर्ट ने 25 जुलाई 2017 को एक अहम फैसला सुनाते हुए कहा कि तमिलनाडु के सभी सरकारी स्कूलों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों में सप्ताह में कम से कम से कम एक दिन वंदे मातरम का गायन आवश्यक रूप से किया जाए. इसके लिए मद्रास हाईकोर्ट ने सोमवार या शुक्रवार का दिन निर्धारित करने के निर्देश दिए.
हाईकोर्ट ने इसके साथ ही सरकारी दफ्तरों, संस्थानों, निजी कंपनियों, फैक्ट्रियों और औद्योगिक संस्थानों में भी कम से कम महीने में एक बार वंदे मातरम का गायन करने को कहा.
मुख्य तथ्य:
• हाईकोर्ट ने कहा कि यदि कोई वंदे मातरम नहीं गाने का उपयुक्त कारण बताता है तो उस पर इसका गायन करने के लिए दबाव नहीं बनाया जा सकता है.
• जस्टिस एमवी मुरलीधरन ने राज्य सरकार को आदेश दिया है कि वह सरकारी वेबसाइटों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अंग्रेजी और तमिल भाषा में राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' उपलब्ध कराए.
• हाईकोर्ट ने कहा कि अगर बांग्ला या संस्कृत में राष्ट्रीय गीत को गाने में मुश्किल लगता हो तो वे तमिल में राष्ट्रीय गीत का अनुवाद करने हेतु प्रयास किए जाने चाहिए.
मालूम हो कि इससे पहले साल वर्ष 2016 में सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक अहम फैसले में सभी सिनेमा घरों में फिल्म दिखाए जाने से पहले राष्ट्रगान जन गन मन को गाना अनिवार्य कर दिया था.

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