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एम.सी.ए के बाद करियर विकल्प

Sep 10, 2018 10:21 IST
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एमसीए डिग्री और करियर के अवसर – जॉब ऑप्शन्स

एमसीए के तहत कई कार्यक्षेत्र शामिल हैं और आप अपने इंटरेस्ट, जोश और रुझान के आधार पर ही अपने लिए एक उपयुक्त करियर ऑप्शन चुनें. एमसीए करने के बाद उपलब्ध विभिन्न करियर ऑप्शन्स का विवरण निम्नलिखित है: 

ऐप डेवलपर

इस फैक्ट से कोई इंकार नहीं कर सकता है कि अब पूरा संसार मोबाइल ऐप्स एक  जोन के  तौर पर एकजुट हो गया है. किसी भी छोटे प्रोडक्ट या सर्विस के लिए, आपको एक मोबाइल ऐप मिल जाएगा. इस वजह से ऐप डेवलपर्स की मांग काफी बढ़ गई है. यह रोल मुख्य रूप से आईओएस, एंड्राइड, ब्लैकबेरी और विंडोज प्लेटफॉर्म्स के लिए मोबाइल एप्लीकेशन पर विचार करने, उसकी डिजाइनिंग और निर्माण कार्य पर आधारित है. आजकल, प्रत्येक कंपनी अपने प्रोडक्ट्स और सर्विसेज को मोबाइल ऐप्स के जरिये प्रमोट करके मार्केटेबल बनाना चाहती है. इसलिए, आप एक ऐप डेवलपर के तौर पर किसी भी कंपनी में आसानी से कोई जॉब प्राप्त कर सकते हैं बशर्ते आपके पास उपयुक्त स्किल सेट और सीखने का जोश हो और आप नये मार्केट ट्रेंड्स से पूरी तरह अपडेटेड रहें.

बिजनेस एनालिस्ट

अगर आप महत्वपूर्ण इश्यूज को एनालाइज करने में कुशल हैं और आपके पास निर्णय लेने की क्षमता के साथ ही बढ़िया प्रॉब्लम सॉल्विंग स्किल्स हैं, तो बिजनेस एनालिस्ट का जॉब प्रोफाइल आपके लिए ही बना है. एक बिजनेस एनालिस्ट का काम संबद्ध बिजनेस के टेक्निकल और नॉन-टेक्निकल पहलुओं का पता करना और उनके अनुरूप महत्वपूर्ण बदलावों के बारे में सुझाव देना है. एक एमसीए ग्रेजुएट के तौर पर, ऐसा माना जाता है कि आपके पास बेहतरीन डाटा-क्रंचिंग स्किल्स हैं. अगर आप इन स्किल्स को अपने बिजनेस और प्रोडक्ट मैनेजमेंट स्किल्स के साथ मिला दें तो यकीनन आप इस फील्ड में काफी तरक्की करेंगे.

सॉफ्टवेयर डेवलपर/ प्रोग्रामर/ इंजीनियर

आमतौर पर, हरेक तीसरा एमसीए ग्रेजुएट एक सॉफ्टवेयर डेवलपर के तौर पर काम करना पसंद करता है. सॉफ्टवेयर डेवलपर्स मुख्य रूप से जटिल सॉफ्टवेयर सिस्टम्स के संबंध में सोच-विचार करने, उसकी डिजाइनिंग और मेनटेन रखने से संबंधित सभी कार्य करते हैं. उनका काम अपने क्लाइंट्स की जरूरत का निरीक्षण और विश्लेषण करके आईटी सर्विसेज उपलब्ध करवाना और क्लाइंट्स की जरूरत के आधार पर सॉफ्टवेयर सिस्टम को डिज़ाइन करना होता है. यह बहुत चुनौतीपूर्ण लेकिन रचनात्मक फील्ड है, जहां आप टिपिकल कोडिंग स्किल्स से कहीं आगे बढ़कर अपना टैलेंट दिखा सकते हैं. 

