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वस्त्र मंत्रालय द्वारा हितधारकों के लिए ‘आउटरीच’ कार्यक्रम आयोजित

आउटरीच कार्यक्रम के तहत कई कार्यक्रम आयोजित किए गए जैसे स्‍थानीय बैंकों के सहयोग से मुद्रा ऋण के लिए कैंप लगाना, ई-धागा के लिए लाभार्थियों का पंजीकरण आदि.

Feb 13, 2019 12:02 IST
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वस्‍त्र मंत्रालय द्वारा 13 फरवरी 2019 को नई दिल्‍ली में वस्‍त्र उद्योग क्षेत्र के सूक्ष्‍म, लघु व मध्‍यम उद्यमों के लिए ‘आउटरीच’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया. प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने हितधारकों को समर्थन व सहयोग प्रदान करने के लिए 100 दिनों के परस्‍पर बातचीत कार्यक्रम की घोषणा की थी.

इस अवसर पर एमएसएमई से जुड़ी वस्‍त्र क्षेत्र की उपलब्धियों को एक प्रदर्शनी के माध्‍यम से दर्शाया गया. प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने 2 नवंबर, 2018 को एमएसएमई के लिए 100 दिनों के आउटरीच कार्यक्रम का शुभारंभ किया था. इसके लिए पूरे देश में 100 जिलों की पहचान की गई थी. 39 जिलों को वस्‍त्र मंत्रालय के लिए चिन्हित किया गया था. 39 जिलों में 12 हैंडलूम, 19 हस्‍तशिल्‍प और 8 पावरलूम के लिए निर्धारित किए गए थे.

आउटरीच कार्यक्रम

  • आउटरीच कार्यक्रम के तहत कई कार्यक्रम आयोजित किए गए जैसे स्‍थानीय बैंकों के सहयोग से मुद्रा ऋण के लिए कैंप लगाना, ई-धागा के लिए लाभार्थियों का पंजीकरण, लाभार्थियों को उपकरण किट का वितरण, कारीगारों तथा बुनकरों के लिए पहचान-पत्र का पंजीयन व वितरण, 24x7 हेल्‍पलाइन नंबर को लोकप्रिय बनाना, गुणवत्ता प्रमाण-पत्र देना और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना.
  • इसमें 9 तथा 10 फरवरी, 2019 को जिला स्‍तर पर कार्यक्रम आयोजित किए गए. इसके बाद 11 और 12 फरवरी को राज्‍य स्‍तर पर हैंडलूम, हस्‍तशिल्‍प और पावरलूम उत्‍पादों पर प्रदर्शनियां आयोजित की गईं.

आउटरीच कार्यक्रम का लाभ

  • एमएसएमई क्षेत्र को दिए जाने वाले ऋण सुविधा, बाजार तक पहुंच तथा समर्थन व सहयोग से इकाइयों को प्रोत्‍साहन मिलेगा और भारतीय वस्‍त्र क्षेत्र विकसित होगा.
  • आउटरीच कार्यक्रम से गुजरात, महाराष्‍ट्र, तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश जैसे टेक्‍सटाइल हब की एमएमएफ वस्‍त्र निर्माण इकाइयों को लाभ मिलेगा.
  • एक घंटे से कम समय में ऋण स्‍वीकृति से सूक्ष्‍म, लघु व मध्‍यम क्षेत्र के उद्यमियों के समय की बचत होगी.
  • निरीक्षक द्वारा जांच को समाप्‍त करने, निरीक्षक के जांच को कम्‍प्‍यूटर द्वारा चयनित करने, पोर्टल पर 48 घंटों के अंदर रिपोर्ट अपलोड करने आदि कदमों से उद्यमियों को व्‍यापार करने में आसानी होगी.
  • भारत के कुल वस्‍त्र उद्योग में एमएसएमई क्षेत्र का हिस्‍सा 75 प्रतिशत से अधिक है. नई पहलों से अधिकांश इकाइयों को फायदा मिलेगा जैसे नए ऋणों के लिए ब्‍याज दर में दो प्रतिशत की कटौती, निर्यात क्रेडिट के लिए दो प्रतिशत की अतिरिक्‍त कटौती, 59 मिनटों के अंदर 1 करोड़ तक के ऋण-स्‍वीकृति‍ आदि.

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