हिंदी में अक्सर उपयोग होते हैं अरबी भाषा के ये शब्द, देखें लिस्ट
हिंदी भाषा में आपको कई भाषाओं का मिश्रण देखने को मिलेगा। इसमें अरबी, फारसी और अंग्रेजी के कई शब्द हैं, जो कि ज्यों के त्यों उपयोग होते हैं। इनमें किताब, मोहब्बत, अखबार, कलम, अदालत और मुकदमा जैसे शब्द शामिल हैं।
आप इसे हिंदी भाषा की खूबसूरती कह सकते हैं कि इस भाषा ने अपने अंदर कई भाषाओं को समेटा है। मध्यकालीन इतिहास की जड़ें और व्यापारिक संबंधों के कारण अरबी भाषा के शब्द भारत तक पहुंचे और यहां हमेशा-हमेशा के लिए लोगों की जुबान पर बस गए।
इन शब्दों में अदालत, कलम, अखबार, मोहब्बत और किताब जैसे शब्द शामिल हैं। क्या आप ऐसे ही कई और अन्य शब्दों की लिस्ट जानते हैं, यदि नहीं, तो इस लेख में हमने विभिन्न क्षेत्रों में उपयोग होने वाले ऐसे फारसी शब्दों की लिस्ट दी है, जो कि अक्सर हिंदी में उपयोग होते हैं।
कानून और प्रशासन में इस्तेमाल होने वाले शब्द
-अदालत
-कानून
-मुकदमा
-गवाह
-मुजरिम
-इस्तीफा
-हक
-तहसील
-जिला
शिक्षा से जुड़े शब्द
-अक्ल
-किताब
-इल्म
-कलम
-अखबार
-हिसाब
-सवाल
-तारीख
-जवाब
अन्य शब्द
-अजीब
-इंसान
-हिम्मत
-किस्मत
-इज्जत
-दुनिया
-गरूर
-मोहब्बत
-नफरत
खान-पान और अन्य वस्तुएं
-हलवा
-इत्र
-शराब
-कुर्सी
-नकद
-लिफाफा
-खत
-दवा
रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाले शब्द
-मशहूर
-मुसाफिर
-खराब
-मजबूर
-नुकसान
-फायदा
-मतलब
-मदद
कहां से आएं हैं अरबी शब्द
भारत में अरबी शब्द अरब देशों से पहुंचे हैं। इनमें सऊदी अरब, इराक, ओमान और यमन जैसे प्रमुख देश हैं। प्राचीन काल में बगदाद शिक्षा का प्रमुख केंद्र हुआ करता था। ऐसे में यहां से अदालत, कलम, कागज और अखबार जैसे शब्द भारत पहुंचे हैं।
वहीं, भारत के पश्चिम तटों के संबंध ओमान और यमन के व्यापारियों से रहे हैं। ऐसे में यहां से जहाज, मुसाफिर और बंदरगाह जैसे शब्द भारत पहुंचे हैं। इसी प्रकार धार्मिक आदान-प्रदान के कारण सऊदी अरब से दुआ, रोजा, किताब और नमाज जैसे शब्द भारत पहुंचे हैं।
ईरान के रास्ते भारत पहुंचे हैं शब्द
हिंदी में इस्तेमाल होने वाले अधिकतर अरबी शब्द सीधे अरब से नहीं, बल्कि ईरान के रास्ते पहुंचे हैं। दरअसल, ईरान में जब इस्लाम फैला, तो अरबी भाषा के कई शब्द फारसी में मिल गए। दिल्ली में जब सल्तनत और मुगल काल रहा, तो फारसी भाषा को राजभाषा बनाया गया। ऐसे में उस समय फारसी भाषा में मिले ये शब्द दिल्ली की सत्ता से निकलकर देशभर में फैले।
व्यापारियों का रहा अहम किरदार
भारत में सदियों से अरबी व्यापारी केरल और गुजरात के तटों पर पहुंचते थे। ऐसे में उन्होंने इस्लाम के प्रचार के साथ-साथ मुसाफिर, फायदा और दुनिया जैसे शब्दों को आम बोलचाल की भाषा में शामिल कर दिया। इसके अतिरिक्त, व्यापारियों के माध्यम से अरबी भाषा के कई शब्द भारतीय लोगों की जुबान पर बस गए।
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