केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती मेनका गांधी ने 19 अप्रैल 2016 को औपचारिक रूप से 61 अतिरिक्त जिलों में बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना का शुभारंभ किया. इसकी घोषणा नई दिल्ली के विज्ञान भवन में एक उच्च स्तरीय सम्मेलन में की गई. जिसमें महिला एवं बाल विकास मंत्रालय/ सामाजिक कल्याण, शिक्षा एवं स्वास्थ्य विभागों के मुख्य सचिव, नये 61 बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ जिलों के उपायुक्त/कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट ने भाग लिया.
इस अवसर पर एक प्रदर्शनी गैलरी कुछ प्रतिनिधि राज्यों एवं जिलों से योजना की यात्रा को प्रदर्शित की गई. इस अवसर पर एक पुस्तिका का भी अनावरण किया गया, जो बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना की यात्रा के एक वर्ष के समापन को प्रदर्शित करती है.
बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना की रूपरेखा गिरते शिशु लिंगानुपात के मुद्दे एवं एक जीवन चक्र अविच्छिनता के जरिये महिलाओं के अधिकार विहीनता के संबंधित मुद्दों के समाधान के लिए बनाई गई है. प्रारंभ में चुने हुए 100 जिलों में शुरू इस योजना के प्रमुख तत्वों में जागरुकता एवं पक्षधरता अभियान, 100 जिलों में बहु क्षेत्रवार कार्रवाई एवं गर्भाधान पूर्व एवं प्रसव पूर्व नैदानिक तकनीक (पीसी एंड पीएनडीटी) अधिनियम के कारगर क्रियान्वयन शामिल हैं. यह महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के साथ स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय तथा मानव संसाधन विकास मंत्रालय की एक त्रि-मंत्रिस्तरीय पहल है.
विदित हो कि बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना की शुरूआत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 22 जनवरी, 2015 को शुरू की गई थी और इसने क्रियान्वयन का एक वर्ष पूरा कर लिया है. अपने पहले वर्ष के समापन पर बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना को निम्न शिशु लिंगानुपात वाले 11 राज्यों/ केंद्रशासित प्रदेशों के अतिरिक्त 61 जिलों में विस्तारित किया जा रहा है.
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