ट्रबलशूटर

कोई भी कंपनी एक ट्रबलशूटर के बिना आजकल अपना काम या व्यवसाय नहीं कर सकती है. एक ट्रबलशूटर कंप्यूटर हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर की प्रॉब्लम्स की जांच करता है और जिन लोगों को टेक्नोलॉजी की जरूरत होती है, उन्हें टेक्नोलॉजी सुलभ करवाता है. किसी भी कंपनी में अगर कोई आईटी इश्यू उत्पन्न होता है तो यह ट्रबलशूटर का काम है कि उस प्रॉब्लम/ इश्यू को समय रहते फिक्स करे ताकि प्रोजेक्ट्स निर्धारित समय पर पूरे किये जा सकें. उनकी यह भी जिम्मेदारी होती है कि सॉफ्टवेयर इंजीनियर्स और अन्य स्टाफ के लिए जरुरी रिसोर्सेज को मेनटेन रखें. अगर आपको चुनौतियां स्वीकार करना अच्छा लगता है और जब भी कोई काम आपको सौंपा जाता है तो आप अच्छे रिजल्ट देने वाले सोल्यूशन पेश करने में कुशल हैं, तो यह जॉब आपके लिए बिलकुल परफेक्ट है.  

सिस्टम एनालिस्ट

एक सिस्टम एनालिस्ट की जॉब संबद्ध बिजनेस को चलाने के लिए और कुशलता बढ़ाने के लिए इनोवेटिव आईटी सोल्यूशन मोड्यूल्स के बारे में सोच-विचार करना और उन्हें डिज़ाइन करना है. एक सिस्टम एनालिस्ट के तौर पर, आपको क्लाइंट्स की जरूरतों के अनुसार सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट के उद्देश्य से बढ़िया आईटी सोल्यूशन सिस्टम डिज़ाइन करने के लिए करेंट बिजनेस, बिजनेस प्रोसेसेज और मॉडल्स को विस्तार से पढ़ना चाहिए. सिस्टम एनालिस्ट्स क्लाइंट्स और सॉफ्टवेयर डेवलपर्स के बीच एक महत्वपूर्ण व्यक्ति या अधिकारी के तौर पर काम करते हैं.

सॉफ्टवेयर एप्लीकेशन आर्किटेक्ट

अगर आप विज्यूलाइजेशन और इमेजिनेटिव स्किल्स में माहिर हैं तो सॉफ्टवेयर आर्किटेक्ट का रोल आपके लिए एक बेहतरीन करियर ऑप्शन साबित होगा. सॉफ्टवेयर आर्किटेक्ट्स आईटी प्रोडक्ट्स और सर्विसेज के डिज़ाइन और आर्किटेक्चर में उच्च-स्तर के निर्णय लेने की प्रक्रिया में शामिल होते हैं. किसी सॉफ्टवेयर एप्लीकेशन आर्किटेक्ट की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी में टेक्निकल मैनुअल्स और प्रोटोकॉल्स जैसेकि, टूल्स, प्लेटफॉर्म्स और सॉफ्टवेयर कोडिंग स्टैंडर्ड्स तैयार करना शामिल है. वे कई सॉफ्टवेयर आर्किटेक्चरल मॉडल्स के सुचारु रूप से काम करने के लिए जिम्मेदार होते हैं.

सॉफ्टवेयर कंसलटेंट

कंसल्टेंसी आजकल एक लोकप्रिय करियर ऑप्शन के तौर पर उभरी है. एक सॉफ्टवेयर कंसलटेंट का काम बिजनेस प्रोसेस का मुल्यांकन और विश्लेषण करने के साथ-साथ बिजनेस को कुशलतापूर्वक चलाने के लिए सबसे अच्छे सॉफ्टवेयर सोल्यूशन्स और अन्य उपयुक्त फीडबैक उपलब्ध करवाना होता है. किसी सॉफ्टवेयर कंसलटेंट का सबसे पहला लक्ष्य संबद्ध कंपनी की सेल्स प्रोसेस को बढ़ाने के लिए कॉस्ट-इफेक्टिव बिजनेस सोल्यूशन्स उपलब्ध करवाना है. इस पेशे की सबसे खास बात तो यह है कि, यह पेशा आपको पूरी फाइनेंशल आजादी देता है क्योंकि आप इस जॉब प्रोफाइल के तहत अपनी कंसल्टेंसी सर्विस शुरू कर सकते हैं.

हार्डवेयर इंजीनियर

किसी हार्डवेयर इंजीनियर की जॉब में कंप्यूटर हार्डवेयर सिस्टम जैसेकि, सर्किट बोर्ड्स, वायर्स, हार्ड डिस्क, प्रिंटर्स, कंप्यूटर चिप्स, राउटर्स और कीबोर्ड्स से संबंधित सभी काम शामिल होते हैं. जब कंप्यूटर सिस्टम के इंस्टॉलेशन और टेस्टिंग से संबद्ध कार्य करने होते हैं तो एक हार्डवेयर इंजीनियर में महत्वपूर्ण चुनौतियों का सामना करने का जोश होना चाहिए ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सिस्टम बिना किसी रुकावट या परेशानी के काम कर रहा है. हार्डवेयर इंजीनियर्स के काम में हार्डवेयर इक्विपमेंट्स के प्रोडक्शन और टेस्टिंग से संबद्ध कार्य भी शामिल होते हैं.

