इंडियन स्टूडेंट्स के लिए फूड टेक्नोलॉजी में करियर ऑप्शन्स

फ़ूड टेक्नोलॉजी में रॉ इंग्रेडिएंट्स को फ़ूड और अन्य उपयोगी फ़ूड फॉर्म्स में बदलने के लिए फिजिकल, केमिकल या माइक्रोबायोलोजिकल टेक्निक्स और प्रोसेसेज से जुड़े सभी कार्यों को शामिल किया जा सकता है. फ़ूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री में लगभग सारा काम फ़ूड टेक्नोलॉजी पर बेस्ड होता है.

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फ़ूड टेक्नोलॉजी का परिचय

फ़ूड प्रोसेसिंग में रॉ इंग्रेडिएंट्स को खाने योग्य फ़ूड आइटम्स में या फिर, फ़ूड को अन्य खाने योग्य फॉर्म्स में बदलने के लिए आवश्यक सभी कार्य शामिल होते हैं. फ़ूड टेक्नोलॉजी में 04 वर्ष की अवधि का बीई/ बीटेक कोर्स करवाया जाता है. फ़ूड टेक्नोलॉजी में विभिन्न फ़ूड आइटम्स पर केमिकल प्रोसेसेज शामिल होती हैं जिनके इस्तेमाल से अनेक फ़ूड प्रोडक्ट्स बाज़ार में बेचने के लायक और लंबे समय तक उपयोग करने के लायक बन जाते हैं. फ़ूड टेक्नोलॉजी के माध्यम से साफ़, नई कटी फसल का इस्तेमाल लंबे समय तक किया जा सकता है और स्वादिष्ट, स्वास्थ्यवर्धक, आकर्षक और बाज़ार में बेचने योग्य फ़ूड प्रोडक्ट्स तैयार किये जाते हैं. वेज-नॉन वेज फूड्स को लंबे समय तक इस्तेमाल के लायक बनाये रखने के लिए देश-दुनिया में इन दिनों फ़ूड टेक्नोलॉजी का खूब इस्तेमाल हो रहा है. आप बीई/ बीटेक की डिग्री प्राप्त करने के बाद फ़ूड टेक्नोलॉजी में एमटेक भी कर सकते हैं.

हालांकि, फ़ूड साइंस, फ़ूड इंजीनियरिंग और फ़ूड टेक्नोलॉजी एक-दूसरे से काफी मिलते हैं, लेकिन इनमें कुछ विशेष अंतर भी हैं. इन विषयों के गहन अध्ययन से आपको इन अंतरों के बारे में सटीक जानकारी मिल सकती है.

फ़ूड टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट्स के लिए टॉप इंडियन रिक्रूटर्स

  • डाबर इंडिया
  • आईटीसी लिमिटेड
  • एग्रो टेक फूड्स
  • पार्ले प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड
  • कैडबरी इंडिया लिमिटेड
  • नेस्ले इंडिया प्राइवेट लिमिटेड
  • पेप्सिको इंडिया होल्डिंग्स
  • ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज लिमिटेड
  • हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड
  • गोदरेज इंडस्ट्रीज लिमिटेड

फ़ूड साइंस और टेक्नोलॉजी के प्रमुख उदाहरण (फ़ूड प्रोडक्ट्स)

निम्नलिखित हैं जिनका हम रोजाना काफी इस्तेमाल करते हैं:

  • फ्रोज़न फ़ूड
  • डिब्बा बंद या केंड फ़ूड
  • स्नैक्स और फास्ट फूड (चिप्स, फ्रेंच-फ्राइज़, पिज्जा, बर्गर, पास्ता आदि)

माइक्रोवेव मील

  • रेडी टू ईट मील्स
  • बोतलबंद और पैक किए गए दूध (लॉन्ग लाइफ, स्किम्ड, सेमी-स्किम्ड आदि)
  • बेबी फ़ूड
  • लो फैट बटर
  • चॉकलेट
  • योगर्ट
  • कॉफी (इंस्टेंट और फ़िल्टर; अभी तक अंतर नहीं जानते? यहां पढ़ें)
  • सिरिअल्स (सिरिअल बार्स सहित)
  • पैकेज्ड जूस (फल और सब्जी)
  • एयरेटेड ड्रिंक (कोला), एनर्जी ड्रिंक (गेटोरेड, रेड बुल), बीयर, वाइन और अन्य अल्कोहलिक बेवरेजेज

फ़ूड टेक्नोलॉजी में कोर सब्जेक्ट्स

फ़ूड टेक्नोलॉजी की फील्ड में स्पेशलाइजेशन कोर्सेज निम्नलिखित हैं:

