जैव चिकित्सा अनुसंधान करियर कार्यक्रम को पांच साल आगे और बढ़ाने की मंजूरी
• केंद्रीय मंत्रिमंडल ने जैव चिकित्सा अनुसंधान करियर कार्यक्रम (बीआरसीपी) और वेलकम ट्रस्ट (डब्ल्यूटी)/डीबीटी इंडिया एलायंस को इसकी आरम्भिक 10 वर्षीय अवधि (साल 2008-09 से साल 2018-19 तक) से आगे बढ़ाकर नये पंचवर्षीय चरण (साल 2019-20 से साल 2023-24 तक) में भी जारी रखने को मंजूरी दे दी है.
• इस निर्णय से कुल वित्तीय बोझ 1092 करोड़ रुपये का पड़ेगा जिसमें डीबीटी और डब्ल्यूटी क्रमशः 728 करोड़ एवं 364 करोड़ रुपये का योगदान करेंगे. इस कार्यक्रम ने 1:1 साझेदारी में अपने 10 वर्षीय वित्त पोषण के दौरान भारत में अत्याधुनिक जैव चिकित्सा (बायोमेडिकल) अनुसंधान में उच्चतम वैश्विक मानकों वाली प्रतिभाओं के सृजन एवं शिक्षण से संबंधित अपने उद्देश्यों को पूरा कर लिया है, जिसके फलस्वरूप सामाजिक जरूरतों को पूरा करने के लिए महत्वपूर्ण वैज्ञानिक उपलब्धियां और अनुप्रयोग संभव हो पाए हैं.
• बीआरसीपी से विदेश में काम कर रहे बेहतरीन भारतीय वैज्ञानिकों के लिए स्वदेश वापस आना आकर्षक बना दिया है. इसके साथ ही बीआरसीपी की बदौलत भारत में कई स्थानों पर ऐसे केन्द्रों की संख्या काफी बढ़ गई है, जहां विश्वस्तरीय जैव चिकित्सा अनुसंधान किए जाते हैं.
पर्यटन के क्षेत्र में भारत और क्रोएशिया के बीच समझौता ज्ञापन को मंजूरी
• केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पर्यटन के क्षेत्र में भारत और क्रोएशिया के बीच समझौता ज्ञापन पर पूर्व-प्रभाव से अपनी मंजूरी दे दी है. यह बैठक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई.
• पर्यटन के क्षेत्र में इस समझौते से दोनों पक्षों को पर्यटन क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए एक संस्थागत प्रणाली विकसित करने में मदद मिलेगी. राष्ट्रपति की क्रोएशिया यात्रा के दौरान 26 मार्च 2019 को समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं.
भारत और मोरक्को के बीच युवा मामलों में सहयोग से संबंधित समझौते की जानकारी
• केन्द्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में भारत और मोरक्को के बीच युवा मामलों में सहयोग के लिए फरवरी 2019 में हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन के बारे में जानकारी प्रदान की गई. समझौता ज्ञापन का उद्देश्य कार्यक्रमों और गतिविधियों में भागीदारी, सूचना और ज्ञान को साझा करने तथा युवाओं का आदान-प्रदान करने के माध्यम से दोनों देशों के बीच युवा मामलों के संबंध में सहयोग को मजबूती और प्रोत्साहन प्रदान करना है.
• इस समझौता के तहत युवा मामलों में सहयोग में युवा कार्यक्रमों का आयोजन, अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलनों और संगोष्ठियों के निमंत्रणों का आदान-प्रदान, मुद्रित सामग्री, फिल्मों, अनुभवों, अनुसंधान और अन्य सूचना का आदान-प्रदान,युवा शिविरों, युवा महोत्सवों और अन्य सहकारी युवा कार्यक्रमों में भाग लेना शामिल है.
• इस समझौता ज्ञापन में इस बात का भी उल्लेख किया गया है कि साल 2019 से दोनों देश सालाना तौर पर 20 सदस्यों वाले युवा शिष्टमंडलों को अधिकतम दस दिन की अवधि के लिए एक-दूसरे के यहां भेजेंगे.
तकनीकी सहयोग को बढ़ावा देने हेतु भारत व मोरक्को के बीच हस्ताक्षरित
• केन्द्रीय मंत्रिमंडल को आवास एवं मानव पर्यावास के क्षेत्र में सूचनाओं के आदान-प्रदान और तकनीकी सहयोग को बढ़ावा देने के लिए भारत व मोरक्को के बीच फरवरी 2019 में हस्ताक्षरित सहमति पत्र (एमओयू) के बारे में अवगत कराया गया. यह बैठक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई.
• उपयुक्त एमओयू पर अमल से आवास और मानव बस्ती के क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सहयोग बढ़ेगा. भारत और मोरक्को दोनों ही देशों के बीच वाणिज्यिक एवं व्यापार संबंधों को बेहतर करने के साथ-साथ सतत समावेशी शहरी विकास को बढ़ावा देने के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए शहरों के समक्ष मौजूद चुनौतियों से निपटने के लिए आपस में सहयोग करेंगे.