टेक्निकल राइटर

अगर आपके पास बेहतरीन टेक्निकल स्किल्स के साथ काफी बढ़िया लेखन कौशल हैं तो आप टेक्निकल राइटिंग को अपने करियर ऑप्शन के तौर पर चुन सकते हैं. इसके लिए, आप में गैजेट्स और राइटिंग से लगाव होने के साथ ही लेटेस्ट टेक्नोलॉजीज के बारे में जानकारी प्राप्त करने का पैशन जरुर होना चाहिए. आमतौर पर, एक टेक्निकल राइटर यूजर गाइड्स/ मैनुअल्स, प्रोडक्ट डिस्क्रिप्शन्स, वाइट पेपर्स, प्रोजेक्ट प्लान्स और डिज़ाइन स्पेसिफिकेशन्स जैसे टेक्निकल डॉक्यूमेंट्स लिखने का काम करता है. 

वेब डिज़ाइनर और डेवलपर

इंटरनेट और ऑनलाइन मार्केटिंग के निरंतर विकास के साथ ही वेब-डिजाइनिंग की मांग में बहुत ज्यादा वृद्धि हुई है. किसी वेब डिज़ाइनर का काम क्लाइंट्स द्वारा दिए गए संक्षिप्त विवरण के आधार पर वेबसाइट्स के बारे में सोच-विचार करना, वेबसाइट्स को डिज़ाइन और डेवलप करने से संबंधित कार्य करना होता है. एक वेब डिज़ाइनर के तौर पर, आपको काफी कल्पनाशील होना चाहिए और आपके पास बेहतरीन विज्यूलाइजेशन स्किल्स अवश्य होने चाहियें. एक आकर्षक वेबसाइट डिज़ाइन करने के लिए रंग, फॉन्ट स्टाइल और लेआउट्स के संबंध में आपके पास उपयुक्त क्रिएटिव सेंस जरुर होनी चाहिए. इसके अलावा, एचटीएमएल और फ़्लैश की अच्छी जानकारी होने के साथ ही आपके पास ड्रीमवीवर, सीसीएस, फोटोशॉप और इलस्ट्रेटर जैसे सॉफ्टवेयर्स की भी बढ़िया जानकारी होनी चाहिए.

एमसीए फ्रेशर की स्टार्टिंग सैलरी

एमसीए कैंडिडेट्स की शुरुआती सैलरी प्रत्येक कैंडिडेट के टैलेंट और स्किल लेवल के साथ ही उनके वर्क एरिया और जिम्मेदारियों के आधार पर अलग-अलग होती है. एमसीए ग्रेजुएट्स की एंट्री लेवल सैलरी की लिस्ट, उनके विभिन्न रोल्स के अनुसार नीचे दी जा रही है:

• ऐप डेवलपर: रुपये 20,000 - 35,000 रुपये

• आईटी असिस्टेंट: रुपये 10,000 - 20,000 रुपये

• हार्डवेयर इंजीनियर: 15,000 रुपये- 25,000 रुपये

• सॉफ्टवेयर इंजीनियर/ डेवलपर: रुपये 21,000 – 47,500 रुपये

• वेब डिजाइनर और डेवलपर: रुपये 25, 000 -55,000 रुपये

एमसीए ग्रेजुएट्स की एवरेज सैलरी – एक्सपीरियंस वाइज

एमसीए डिग्री होल्डर्स/ एक्सपीरियंस वाइज के लिए एवरेज सैलरी पैकेज निम्नलिखित है:

एमसीए ग्रेजुएट्स की एवरेज सैलरी भी उनके डेसिग्नेशन पर निर्भर करती है. सॉफ्टवेयर डेवलपर्स का एवरेज सैलरी पैकेज किसी टेक्निकल बिजनेस एनालिस्ट से बिलकुल अलग होगा. विभिन्न जॉब्स/ रोल्स के अनुसार एमसीए ग्रेजुएट्स की एवरेज सैलरी को समझने के लिए नीचे दी गई तालिका (टेबल) को देखें: 

