प्रख्यात ध्रुपद गायक उस्ताद जिया फरीदुदीन डागर का मुम्बई में 8 मई 2013 को निधन हो गया. वह 80 वर्ष के थे और कुछ समय से बीमार थे.
उस्ताद जिया फरीदुदीन डागर के जीवन से संबंधित मुख्य त्थ्य
• ध्रुपद गायिकी को लोकप्रिय बनाने और इस परंपरा को आगे बढ़ाने में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
• वर्ष 2012 में उन्हें पद्मश्री सम्मान से अलंकृत किया गया.
• वह डागरबानी संगीत परम्परा के 19वीं पीढ़ी के संगीतज्ञ थे, जिन्होंने अपना पूरा जीवन इसके प्रचार-प्रसार में लगा दिया.
• उस्ताद जिया फरीदुदीन डागर को स्वर-भेद और गमक पर महारत के लिए विशेष रूप से जाना जाता था.
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