खाड़ी बहु-क्षेत्रीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग पहल (बिम्सटेक) की 15वीं विदेश मंत्री बैठक 10 अगस्त 2017 को काठमांडु के सोल्टी क्राउन प्लाजा में आयोजित की गई. बिम्सटेक बैठक का मुख्य उद्देश्य बंगाल की खाड़ी से लगे दक्षिण एशियाई और दक्षिणपूर्व देशों के बीच आर्थिक सहयोग बनाना है. बैठक में व्यापार, आतंकवाद, गरीबी निवारण, परिवहन, पर्यटन, संचार, उर्जा, कृषि, जनस्वास्थ्य, वातावरण एवं प्राकृतिक आपदा के साथ ही जलवायु परिवर्तन जैसा विषयों पर बातचीत हुई.

दो दिवसीय बैठक 11 अगस्त 2017 के लिए निर्धारित 15 वीं बिम्सटेक की मंत्रिस्तरीय बैठक के एजेंडे को निर्धारित करेगी. विदेश मामलों के सचिव शंकर दास बैरागी ने बैठक में नेपाली प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया है.
भारतीय टीम के विदेश मामलों के सचिव, प्रीती सरन, विदेश मंत्रालय के सचिव सोनम त्सोंग और बांग्लादेशी टीम द्वारा विदेश मामलों के मंत्रालय के सचिव मोहम्मद शाहिदुल हक की अगुवाई में नेतृत्व किया है.
बिम्सटेक देशों के विदेश मंत्रियों के सम्मेलन में भाग लेने आयीं विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने यहां नेपाल की राष्ट्रपति विद्यादेवी भंडारी और प्रधानमंत्री शेरबहादुर देउबा से भेंट की तथा भारत-नेपाल संबंधों में ढांचागत विकास, पनबिजली और कनेक्टिविटी परियोजनाओं को लेकर सहयोग बढ़ाने को लेकर विचार विमर्श हुआ.
15वीं बिम्सटेक मंत्रिस्तरीय बैठक में नेपाल के अलावा बंगलादेश, भारत, म्यांमार, श्रीलंका, थाईलैण्ड और भूटान के मंत्री भी शामिल थे.
नेपाल के प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा ने 15वीं मंत्रिस्तरीय बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि दुनिया के किसी भी क्षेत्र की तरह बिम्सटेक क्षेत्र आतंकवाद के खतरों से मुक्त नहीं रहा है. प्रधानमंत्री देउबा ने कहा की आतंकवाद, सीमापार अपराध, मानव एवं मादक पदार्थ तस्करी ने हमारे समाज में शांति एवं सद्भाव को बहुत बाधा नुकसान पहुंचाया है.

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