पैन कार्ड एवं पैन नंबर: अर्थ, उपयोग एवं लाभ

May 10, 2019, 16:34 IST

पैन कार्ड क्या है? पैन कार्ड का उपयोग कहां होता है? पैन कार्ड कौन बनवा सकता है? पैन कार्ड होने के क्या लाभ हैं? पैन कार्ड का होना महत्वपूर्ण क्यों है? इस प्रकार के प्रश्न अक्सर खोजे जाते हैं. आइए हम इनके बारे मैं जानते हैं:    

What is PAN Card, PAN Number, Uses and Benefits
What is PAN Card, PAN Number, Uses and Benefits

पैन कार्ड (PAN Card) एक स्थायी खाता संख्या है जिस पर दस अंकों वाले अल्फान्यूमेरिक संख्या अंकित रहती है. इसे भारत सरकार के आयकर विभाग द्वारा केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर निगम (CBDT) की देखरेख में भारतीय आयकर अधिनियम 1961 के तहत लेमिनेटेड कार्ड के रूप में जारी किया जाता है. आधार संख्या और ड्राइविंग लाइसेंस के विपरीत विदेशी निवेशकों को भी पैन कार्ड जारी किया जाता है, लेकिन इसे भारतीय नागरिकता के सबूत के रूप में स्वीकार्य नहीं किया जाता है. किसी बैंक में खाता खोलने, कराधीन वेतन प्राप्त करने एवं संपत्तियों की खरीद-बिक्री जैसे प्रमुख वित्तीय लेनदेन के लिए पैन नंबर का होना आवश्यक है. यह मुख्य रूप से कर संबंधी उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल किया जाता है और यह एक अनोखे तरीके से खाताधारकों की जानकारी प्रदान करता है.

पैन कार्ड में अंकित संख्याओं और अक्षरों का वर्गीकरण 

पैन कार्ड में प्रयुक्त 10 अक्षरों एवं संख्याओं के समूह को पांच भागों में बाँटा गया है, जिसमें पहले पाँच एवं अंतिम अंक अक्षर हैं जबकि शेष चार अंक संख्या हैं. इन सभी अंकों का एक अर्थ है एवं ये खाताधारक की जानकारी प्रकट करते हैं. इनमें से प्रत्येक अक्षर एवं संख्या के अर्थ को नीचे समझाया गया है:

(1) पहले तीन अंक:


पहले तीन अंक सामान्यतः AAA से ZZZ के बीच के तीन अक्षर होते हैं, जिनका आवंटन आईटी विभाग द्वारा यदृच्छापूर्वक (randomly) किया जाता है एवं ये AZT या ZRT के रूप में संयोजित रहते हैं.

(2) चौथा अंक:


चौथा अंक पैन कार्ड धारक की स्थिति को दर्शाता है. यह सबसे महत्वपूर्ण अंक है और जो लोग पैन कार्ड से संबंधित क्रियाकलाप में शामिल रहते हैं वे इस अंक के द्वारा पैन कार्ड धारक की स्थिति की पहचान कर लेते हैं. अधिकांश पैन कार्ड धारकों के लिए चौथे अंक के रूप में “P” अक्षर का प्रयोग किया जाता है, जो “person” अर्थात “व्यक्ति” का प्रतिनिधित्व करता है. इसके अलावा चौथे अंक को C,H,F,A,T,B,L,J और G अक्षरों द्वारा भी दर्शाया जाता है.

इन अक्षरों का अर्थ निम्नलिखित है:

C – कम्पनी

H – संयुक्त हिन्दू परिवार

F – फर्म

A – व्यक्तियों का समूह

T – ट्रस्ट

B – एक व्यक्ति की संस्था

L – स्थानीय प्राधिकरण

J – कृत्रिम विधिक व्यक्ति

G – सरकार

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(3) पांचवा अंक:


पांचवा अंक पैन कार्ड धारक के अंतिम नाम या उपनाम के पहले अक्षर को दर्शाता है. यदि किसी व्यक्ति का नाम अमित गोयल है तो उसके पैन कार्ड पर पांचवा अंक G होगा क्योंकि उसके अंतिम नाम का पहला अक्षर G है. इसके अलावा यदि शादी के बाद या अन्य किसी कारण से आपका उपनाम बदल जाता है तब भी आपका पैन कार्ड संख्या वही रहेगी .

(4) छठे से लेकर नौवा अंक:


ये चार अंक 0001 से 9999 के बीच की चार अनुक्रमिक संख्याएं होती है एवं पहले तीन अंकों की तरह इनका चयन भी यदृच्छापूर्वक ( randomly) किया जाता है.

