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भारत सरकार की आय और व्यय के स्रोत क्या हैं

Last Updated: Mar 16, 2017, 18:58 IST

भारत सरकार ने 2017-18 के बजट में बताया था सरकार की कुल आय 2146735 करोड़ थी जबकि वित्तीय घाटा 5,46,532 करोड़ , राजस्व घाटा  3,21,163 करोड़  और प्राथमिक घाटा 23,544 करोड़ रुपये था l इन तीनों घाटों से स्पष्ट है कि सरकार की आय उसके व्यय से कम थी| सरकार इस घाटे को पूरा करने के लिए हीनार्थ प्रबंधन (Deficit  Financing) का सहारा लेती है|

भारत सरकार की आय और व्यय के स्रोत क्या हैं
भारत सरकार की आय और व्यय के स्रोत क्या हैं

हम सभी को पता है कि भारत एक लोकतान्त्रिक देश है और यहाँ की सरकार लोगों के कल्याण को अधिकत्तम करने के लिए काम करती है न कि लाभ को अधिकत्तम करने के लिए | इसी कारण सरकार को कई ऐसी योजनाओं को शुरू करना पड़ता है जो कि धन अर्जन के हिसाब से तो बहुत ही फिसड्डी साबित होती हैं लेकिन जन कल्याण के मामले में बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं| इन जन कल्याणकारी योजनाओं के कारण ही सरकार के वित्तीय घाटे में कोई कमी नही आ रही हैl सरकार ने सन 2017-18 के बजट में वित्तीय घाटे को सकल घरेलू उत्पाद के 3.2% पर रखने का लक्ष्य रखा है जबकि 2018-19 में इसे 3% के स्तर पर लाने का लक्ष्य रखा गया है l

इस लेख में हमने आम लोगों और विद्यार्थियों की जानकारी के लिए यह बताने का प्रयास किया है कि आखिर सरकार किन किन माध्यमों से धन कमाती है और किन किन मदों पर खर्च करती है l

सरकार की आय (बजट 2017-18) के स्रोत निम्न हैं : (100 पैसे  की आय के हिसाब से)

1. उधारी और अन्य देनदारियां .......19 पैसे
2. निगम-कर (कंपनी कर)       ..... 19 पैसे
3. आय कर                       ..... 16 पैसे
4. संघ उत्पाद शुल्क              ......14 पैसे
5. सेवा कर और अन्य कर     ...... 10 पैसे
6. गैर कर आय                 ...... 10 पैसे
7. सीमा-शुल्क                    ......9 पैसे
8. गैर ऋण पूंजीगत प्राप्तियां    .....3 पैसे

 SOURCES OF REVENUE

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नोट: यहाँ पर यह बात ध्यान रखने वाली है कि “उधारी और अन्य देनदारियां” को सरकार की आय के रूप में दिखाया गया है जबकि ये सब सरकार के लिए बाहर से लिया गया कर्ज होता है जो कि सरकार को बाद में ब्याज सहित चुकाना पड़ता है l इस प्रकार हम देखते हैं कि सरकार की शुद्ध आय 81पैसे है जबकि उधारी से प्राप्त आय 19 पैसे हैl

सरकार के व्यय (बजट 2017-18) के स्रोत निम्न हैं : (100 पैसे के व्यय के हिसाब से)

1.  करों और शुल्कों में राज्यों का हिस्सा ...24 पैसे
2.  ब्याज भुगतान                       ......18 पैसे
3.  अन्य खर्चे                             .....13 पैसे
4.  केन्द्रीय कृत योजनाओं पर व्यय* ......11 पैसे
5.  सब्सिडी                              .....10 पैसे
6.  केंद्र प्रायोजित योजनाएं              .....10 पैसे
7.  रक्षा व्यय                               ....9 पैसे
8.  वित्त आयोग और अन्य स्थानान्तरण..5 पैसे

SOURCES OF EXPENDITURE IN INDIA

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नोट: “केन्द्रीय कृत योजनाओं पर व्यय”  में उन योजनाओं पर किये गए व्यय को शामिल किया जाता है जो कि 100% केंद्र सरकार द्वारा दिए गए पैसों से चलायी जातीं हैं जबकि केंद्र प्रायोजित योजनाओं में केंद्र के साथ-साथ राज्य भी वित्तीय सहायता देते हैं l

इस प्रकार ऊपर दिए गए आंकड़ों से एक बात तो साफ हो जाती है कि सरकार की आय की दो मुख्य मदें हैं, केंद्र द्वारा वित्त आयोग की सिफारिस के आधार पर “राज्यों को दी जाने वाली वित्तीय सहायता” और केंद्र सरकार द्वारा लिए गए उधार पर दिया जाने वाला “ब्याज भुगतान” जबकि दूसरी ओर यह भी एक सत्य है कि सरकार की आय का मुख्य स्रोत भी उसके द्वारा लिया गया “ऋण” है |

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Hemant Singh is an academic writer with 7+ years of experience in research, teaching and content creation for competitive exams. He is a postgraduate in International
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First Published: Mar 16, 2017, 18:58 IST

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