भारत का सबसे बड़ा रेल इंजन कारखाना कौन-सा है, जानें नाम और स्थान
भारत का सबसे बड़ा रेल इंजन कारखाना पश्चिम बंगाल के आसनसोल में स्थित है। यहां इलेक्ट्रिक इंजन का निर्माण किया जाता है, जो कि दुनिया का सबसे बड़े रेल इंजन कारखानों में से एक माना जाता है।
भारत में अलग-अलग जगहों पर रेल इंजन का निर्माण किया जाता है। हालांकि, यदि सबसे बड़े रेल इंजन कारखाने की बात करें, तो यह चित्तरंजन लोकोमोटिव वर्क्स है, जो कि पश्चिम बंगाल के आसनसोल में स्थित है। इस कारखाने को दुनिया का सबसे बड़े रेल कारखानों में से एक माना जाता है। आज इस कारखाने में पैसेंजर से लेकर मालगाड़ी रेल इंजन का निर्माण किया जाता है, जो कि देश की अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने का काम कर रहे हैं।
कब हुई थी स्थापना
चित्तरंजन रेल कारखाने की स्थापना 26 जनवरी, 1950 को की गई थी। इसी दिन भारत गणतंत्र बना था। कारखाने का नाम महान स्वतंत्रता सेनानी रहे देशबंधु चित्तरंजन दास के नाम पर है। वहीं, यहां बने पहले रेल इंजन का नाम भी देशबंधु ही रखा गया था।
सबसे अधिक इंजन बनाने का रिकॉर्ड
चित्तरंजन रेल कारखाने ने साल 2018-19 में एक ही वर्ष में 402 रेल इंजन बनाकर 'लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स' में अपना नाम दर्ज किया है। वहीं, 2019-20 में 431 इंजन बनाकर कारखाने ने अपना ही रिकॉर्ड तोड़ दिया था।
कारखाने में किस प्रकार के इंजन बनते हैं
चित्तरंजन रेल कारखाने में मालगाड़ी और पैसेंजर ट्रेनों के लिए अलग से इंजन बनाए जाते हैं। इसके तहत यहां मालगाड़ी के लिए WAG-9 और पैसेंजर के लिए WAP-7 जैसे 6000 HP से अधिक शक्ति वाले इलेक्ट्रिक इंजनों का निर्माण किया जाता है। ये इंजन बहुत ही शक्तिशाली इंजन होते हैं।
पहले तैयार होते थे भाप और इीजल वाले इंजन
चित्तरंजन फैक्ट्री में पहले भाप और डीजल इंजनों को तैयार किया जाता था। हालांकि, अब इनका निर्माण बंद हो गया है और इनकी जगह इलेक्ट्रिक इंजनों ने ले ली है। यहां बनने वाले इंजनों के पुर्जे भी भारत में ही बनाए जाते हैं।
ऐसे होता है इंजन का निर्माण
एक रेल इंजन को कई चरणों की प्रक्रिया के बाद तैयार किया जाता है, जो कि इस प्रकार हैः
बोगी शॉप- यहां इंजन के पहिये और ढांचा तैयार किया जाता है।
-शेल शॉप- यहां इंजन की बाहरी बॉडी को तैयार किया जाता है।
-असेंबली स्टेशन- यहां इंजन में ट्रांसफॉर्मर, मोटर और अन्य उपकरणों को जोड़ा जाता है।
-टेस्टिंग जोन- इंजन तैयार होने के बाद इसे पटरियों पर दौड़ाकर टेस्टिंग की जाती है।
कितना होता है रेल इंजन का वजन
एक रेल इंजन का वजन आमतौर पर 120 से 180 टन तक होता है। यह सामान्य तौर पर 1500 से 2000 टन वाली पैसेंजर ट्रेन और 5000 टन वाली मालगाड़ी को खींच सकता है।
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