  • सिरिअल्स
  • डेरी
  • अल्कोहल
  • शुगर
  • बेकरी और कन्फेक्शनरी आइटम्स
  • फल और सब्जियां
  • ऑयल एंड ऑयल सीड प्रोसेसिंग
  • मीट-फिश

भारत में फ़ूड टेक्नोलॉजी ग्रेजुएट के लिए जॉब ऑप्शन्स

  • फ़ूड टेक्नोलॉजिस्ट
  • न्यूट्रीशनल थेरेपिस्ट
  • प्रोडक्ट/ प्रोसेस डेवलपमेंट साइंटिस्ट
  • क्वालिटी मैनेजर
  • रेगुलेटरी अफेयर्स ऑफिसर
  • साइंटिफिक लेबोरेटरी टेक्निशियन
  • टेक्निकल ब्रेवर

वे नौकरियां जहां आपकी डिग्री उपयोगी होगी:

  • प्रोडक्शन मैनेजर
  • पर्चेजिंग मैनेजर
  • रिसर्च साइंटिस्ट (लाइफ साइंसेज)
  • टॉक्सीकोलॉजिस्ट

फ़ूड टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट्स के लिए इंडियन गवर्नमेंट जॉब्स

फ़ूड टेक्नोलॉजी में बीटेक ग्रेजुएट्स विभिन्न सरकारी संगठनों और लैबोरेट्रीज आदि में जॉब्स प्राप्त कर सकते हैं. फ़ूड कॉरपोरेशन ऑफ़ इंडिया के तहत काम कर रही कई फर्म्स इस फील्ड में ग्रेजुएट्स को रिक्रूट करती हैं. शुरू में इन ग्रेजुएट्स को ट्रेनीज के तौर पर रिक्रूट किया जाता है. ट्रेनिंग पीरियड में उन्हें 20,000/- रुपये प्रति माह सैलरी दी जाती है. इस ट्रेनिंग पीरियड की अवधि आमतौर पर 6 माह की होती है. यह ट्रेनिंग पूरी होने पर कैंडिडेट्स को उनकी काबिलियत के आधार पर हायर ग्रेड्स पर प्रोमोट किया जाता है. ट्रेनिंग पीरियड के बाद उनकी सैलरी भी काफी बढ़ जाती है. सैलरी के अलावा भी उन्हें कई भत्ते और लाभ मिलते हैं. फ़ूड टेक्नोलॉजी में ग्रेजुएट्स उन लैबोरेट्रीज में भी जॉब प्राप्त कर सकते हैं, जिन लैबोरेट्रीज में फ़ूड प्रोडक्ट्स की क्वालिटी टेस्ट की जाती है.

भारत में फ़ूड साइंस और टेक्नोलॉजी की आवश्यकता

सभी किस्म के जीवन के लिए आहार या फ़ूड अति आवश्यक है, मनुष्य को जीवित रहने के लिए फ़ूड की जरूरत हमेशा रहती है. रहने के लिए किसी स्थान, कपड़े, एजुकेशन और हेल्थकेयर की तरह ही फ़ूड भी मानव के लिए एक मूलभूत आवश्यकता है.

अधिकांश फ़ूड आइटम्स मूल रूप से जानदार या जैविक होते हैं. इसलिये फ़ूड आइटम्स की प्रोसेसिंग, हार्वेस्टिंग, डिस्ट्रीब्यूशन, स्टोरेज और प्रिपरेशन से जुड़े सभी काम बहुत मुश्किल होते हैं. फ़ूड टेक्नोलॉजी के तहत फ़ूड प्रोसेस को समझने और पूरी प्रोसेस के दौरान विभिन्न प्रॉब्लम्स को सॉल्व करने के लिए व्यापक जानकारी और ट्रेनिंग की आवश्यकता होती है.  

फ़ूड साइंटिट्स का काम इनोवेटिव पैकेजिंग के साथ प्रचुर मात्रा में फ़ूड आइटम्स को सुरक्षित और न्यूट्रीशियस बनाना भी होता है. इसलिये, फ़ूड साइंटिस्ट्स फ़ूड रिसोर्सेज के बेहतरीन इस्तेमाल के साथ ही इन रिसोर्सेज के कम से कम वेस्टेज के लिए अपना महत्वपूर्ण योगदान देते हैं.

फ़ूड साइंस और फ़ूड टेक्नोलॉजी (और पढ़ें) के कारण पूरे विश्व में फ़ूड सिस्टम का जबरदस्त विकास हो चुका है. प्रोसेस्ड फ़ूड आइटम्स खाने में ज्यादा सुविधाजनक होते हैं. ये फ़ूड आइटम्स ज्यादा स्वाद तथा हेल्दी भी होते हैं.

