प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 5 मार्च 2016 को बाबु जगजीवन राम की जन्मजयन्ती पर नोएडा, उत्तर प्रदेश में 'स्टैंड अप इंडिया योजना' का शुभारम्भ किया.
इस योजना के तहत बैंक अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति तथा महिला उद्यमियों को 10 लाख रुपए से एक करोड़ रुपए तक का कर्ज देंगे जिससे रोजगार पैदा करने वाले उद्दमियों को बढ़ावा मिलेगा.
सरकार इस योजना के तहत 2.5 लाख दलित उद्यमी तैयार करेगी.
स्टैंड अप इंडिया योजना मुख्य विशेषताएं:
• 10000 करोड़ रुपये की प्रारंभिक धनराशि के साथ भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (सिडबी) के माध्यम से पुनर्वित्त खिड़की (रिफाइनैंस विंडो) देना.
• राष्ट्रीय क्रेडिट गारंटी ट्रस्टी कंपनी (एनसीजीटीसी) के जरिए क्रेडिट गारंटी तंत्र बनाया जायेगा.
• यह उधारकर्ताओं को ऋण पूर्व चरण और संचालन दोनों के दौरान सहायता प्रदान करेगा.
• इसका फोकस अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति और महिला उधारकर्ताओं को समर्थन देना है.
• इसका उद्देश्य 7 वर्ष तक बैंक का कर्ज चुकाने की सुविधा के साथ आबादी के पिछड़ों तक संस्थागत ऋण संरचना का लाभ पहुंचाना है.
• अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति और महिला उधारकर्ताओं द्वारा गैरकृषि क्षेत्र वाले सेटअप में ग्रीनफिल्ड इंटरप्राइजेज के लिए 10 लाख रुपयों से एक करोड़ रुपयों के बीच की धनराशि उपलब्ध कराना है.
• इस योजना के तहत ऋण उचित तरीके से संरक्षित एवं ऋण गारंटी योजना के माध्यम से ऋण गारंटी द्वारा समर्थित करना होगा. इसके लिए वित्तीय सेवा विभाग निपटानकर्ता होगा.
• राष्ट्रीय क्रेडिट गारंटी ट्रस्ट कंपनी (एनसीजीटीसी) ऋण के लिए संचालक एजेंसी होगी.
• संयुक्त ऋण की मार्जिन मनि 25फीसदी तक होगा.
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 15 अगस्त 2015 को अपने भाषण में ‘स्टार्ट अप इंडिया, स्टैंड अप इंडिया’ पहल की घोषणा की थी.
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