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नाबार्ड ने सहकारी बैंकों और आरआरबी को 20,500 करोड़ रुपये जारी किये

यह वितरित राशि उस 25,000 करोड़ रुपये का हिस्सा है जो भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा नाबार्ड को प्रदान की गई पुनर्वित्त सुविधा थी.

May 21, 2020 14:38 IST
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नेशनल बैंक फॉर एग्रीकल्चर एंड रूरल डेवलपमेंट (NABARD) ने 18 मई को यह घोषणा की थी कि उसने किसानों को ऋण देने के लिए क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (RRBs) और सहकारी बैंकों को 20,500 करोड़ रुपये की राशि जारी की है.

यह वितरित राशि उस 25,000 करोड़ रुपये का हिस्सा है जो भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा नाबार्ड को प्रदान की गई पुनर्वित्त सुविधा थी. इसका उद्देश्य क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों, माइक्रोफाइनेंस संस्थानों (MFIs) और सहकारी बैंकों को पुनर्वित्त सुविधा करना है.

नाबार्ड ने RRBs और सहकारी बैंकों को पिछले वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 5000 करोड़. प्रदान किये थे.

इस प्रदान की गई निधि का उद्देश्य:

नाबार्ड द्वारा दी गई इस निधि का उद्देश्य सहकारी बैंकों और RRBs के संसाधनों को फ्रंट-लोड अर्थात पहले से ही प्रदान करना है, जो खरीफ और प्री-मानसून 2020 के दौरान विभिन्न कार्यों के संचालन के लिए किसानों को धन देने के लिए उनके पास पर्याप्त नकदी सुनिश्चित करेगा.

NABRAD द्वारा जारी राशि का विवरण:

एक आधिकारिक विज्ञप्ति में नाबार्ड ने कहा था कि, विभिन्न राज्यों के लिए एक विशेष तरलता सुविधा के तौर पर उन्होंने रु. 20,500 करोड़ रुपये की राशि में से सहकारी बैंकों को 15,200 करोड़ रुपये और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को शेष राशि अर्थात 5,300 करोड़ रुपये प्रदान किये थे.

नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक, जिजी माममेन ने बताया कि, RBI द्वारा प्रदान किए गए 25,000 करोड़ रुपये की राशि में से NBARAD ने सहकारी बैंकों और RRBs को 23,000 करोड़ रुपये और MFIs के लिए 2000 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की थी.

उन्होंने आगे कहा कि रु. 20,500 करोड़ रुपये पहले ही सहकारी बैंकों और RRBs को वितरित किए जा चुके हैं और अगले दो सप्ताह में शेष राशि का वितरण करने की योजना है. उन्होंने यह भी कहा कि, 2000 करोड़ रुपये की शेष राशि में से नाबार्ड पहले ही MFIs को 1,500 करोड़ रूपये प्रदान कर चुका है.

RBI और नाबार्ड की अतिरिक्त योजनाएं:

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने राष्ट्रीय आवास बैंक (NHB) को 10,000 करोड़ रुपये की विशेष सुविधा प्रदान करने की भी घोषणा की थी जबकि, भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक को 15,000 करोड़ रुपये प्रदान किए गए हैं.

नाबार्ड ने भी यह बताया था कि बैंकों ने किसान क्रेडिट कार्डों की संतृप्ति के कार्यक्रम की शुरुआत की है और पिछले दो महीनों में RRBs और सहकारी बैंकों द्वारा लगभग 12 लाख नए किसान क्रेडिट कार्ड भी जारी किए गए हैं. यथा 31 मार्च, 2020 तक, RRBs और सहकारी बैंकों द्वारा कुल 4.2 करोड़ किसान क्रेडिट कार्ड्स जारी किए गए हैं.

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