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हरियाणा सरकार ने तृतीय और चतुर्थ श्रेणी नौकरियों में साक्षात्कार खत्म किया

Sep 14, 2017 13:07 IST

हरियाणा की मनोहर लाल सरकार ने राज्‍य में तीसरी और चौथी श्रेणी के कर्मचारियों की भर्ती में इंटरव्‍यू समाप्त कर दिया. राज्य सरकार ने इस संबंध में कैबिनेट की बैठक में फैसला किया. इससे सरकारी नौकरियों में भ्रष्टाचार खत्म करने और पारदर्शिता लाने में मदद मिलेगी.

केंद्र सरकार पूर्व में ही तृतीय व चतुर्थ श्रेणी की सरकारी नौकरियों में इंटरव्यू सिस्टम खत्म कर चुकी है. इसके बाद नौकरियों में भर्ती के समय कोई राजनेता मनमानी नहीं कर सकेगा. अब लिखित परीक्षा में मेरिट के आधार पर ही नौकरियां मिलेंगी.

पूर्व प्रक्रिया में फैसला लागू नहीं-
हरियाणा राज्य कर्मचारी चयन आयोग द्वारा तृतीय श्रेणी के जिन पदों हेतु भर्ती प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है, उन पर यह फैसला लागू नहीं किया जाएगा. भविष्य में आयोग तृतीय व चतुर्थ श्रेणी के जितने भी पदों के लिए विज्ञापन जारी करेगा, उन सभी में इंटरव्यू प्रणाली लागू नहीं की जाएगी.

साथ ही गुजरात, पंजाब, उत्तर प्रदेश व हिमाचल प्रदेश की सरकारें भी नौकरियों में इंटरव्यू सिस्टम को खत्म कर चुकी है. नौकरियों में इंटरव्यू सिस्टम को खत्म करने का निर्णय सबसे पहले गुजरात राज्य सरकार ने लिया.

केंद्र सरकार की ओर से राज्यों पर तीसरी व चतुर्थ श्रेणी की नौकरियों में इंटरव्यू सिस्टम खत्म करने का लगातार दबाव बनाया जा रहा था. मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में एकमत से इस पर सहमति बन गई. भाजपा कोर ग्र्रुप और मंत्री समूह की साप्ताहिक बैठकों में भी इस पर पूर्व में चर्चा की गई.

वर्तमान स्थिति-
क्लास थ्री और क्लास फोर की सरकारी नौकरियों में लिखित परीक्षा व इंटरव्यू का अनुपात अभी तक 100-12 का था. यानि 100 नंबर की परीक्षा में 88 अंक लिखित परीक्षा के और 12 अंक इंटरव्यू के स्कोर किए जाते थे. वर्तमान में जारी कंडक्टर भर्ती प्रक्रिया में यह अनुपात 200-25 का है. यानी लिखित परीक्षा में 175 अंक लाने होंगे और 25 अंक इंटरव्यू के होंगे.

तृतीय श्रेणी में पुलिस व शिक्षक भी शामिल-
हरियाणा में तृतीय श्रेणी की नौकरियों में पुलिस कर्मियों के साथ-साथ शिक्षक भी आते हैं. इन दोनों श्रेणी के अलावा ड्राइवर, कंडक्टर, पटवारी, टीजीटी, जेबीटी, सीएंडवी और इनके समकक्ष तृतीय श्रेणी की नौकरियों में माने जाते हैं.

चतुर्थ श्रेणी में चपरासी व चौकीदार-
राज्य में चतुर्थ श्रेणी की नौकरियों के दायरे में चपरासी, चौकीदार, माली, बेलदार और हेल्पर को रखा गया है.

चतुर्थ श्रेणी की नियमित भर्ती नहीं-
हरियाणा में वर्ष 1995 के बाद से चतुर्थ श्रेणी की कोई भी नियमित भर्ती नहीं की गई. पूर्ववर्ती हुड्डा सरकार ने अपने दूसरे कार्यकाल के अंतिम समय में भर्ती निकाली किन्तु भाजपा सरकार ने सत्ता में आने के बाद उसे निरस्त कर दिया.

हरियाणा के शिक्षा मंत्री प्रो. रामबिलास शर्मा के अनुसार राज्य सरकार ने इंटरव्यू सिस्टम खत्म कर दिया है. तृतीय श्रेणी की नौकरियों में शैक्षणिक स्टाफ और शिक्षक भी आते हैं. हजारों लिपिक, माली व अन्य काम करने वाले लोगों को बिना किसी सिफारिश के मेरिट के आधार पर नौकरियां प्रदान की जाएँगी.

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