(5) दसवां अंक:


पैन कार्ड में अंतिम या दसवां अंक एक अक्षर होता है जो पिछले नौ अंकों का प्रयोग कर एक विशेष फार्मूला के तहत किये गए गणना के आधार पर निर्धारित किया जाता है.

क्या आपने कभी सोचा है कि यह वर्गीकरण क्यों महत्वपूर्ण है?

इस अनूठे नंबर की मदद से आयकर विभाग किसी व्यक्ति के सभी लेन-देन की जानकारी प्राप्त कर सकता है. इस लेन-देन में कर भुगतान, करों में छूट, आयकर रिटर्न, उपहार एवं विशेष लेनदेन शामिल है. इसलिए हम कह सकते हैं कि पैन कार्ड वित्तीय लेनदेन पर नजर रखने में एक सार्वभौमिक पहचान कुंजी के रूप में कार्य करता है एवं यह कर चोरी रोकने के लिए एक महत्वपूर्ण घटक साबित हो सकता है. इसके अलावा पूरे भारत में निवासस्थान में बदलाव होने के बावजूद पैन कार्ड संख्या अपरिवर्तित रहती है.

पैन कार्ड के लाभ इस प्रकार हैं
- दो से अधिक पहियों वाले मोटर वाहनों की बिक्री और खरीद के दौरान परिसंपत्तियों की बिक्री या खरीद, किसी भी अचल संपत्ति या पाँच लाख रुपये या उससे अधिक की कीमत पर लेनदेन करने के लिए पैन कार्ड महत्वपूर्ण है.
- निजी और राष्ट्रीयकृत दोनों बैंकों में बैंक खाता खोलने के लिए पैन कार्ड आवश्यक है.
- फोन कनेक्शन के लिए पैन कार्ड आवश्यक है.
- गैस कनेक्शन के लिए पैन कार्ड आवश्यक है.
- होटल और रेस्तरां को किसी भी समय पच्चीस हजार रुपये से अधिक की राशि के बिलों का भुगतान करने पर पैन कार्ड की आवश्यकता होती है.
- किसी भी समय पच्चीस हजार रुपये से अधिक की राशि के किसी भी विदेशी देश की यात्रा के संबंध में नकद में भुगतान करने के लिए भी पैन की आवश्यकता होती है.
- पैन कार्ड लेनदेन के दौरान होने वाली धोखाधड़ी को कम करने में मदद कर सकता है. यह टैक्स की चोरी को भी कम करता है और साथ ही खरीदार और विक्रेता के बीच लेनदेन में पारदर्शिता प्रदान करता है.

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पैन कार्ड के बारे में अकसर पूछे जाने वाले प्रश्न

Q1. पैन कार्ड के लिए किन्हें आवेदन करना चाहिए?

Ans. ऐसे लोग जिनकी आय कर के दायरे में आती है एवं ऐसे विदेशी नागरिक जो कर का भुगतान करते हैं उन्हें पैन कार्ड के लिए आवेदन करना चाहिए. इसके अलावा ऐसे लोग जो थौक (whole sale) या खुदरा (retail) कारोबार चला रहे हैं, सेवाप्रदाता (Service provider) या परामर्शदात्री (Consultancy) कम्पनियां चला रहे हैं और पिछले वित्त वर्ष में उनकी कुल बिक्री, टर्नओवर या सकल प्राप्तियां 5 लाख रुपये से अधिक थी तो उन्हें भी पैन कार्ड के लिए आवेदन करना चाहिए.

Q2. पैन कार्ड के लिए आवेदन कैसे करें?

Ans. 1. पैन कार्ड के लिए आवेदन करने हेतु ’49 फॉर्म या ‘49एए फॉर्म भरना पड़ता है और पैन कार्ड से संबंधित विस्तृत जानकारी के लिए आप “incometaxindia.gov.in” वेबसाईट पर जा सकते हैं. आयकर विभाग या राष्ट्रीय सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड (एनएसडीएल) की वेबसाइट से आप किसी भी शहर में पैन कार्ड कार्यालयों की स्थिति प्राप्त कर सकते हैं. पैन कार्ड के लिए आवेदन करने हेतु पहचान पत्र की फोटोकॉपी और एड्रेस प्रूफ की आवश्यकता होती है और भुगतान चेक, नकद या डीडी के माध्यम से किया जा सकता है.

Source:www.cdn.ndtv.com

2. आप आयकर विभाग या एनएसडीएल की वेबसाइटों के माध्यम से ऑनलाइन भी आवेदन कर सकते हैं. इसके लिये शुल्क का भुगतान नेट बैंकिंग, क्रेडिट कार्ड या डेबिट कार्ड के माध्यम से किया जा सकता है. आप वेबसाइटों के माध्यम से अपने आवेदन को ट्रैक भी कर सकते हैं.

Source:www.google.co.in

Q3. पैन कार्ड की जरूरत क्यों होती है?

