एशिया का सबसे लंबा Wildlife Corridor कौन-सा है, जानें यहां
जल्द ही एशिया का सबसे लंबा Wildlife Corridor खुलने वाला है। इस कड़ी में इसे जुड़े मार्ग का ट्रायल शुरू हो गया है। आगामी दिनों में एशिया के सबसे लंबे जंगली कॉरिडोर से वाहन गुजर सकेंगे। इस लेख में हम जानेंगे कि आखिर यह कॉरिडोर कौन-सा है।
भारत अपनी विविधताओं के लिए जाना जाता है। यहां समय-समय पर ऐसी चीजों का निर्माण हुआ है, जिसने राष्ट्रीय स्तर पर नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाई है और नए भारत की तस्वीर पेश की है। इस कड़ी में हाल ही में भारत में बने एशिया के सबसे लंबे Wildlife Corridor से जुड़ी खबर सामने आई है।
खबर है कि यह कॉरिडोर जल्द ही खुलने वाला है, जिसके बाद जल्द ही वाहन जंगलों के बीच से गुजर सकेंगे और यह अपने आप में एक अनूठा अनुभव होगा। हालांकि, क्या आप जानते हैं कि एशिया का सबसे लंबा Wildlife Corridor कौन-सा है और क्या हैं इससे जुड़े तथ्य, जानने के लिए यह लेख पढ़ें।
क्या होता है Wildlife Corridor
सबसे पहले हम यह जान लेते हैं कि Wildlife Corridor(वन्यजीव गलियारा) क्या होता है। आपको बता दें कि वन्यजीव गलियारा वह क्षेत्र होता है, जो कि वन्यजीवों को उनके विभिन्न आवासों के बीच आवागमन के लिए एक सुरक्षित रास्ता प्रदान करता है। इस रास्ते के माध्यम से वन्यजीव भोजन, पानी और अपने साथी की तलाश में एक आवास से दूसरे आवास तक पहुंचते हैं। यह क्षेत्र मानव निर्मित और प्राकृतिक, दोनों ही हो सकते हैं।
एशिया का सबसे लंबा Wildlife Corridor
अब हम एशिया के सबसे लंबे Wildlife Corridor के बारे में जान लेते हैं। आपको बता दें कि यह कॉरिडोर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण(NHAI) द्वारा दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर बनाया गया है।
इस कॉरिडोर की कुल लंबाई 14 किलोमीटर है, जो कि एलिवेटेड है। यह राजाजी नेशनल पार्क और शिवालिक रिजर्व फॉरेस्ट क्षेत्र में वन्यजीवों की सुरक्षित आवाजाही के लिए बनाया गया है। इससे विशेष रूप से हाथियों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित होगी, जिससे मानव-वन्यजीव टकराव कम होगा।
क्या है Wildlife Corridor की विशेषताएं
इस Wildlife Corridor की विशेषता यह भी है कि इस मार्ग पर एक अंडरपास बनाया गया है, जिसके चारों ओर जंगली क्षेत्र है। वहीं, इस कॉरीडोर पर एक सुरंग भी बनी हुई है, जिसकी कुल लंबाई 340 मीटर है। ऐसे में यहां से गुजरने वाले वाहन सुरंग के माध्यम से निकल जाएंगे और वन्यजीवों की आवाजाही में भी कोई बाधा नहीं आएगी।
सिर्फ ढाई घंटे में पूरा होगा देहरादून तक का सफर
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे छह से 12 लेन वाला एक्सप्रेसवे है, जिसकी कुल लंबाई 210 किलोमीटर है। इसे अलग-अलग चार चरणों में बनाया गया है। यह एक्सप्रेसवे दिल्ली के अक्षरधाम से शुरू होकर शामली, बागपत और सहारनपुर होते हुए देहरादून तक है। इससे दिल्ली से देहरादून तक सिर्फ 2.5 घंटे में पहुंचा जा सकेगा, जबकि वर्तमान में यह समय 5 से 6 घंटे है।
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