बाबर का पूरा नाम जहीरुद्दीन मुहम्मद बाबर था. वह अपनी माँ की तरफ से चंगेज़ खान और अपने पिता की तरफ से तैमूर का वंशज था. वह मंगोल मूल का था जोकि बर्लास जनजाति के थे. वह अकबर महान का रिश्ते में दादा था.
वह 1483 ईस्वी में समकालीन उजबेकिस्तान के फरगाना नामक स्थान पर पैदा हुआ था. फरगाना फारस और तुर्किस्तान के बीच स्थित था. उसके पिता का नाम उमर शेख मिर्जा था. वह सिर्फ 11 साल का था जब उसके पिता की मृत्यु हो गई और वह फरगाना का नया शासक बना.
बाबर, ट्राक्सियाना की राजधानी समरकंद को जीतने के लिए हमेशा लालायित रहता था लेकिन शैबानी खान के द्वारा 1501ईस्वी में वह पराजित हो गया. यहाँ तक की वह फरगाना में अपने चाचा और भतीजे के खिलाफ षडयंत्र करने के कारण निष्काषित कर दिया गया. यद्यपि इस दौरान उसने काबुल पर विजय प्राप्त की और इसी दौरान भारत से अफगान अमीरों के निमंत्रण पर दिल्ली की शासक इब्राहीम लोदी के खिलाफ आक्रमण किया. दिल्ली पर आक्रमण के माध्यम से उसने इब्राहीम लोदी को दिल्ली की सत्ता से बेदखल किया.
बाबरनामा
बाबर ने अपनी आत्मकथा बाबरनामा के नाम से लिखी थी. बाबरनामा को तुजुक-ए-बाबरी के नाम से भी जाना जाता है. उसने अपनी आत्मकथा को चगताई तुर्क भाषा में लिखा था. यह भाषा बाबर की मातृभाषा थी.
बाबर का योगदान
• बाबर ने भारत में मुगल साम्राज्य की नींव रखी थी.
• उसने भारत में फारसी संस्कृति की शुरुआत की थी.
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