Ans. इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने के लिए, प्रत्यक्ष करों के भुगतान के लिए, उच्च दर पर कर की कटौती से बचने के लिए, 5 लाख रुपये या उससे अधिक की अचल संपत्ति की खरीद या बिक्री के लिए, दो पहिया वाहन के अलावा किसी अन्य वाहन की खरीद या बिक्री के लिए, होटल या रेस्तरां में एक बार में 25,000 रुपये से अधिक राशि का भुगतान करने के लिए, 24 घंटे में किसी एक बैंकिंग संस्था में 50,000 रुपये से अधिक राशि जमा करने के लिए एवं 5 लाख रुपए से अधिक के सर्राफा और आभूषण आदि की खरीद के लिए पैन कार्ड की जरूरत होती है.

Q4.  पैन कार्ड प्राप्त करने में कितना समय लगता है?

Ans. ऑनलाइन या ऑफलाइन माध्यम से नए पैन कार्ड के लिए आवेदन करने के बाद लगभग 15 से 20 कार्य दिवस लगते हैं. यदि कोई व्यक्ति कुछ सुधार या प्रतिस्थापन चाहता है तो उसे लगभग 30 से 40 कार्यदिवस लगते हैं. लेकिन यह अधिकारियों के विवेक और काम के भार के आधार पर भिन्न हो सकता है.

Q5. नए पैन कार्ड के लिए आवेदन करने के लिए किन डोक्युमेन्ट्स की आवश्यकता होती है?
Ans.
- ड्राइविंग लाइसेंस
- इलेक्टर का फोटो पहचान पत्र
- पासपोर्ट
- आवेदक की फोटो वाला राशन कार्ड
- राजपत्रित अधिकारी द्वारा हस्ताक्षरित मूल में पहचान का प्रमाण पत्र.
- संसद सदस्य द्वारा हस्ताक्षरित मूल में पहचान का प्रमाण पत्र.
- विधान सभा के सदस्य द्वारा हस्ताक्षरित मूल में पहचान का प्रमाण पत्र.
- नगर पार्षद द्वारा हस्ताक्षरित मूल में पहचान का प्रमाण पत्र.
- UIDAI द्वारा जारी किया गया आधार कार्ड
- Arm's लाइसेंस
- केंद्र सरकार या राज्य सरकार या सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम द्वारा जारी किया गया फोटो पहचान पत्र.
- आवेदक की तस्वीर वाला पेंशनर कार्ड.
- केंद्र सरकार स्वास्थ्य योजना कार्ड.
- भूतपूर्व सैनिक अंशदायी स्वास्थ्य योजना फोटो कार्ड.
- शाखा से मूल पत्र पर बैंक प्रमाण पत्र.

Q6. फॉर्म 49ए क्या है?
Ans. भारतीय नागरिक / भारतीय कंपनियों / भारत में निगमित / अनिगमित संस्थाओं में शामिल भारतीय नागरिक / संस्थाओं के मामले में पैन कार्ड आवेदन करने के लिए फॉर्म 49A भरा जाता है.

Q7. पैन कार्ड में परिवर्तन या पैन कार्ड में सुधार के लिए आवेदन कैसे करें?
Ans. पैन कार्ड में बदलाव के फॉर्म के साथ निम्नलिखित दस्तावेज जमा करने होते हैं: पैन कार्ड होने का प्रमाण, पहचान प्रमाण, पता प्रमाण, जन्म प्रमाण की तारीख और आवश्यक परिवर्तनों के समर्थन में प्रमाण.
पैन कार्ड में बदलाव लागू करने की प्रक्रिया:
ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भरें
भुगतान ऑनलाइन करें
प्रीफिल्ड एप्लिकेशन को डाउनलोड करें और एफिक्स फोटो और हस्ताक्षर को वहां से लेकर इसमें फिक्स करें.
दिए गए पते पर डाक या कूरियर द्वारा हस्ताक्षरित आवेदन और सहायक दस्तावेजों को भेजें.

तो अब आप जान गए होंगे कि आयकर विभाग पैन कार्ड को जारी करता है जो अद्वितीय, राष्ट्रीय और स्थायी है. यह कर दाताओं और उच्च निवल व्यक्तियों के सभी वित्तीय लेनदेन पर नजर रखने और अप्रत्यक्ष रूप से टैक्स की चोरी को रोकने में मदद करेगा.

Shikha Goyal is a journalist and a content writer with 9+ years of experience. She is a Science Graduate with Post Graduate degrees in Mathematics and Mass Communication & Journalism. She has previously taught in an IAS coaching institute and was also an editor in the publishing industry. At jagranjosh.com, she creates digital content on General Knowledge. She can be reached at shikha.goyal@jagrannewmedia.com
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