दुनिया के किस देश में नहीं है एक भी गांव, यहां जानें नाम

Last Updated: Mar 11, 2026, 17:33 IST

हमें दुनिया के हर देश में गांव देखने को मिलते हैं। हालांकि, क्या आप जानते हैं कि एक देश ऐसा भी है, जहां एक भी गांव नहीं है। इस लेख में हम इस बारे में जानेंगे। 

बिना गांव वाला देश
बिना गांव वाला देश

ऐसा कहा जाता है कि किसी भी देश की जड़ें उसके गांवों में होती हैं। यही वजह है कि हमें अलग-अलग देशों में गांव देखने को मिलते हैं। हालांकि,क्या आप जानते हैं कि दुनिया में एक देश ऐसा भी है, जहां गांव नहीं है।

यह देश कोई और नहीं, बल्कि सिंगापुर है। कभी मलेशिया का भाग रहा यह देश अपनी आधुनिकता के लिए जाना जाता है। यह पूरी तरह से शहरीकृत है। ऐसे में यहां एक भी गांव देखने को नहीं मिलता है। इस बारे में हम इस लेख के माध्यम से विस्तार से जानेंगे। 

100 फीसदी है शहरीकरण

सिंगापुर की पूरी आबादी 100 फीसदी शहरीकृत है। यहां के लोग सुख-सुविधाओं के साथ शहरों में गगनचुंबी इमारतों में रहते हैं।

क्या है सिंगापुर का इतिहास 

सिंगापुर में 1960 तक पारंपरिक रूप से कम्पोंग गांव हुआ करते थे। हालांकि, यहां तेजी से औद्योगिक विकास हुआ। विकास के बीच यहां गांवों की जमीन पर बड़ी-बड़ी इमारतें खड़ी कर दी गई। सिंगापुर में जमीन की कमी से पहले से ही है। आज यहां एक विरासत गांव बचा है, जिसे कम्पोंग लोरोंग बुआंगकोक कहा जाता है। यह सिंगापुर का आखिर गांव है। 

लैंड रिक्लेमेशन तकनीक का करता है उपयोग

सिंगापुर एक अपने मुख्य द्वीप के अलावा 63 छोटे द्वीपों में बंटा हुआ है। यहां भूमि की कमी है, ऐसे में इस कमी को पूरा करने के लिए सिंगापुर लैंड रिक्लेमेशन तकनीक का उपयोग करता है। इस तकनीक में यह समुद्र को पाटकर जमीन का निर्माण करता है। बीते 66 सालों में इसके क्षेत्रफल में करीब 25 फीसदी की वृद्धि हुई है।

सिंगापुर से जुड़े नियम 

-सिंगापुर में च्यूइंग गम पर प्रतिबंध लगा हुआ है। यहां च्यूइंग गम बेचना और आयात करना, दोनों ही प्रतिबंधित है। इसका प्रमुख उद्देश्य शहर को गंदगी से बचाना है।

-सिंगापुर में साफ-सफाई का विशेष ध्यान दिया जाता है। यहां सार्वजनिक स्थलों पर थूकने और कूड़ा फैलाने पर सजा हो सकती है।

-सिंगापुर में नशे की रोकथाम पर सरकार विशेष ध्यान देती है। यहां नशीले पदार्थों की तस्करी के लिए फांसी तक की सजा भी हो सकती है।

यह है अर्थव्यवस्था का आधार

सिंगापुर की अर्थव्यवस्था कृषि पर निर्भर नहीं है, बल्कि यह बैंकिंग, टूरिज्म और तकनीक पर आधारित है। यहां हर साल बड़ी संख्या में लोग पर्यटन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में यहां पर्यटकों से बड़ी मात्रा में आय होती है।

Kishan Kumar
Kishan Kumar

Senior Executive - Editorial

A seasoned journalist and Multimedia Producer with over 8 years of experience in print and digital media, Kishan specializes in turning complex topics into clear, compelling narratives. Currently working as a Senior Content Writer in the GK section at Jagran Josh, he brings deep subject expertise in History, Polity, and Geography, writing on national and international affairs from a general knowledge perspective. He can be reached at Kishan.kumar@jagrannewmedia.com.

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First Published: Mar 11, 2026, 17:33 IST

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