प्राइवेट जॉब्स

प्राइवेट सेक्टर के कई संगठन फ़ूड टेक्नोलॉजी में बीटेक ग्रेजुएट्स को रिक्रूट करते हैं. अमूल, कैडबरी, ब्रिटानिया, नेस्ले जैसी कंपनियां फ़ूड टेक्नोलॉजी के प्रोफेशनल्स को जॉब मुहैया करवाती हैं. एंट्री लेवल के प्रोफेशनल्स को शुरू में 6 माह की ट्रेनिंग दी जाती है और ट्रेनिंग पूरी होने के बाद उन्हें हायर ग्रेड्स में प्रमोट कर दिया जाता है. ट्रेनिंग पीरियड में कैंडिडेट्स को रुपये 15,000/- प्रतिमाह सैलरी दी जाती है. ट्रेनिंग पीरियड पूरा होने के बाद कैंडिडेट्स की जॉब पोजीशन के आधार पर उनकी सैलरी बढ़ाई जाती है. फ़ूड टेक्नोलॉजी में बीटेक ग्रेजुएट्स फ़ूड एंटरप्रिन्योर्स की  होम कैटरिंग सर्विसेज में भी जॉब प्राप्त कर सकते हैं.

भारत में फ़ूड टेक्नोलॉजी में बीटेक के लिए एंट्रेंस एग्जाम्स

फ़ूड टेक्नोलॉजी में बीटेक करने के लिए छात्र ने किसी मान्यताप्राप्त बोर्ड से हायर सेकेंडरी एग्जाम पास किया हो. भारत में 10+2 एग्जाम पास करने के बाद 4 वर्ष की अवधि की बीटेक होती है. छात्र की कम से कम आयु 17 वर्ष होनी चाहिए. छात्र इस प्रोग्राम में केवल तभी एडमिशन ले सकते हैं जब उन्होंने निम्नलिखित एआईईईई, डब्ल्यूबीजेईई, जेईई, बीआईटीएस आदि जैसा कोई इंजीनियरिंग एग्जाम पास किया हो.

  • सीएफटीआरआई: सेंट्रल फूड टेक्नोलॉजिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट एंट्रेंस एग्जाम: सीएफटीआरआई, मैसूर द्वारा एमएससी, फूड टेक्नोलॉजी कोर्स में एडमिशन देने के लिए आयोजित किया जाता है.
  • आईआईसीपीटी:इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ क्रॉप प्रोसेसिंग टेक्नोलॉजी एंट्रेंस एग्जाम.
  • एआईजेईई:ऑल इंडियन ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जाम का आयोजन स्टूडेंट्स को फ़ूड टेक्नोलॉजी और बायोकेमिकल साइंस में बी.टेक कोर्स में एडमिशन देने के लिए किया जाता है. उम्मीदवारों को इस कोर्स में एडमिशन लेने के लिए स्टेट ज्वाइंट एंट्रेंस टेस्ट (जेईई) या ऑल इंडियन ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जाम (एआईजेईई) अवश्य पास करनी होती है.

फ़ूड टेक्नोलॉजी में एमटेक

फ़ूड टेक्नोलॉजी में एमटेक करने के मिनिमम एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया के तौर पर, स्टूडेंट्स ने किसी मान्यताप्राप्त इंस्टिट्यूट से न्यूनतम कुल 45 - 50% स्कोर के साथ फ़ूड साइंस/ फ़ूड साइंस एंड टेक्नोलॉजी/ फ़ूड टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट/ फ़ूड टेक्नोलॉजी/ फ़ूड प्रोसेस इंजीनियरिंग/ फ़ूड इंजीनियरिंग/ डेरी इंजीनियरिंग/ डेरी टेक्नोलॉजी/ एग्रीकल्चर एंड फ़ूड इंजीनियरिंग/ डेरी एंड फ़ूड इंजीनियरिंग में बीई/ बीटेक की डिग्री प्राप्त की हो.

इंडियन स्टूडेंट्स के लिए फ़ूड टेक्नोलॉजी में करियर स्कोप

फ़ूड टेक्नोलॉजी में करियर के विकास के लिए बहुत ज्यादा स्कोप है जिसका विवरण नीचे दिया गया है:

