उत्तर प्रदेश में Engineering City कौन-सी है, जानें नाम
उत्तर प्रदेश देश का चौथा सबसे बड़ा राज्य है, जहां हर शहर की अपनी पहचान है। यहां एक शहर ऐसा भी है, जहां बड़ी संख्या में मशीन और कलपुर्जों का निर्माण होता है। इस वजह से इस शहर को इंजीनियरिंग सिटी के रूप में भी जाना जाता है। कौन-सा है यह शहर, जानने के लिए यह लेख पढ़ें।
उत्तर प्रदेश राज्य देश का चौथा सबसे बड़ा राज्य है। यहां सभी शहरों की अपनी पहचान है। इन शहरों में से एक गाजियाबाद शहर को प्रदेश में ‘इंजीनियरिंग सिटी’ के रूप में भी जाना जाता है। हालांकि, यहां इंजीनियरिंग का मतलब से इंजीनियरिंग कॉलेजों से नहीं है, बल्कि यहां इंजीनियरिंग की दुनिया में इस्तेमाल होने वाली बड़ी-बड़ी मशीनों और उनके कलपुर्जों को बनाया जाता है। क्या है इसके पीछे की कहानी, जानने के लिए यह लेख पढ़ें।
उत्तर प्रदेश का परिचय
उत्तर प्रदेश राज्य का गठन 24 जनवरी, 1950 को किया गया था। इससे पहले इसे संयुक्त प्रांत नाम से जाना जाता था। प्रदेश में कुल 75 जिले हैं, जो कि 18 मंडलों में आते हैं। ये सभी मंडल कुल चार संभागों का हिस्सा हैं। प्रदेश में कुल 75 नगर पंचायत, 17 नगर निगम, 28 विकास प्राधिकरण और 5 विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण मौजूद हैं।
किस शहर को इंजीनियरिंग सिटी कहा जाता है
अब सवाल है कि किसी शहर को इंजीनियरिंग सिटी भी कहा जाता है, तो आपको बता दें कि गाजियाबाद शहर को इंजीनियरिंग सिटी भी कहा जाता है।
क्यों कहा जाता है इंजीनियरिंग सिटी
गाजियाबाद सिटी को इंजीनियरिंग सिटी के कहने के पीछे यहां मौजूद इंजीनियरिंग कॉलेज नहीं हैं, बल्कि यहां की औद्योगिक इकाइयां हैं। गाजियाबाद में बड़ी मात्रा में भारी मशीनों और उनके कलपुर्जों को बनाया जाता है। ये मशीनें छोटे और लघु उद्योग में काम आती हैं, जिनका उपयोग इंजीनियरिंग के अलग-अलग क्षेत्रों में होता है।
गाजियाबाद में कहां-कहां होता है निर्माण
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गाजियाबाद के साहिबाबाद में ऑटोमोबाइल पार्टस व इलेक्ट्रिकल सामान का निर्माण किया जाता है।
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शहर के लोहा मंडी और बुलंदशहर रोड पर स्टील और मशीनरी पार्ट्स बनाए जाते हैं।
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गाजियाबाद के कविनगर में विभिन्न प्रकार की मशीनों का निर्माण किया जाता है।
गाजियाबाद को कहा जाता है यूपी का प्रवेश द्वार
आपको बता दें कि गाजियाबाद शहर को यूपी का प्रवेश द्वार भी कहा जाता है। क्योंकि, यह शहर दिल्ली से सटा हुआ शहर है और पश्चिमी यूपी में होने के साथ एनसीआर में प्रवेश के लिए प्रमुख माना जाता है। यही वजह है कि गाजियाबाद को यूपी का प्रवेश द्वार भी कहा जाता है।
गाजियाबाद का इतिहास
गाजियाबाद शहर की स्थापना मुगल सम्राट मुहम्मद शाह के वजीर रहे गाजी-उद-दीन फिरोज जंग द्वारा 1740 में की गई थी। उन्होंने यहां एक किले के निर्माण के साथ-साथ सराय भी बनाई थी, जिसके कुछ गेट आज भी देखे जा सकते हैं।
पहले इसका नाम गाजीउद्दीननगर था, लेकिन बाद में इसका नाम बदलकर गाजियाबाद हो गया। साल 1976 से पहले यह मेरठ की एक तहसील हुआ करता था। हालांकि, सरकार ने इसे अलग जिला घोषित किया और यहां औद्योगिक विकास हुआ।
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