एक्सपीरियंस

सैलरी प्रति माह

फ्रेशर के लिए

रु. 15,000 – रु. 36,000

1 -3 वर्ष

रु. 26,000 – रु. 44,000

5 वर्ष से ज्यादा अवधि

रु. 40,000 – रु. 1,50,000

यूएसए में एमसीए ग्रेजुएट्स की एवरेज सैलरी

$1500 – $3500

एमसीए जॉब्स के लिए मशहूर सिटीज

भारत में, जहां एमसीए ग्रेजुएट्स अपने स्किल्स और एक्सपरटाइज के मुताबिक कोई जॉब आसानी से प्राप्त कर सकते हैं, उन आईटी हब्स की लिस्ट नीचे पेश है:

• बैंगलोर

• चेन्नई

• हैदराबाद

• मुंबई

• नई दिल्ली       

• पुणे

एमसीए ग्रेजुएट्स को जॉब्स ऑफर करने वाली मशहूर कंपनियां

टैलेंटेड एमसीए ग्रेजुएट्स की तलाश में रहने वाली कुछ मशहूर आईटी कंपनियों की लिस्ट निम्नलिखित है:

• विप्रो

• इंफोसिस           

• इंफोटेक

• सत्यम महिंद्रा

• आईबीएम

• एचसीएल

• टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज

• एक्सेंचर

• कैपजेमिनी

• कॉग्निजेंट

ये कंपनियां एमसीए ग्रेजुएट्स को उनके रियल-टाइम वर्क एक्सपीरियंस और स्किल सेट्स के आधार पर हायर करती हैं. इसलिये, अगर आपके पास आईटी सेक्टर में सही स्किल सेट है और आप कठिन मार्केट प्रोजेक्ट्स को पूरा करने का जोश रखते हैं तथा उन प्रोजेक्ट्स को निर्धारित समयावधि के भीतर पूरा कर देते हैं तो आप इस क्षेत्र में काफी तरक्की कर सकते हैं.

एमसीए के बाद आगे के स्टडी ऑप्शन्स

अपनी एमसीए पूरी करने के बाद, आप एमई (कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग) कर सकते हैं.

अगर आप अपनी एमसीए पूरी करने के बाद भी अपनी पढ़ाई जारी रखना चाहते हैं तो आप एमई (कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग) कर सकते हैं. एमई में एडमिशन लेने के लिए एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया एमसीए (10+2+3+3 वर्ष पैटर्न) या बीई/ बीटेक है. एमसीए के बाद पीएचडी करने के लिए, आपके पास एमसीए की डिग्री और मान्य गेट स्कोर अवश्य होने चाहियें. पीएचडी की कम से कम अवधि 2 वर्ष और अधिकतम अवधि 5 वर्ष है. कंप्यूटर साइंस में पीएचडी करने के लिए टॉप इंस्टिट्यूट्स की लिस्ट निम्नलिखित है:  

• बंगाल इंजीनियरिंग एंड साइंस यूनिवर्सिटी (बीईएसयू), कोलकाता

• डिपार्टमेंट ऑफ़ कंप्यूटर साइंस, बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (बीएचयू)

• इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी, दिल्ली

• इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी, गुवाहाटी

• इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी, हैदराबाद

• इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी, कानपुर

• इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी, मुंबई

• नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी, कालीकट (एनआईटीसी)

• सिम्बायोसिस इंस्टिट्यूट ऑफ कम्प्यूटर स्टडीज एंड रिसर्च (एसआईसीएसआर), पुणे

एमसीए करने के बाद जरुर सीखें ये महत्वपूर्ण आईटी स्किल्स

एक अच्छा प्रोग्रामर बनने के लिए, आपको कंप्यूटर प्रोग्रामिंग लैंग्वेजेज जैसेकि, जावा, सी++, सी, .नेट और एएसपी.एनईटी की अच्छी जानकारी होनी चाहिए.

जिन कैंडिडेट्स को वेब डिजाइनिंग फील्ड पसंद है, उन्हें सीएसएस, पीएचपी, जावा स्क्रिप्ट और एचटीएमएल जैसी लैंग्वेजेज की काफी अच्छी जानकारी होनी चाहिए.

अगर आप नेटवर्किंग फील्ड में काम करना चाहते हैं तो आपको लिनक्स, एसक्यूएक आदि की अच्छी जानकारी होनी चाहिए. अपने भावी रिक्रूटर्स का ध्यान आकर्षित करने के लिए आप सीसीएनपी, सीसीएनए और सीसीआईई में क्विक सर्टिफिकेशन्स जरुर प्राप्त करें. 

 

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