  • ऑर्गनिक केमिस्ट्स के तौर पर, फ़ूड टेक्नोलॉजिस्ट्स ऐसे मेथड्स के बारे में जानकारी और सलाह देते हैं, जिन मेथड्स से रॉ फ़ूड आइटम्स को प्रोसेस्ड फ़ूड में बदला जाता है.   
  • बायोकेमिस्ट्स के तौर पर, ये लोग फ़ूड आइटम्स के फ्लेवर, टेक्सचर, स्टोरेज और क्वालिटी में सुधार लाने के तरीके सजेस्ट करते हैं.
  • होम इकोनोमिस्ट्स के तौर पर, ये डायटेटिक्स और न्यूट्रीशन में एक्सपर्ट होते हैं और कंटेनर्स पर दिए गये निर्देशों के अनुसार ये लोग फ़ूड और उनकी रेसिपीज को टेस्ट करते हैं.
  • इंजीनियर्स के तौर पर, ये लोग प्रोसेसिंग सिस्टम्स की प्लानिंग, डिजाइनिंग, इम्प्रूविंग और मेनटेनिंग से जुड़े कार्य करते हैं.
  • रिसर्च साइंटिस्ट्स के तौर पर, ये लोग पैकेज्ड फ़ूड के प्रोडक्ट, फ्लेवर, न्यूट्रीटिव वैल्यू और सामान्य एक्सेप्टेबिलिटी में सुधार लाने के लिए विभिन्न एक्सपेरिमेंट्स करते हैं. 
  • मैनेजर्स और अकाउंटेंट्स के तौर पर, ये पेशेवर प्रोसेसिंग से जुड़े कामों को सुपरवाइज़ करने के अलावा एडमिनिस्ट्रेशन और फाइनेंसेज को मैनेज करने के कार्य करते हैं.

टॉप इंडियन फ़ूड टेक्नोलॉजी एजुकेशनल इंस्टीट्यूट्स

  • सेंट्रल फ़ूड टेक्नोलॉजिकल रिसर्च इंस्टिट्यूट (सीएफटीआरआई)
  • नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ फ़ूड टेक्नोलॉजी एंटरप्रिन्योरशिप एंड मैनेजमेंट (एनआईएफटीईएम)
  • इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रॉप प्रोसेसिंग टेक्नोलॉजी (आईआईसीपीटी)
  • नेशनल एग्रीकल्चर-फ़ूड बायोटेक्नोलॉजी इंस्टिट्यूट (एनएबीआई)
  • फ़ूड एंड ड्रग टॉक्सीकोलॉजी साइंस रिसर्च सेंटर (एफडीटीआरसी)
  • नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ न्यूट्रीशन (एनआईएन)
  • इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ टॉक्सीकोलॉजी (आईआईटीआर)
  • इंडियन एग्रीकल्चर रिसर्च इंस्टिट्यूट (आईएआरआई)
  • डिपार्टमेंट ऑफ़ फ़ूड साइंस एंड टेक्नोलॉजी, पांडिचेरी विश्वविद्यालय
  • इंटरनेशनल लाइफ साइंसेज इंस्टिट्यूट – इंडिया (आईएलएसआई)
  • आईआईएसईआर - पुणे
  • भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर
  • आईआईएससी बैंगलोर
  • नेशनल डेरी रिसर्च इंस्टिट्यूट (एनडीआरआई)
  • डिपार्टमेंट ऑफ़ फ़ूड साइंस एंड न्यूट्रीशन, एसएनडीटी महिला विश्वविद्यालय
  • अमृता विश्वविद्यालय (रिसर्च प्रोजेक्ट्स)
  • फ़ूड साइंस एंड टेक्नोलॉजी सेंटर, संबलपुर विश्वविद्यालय
  • स्कूल ऑफ लाइफ साइंसेज, जेएनयू
  • एग्रीकल्चर एंड फ़ूड इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट, आईआईटी खड़गपुर
  • फैकल्टी ऑफ़ फ़ूड सिक्यूरिटी एंड क्वालिटी
  • सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ पोस्ट-हार्वेस्ट इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (सीआईपीएचईटी)
  • इंडियन वेटेरीनरी रिसर्च इंस्टिट्यूट (आईवीआरआई)
  • नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ हाई सिक्यूरिटी एनिमल डिजीजेस (एनआईएचएसएडी)
  • सेंट्रल मरीन फिशरीज रिसर्च इंस्टिट्यूट (सीएमएफआरआई)
  • इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ वेजिटेबल रिसर्च (आईआईवीआर)
  • नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ एबियोटिक स्ट्रेस मैनेजमेंट (एनआईएएम)
  • सेंट्रल इंस्टिट्यूट ऑफ़ फिशरीज एजुकेशन (सीआईएफई)
  • सीसीएस हरियाणा एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी
  • जीबी पंत यूनिवर्सिटी ऑफ़ एग्रीकल्चर एंड टेक्नोलॉजी
  • स्कूल ऑफ़ हेल्थ साइंसेज, कालीकट विश्वविद्यालय
  • डिपार्टमेंट ऑफ़ फ़ूड प्रोसेस इंजीनियरिंग, एसआरएम विश्वविद्यालय

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