• इसमें मुख्य रूप से आम जनता के लिए किफायती आवास, जलापूर्ति एवं स्वच्छता, शहरी परिवहन और स्मार्ट सिटी का विकास शामिल होंगे. हालांकि, यह पारस्परिक सहयोग इन्हीं क्षेत्रों तक सीमित नहीं रहेगा.
भारत और अर्जेंटीना के बीच अंटार्कटिक सहयोग पर समझौता ज्ञापन से अवगत
• केन्द्रीय मंत्रिमंडल को अंटार्कटिक सहयोग पर भारत और अर्जेंटीना के बीच फरवरी 2019 में हस्ताक्षर किये गये समझौता ज्ञापन से अवगत कराया गया. इस समझौता ज्ञापन से पृथ्वी विज्ञान के क्षेत्रों से जुड़ी परियोजनाओं के साथ साथ अंटार्कटिका और दक्षिणी महासागर के प्राकृतिक पर्यावरण की रक्षा करने और उसके संरक्षण के लिए वैज्ञानिक सहयोग स्थापित करने में मदद मिलेगी.
• इस समझौता के तहत पृथ्वी विज्ञान और जीव विज्ञान के क्षेत्रों के साथ ही अंटार्कटिका और दक्षिणी महासागरों के प्राकृतिक पर्यावरण की रक्षा और उनके संरक्षण से जुड़ी परियोजनाओं में वैज्ञानिक सहयोग तथा अंटार्कटिका, उसके पर्यावरण और उसके आश्रित और उससे जुड़ी पर्यावरण प्रणालियों के अध्ययन से जुड़ी वैज्ञानिक और ग्रंथात्मक जानकारी का आदान– प्रदान करना शामिल है.
• इसमें वैज्ञानिकों के आदान प्रदान के लिए अवसरों का पता लगाने, आवश्यकता पड़ने पर एक देश के राष्ट्रीय अंटार्कटिक कार्यक्रम के वैज्ञानिक और तकनीकी विशेषज्ञों का अन्य देश के राष्ट्रीय अंटार्कटिक कार्यक्रम में भाग लेने जैसे कार्यक्रम शामिल हैं.
भारत और सऊदी अरब के बीच आवास के क्षेत्र में सहयोग पर आधारित समझौते के बारे में अवगत
• केंद्रीय मंत्रिमंडल को भारत और सऊदी अरब के बीच आवास के क्षेत्र में सहयोग पर आधारित समझौते के बारे में अवगत कराया गया. यह बैठक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई. इस सहमति पत्र पर फरवरी 2019 में हस्ताक्षर किए गए थे.
• इस सहमति पत्र से दोनों देशों में किफायती/निम्न आय आवास सहित आवास के क्षेत्र में तकनीकी सहयोग को बढ़ावा मिलेगा, आवास तथा आधारभूत परियोजनाओं के क्षेत्र से जुड़े अधिकारियों और कंपनियों की भागीदारी बढ़ेगी.
• इससे विकास के क्षेत्र में जानकारी और अनुभव को साझा करने, आधुनिक निर्माण तकनीकों के हस्तांतरण और आवास विकास के क्षेत्र में अनुसंधान एवं विकास को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी.
स्टार्टअप सहयोग पर भारत और कोरिया गणराज्य के बीच समझौते को मंजूरी
• केंद्रीय मंत्रिमंडल ने स्टार्टअप सहयोग पर भारत और कोरिया गणराज्य के बीच सहमति पत्र पर पूर्व-प्रभाव से अपनी मंजूरी दे दी है. यह बैठक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई. इस सहमति पत्र पर फरवरी 2019 में हस्ताक्षर किए गए थे.
• इस सहमति पत्र से दोनों देशों के स्टार्टअप उद्योगों के बीच द्विपक्षीय सहयोग में आसानी होगी और बढ़ावा मिलेगा, जो उनके राष्ट्रीय कानूनों और नियमनों तथा ऐसे किसी प्रभावी अंतर्राष्ट्रीय संधियों और समझौतों पर आधारित होगा, जो दोनों देशों से संबंधित हों.
सड़क को चौड़ा करने हेतु तेलंगाना राज्य सरकार द्वारा नल्लागंदला, हैदराबाद में केंद्रीय जल आयोग की भूमि के अधिग्रहण को मंजूरी
• केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सड़क को चौड़ा करने के लिए तेलंगाना राज्य सरकार को हैदराबाद में नल्लागंदला में केंद्रीय जल आयोग की भूमि के अधिग्रहण को मंजूरी दी.
• प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सड़क को चौड़ा करके रेडियल रोड संख्या-30 को सुधारने के लिए तेलंगाना राज्य सरकार द्वारा केंद्रीय जल आयोग की भूमि के पूर्वी हिस्से में चारदीवारी (लगभग 200 मीटर) सहित 10 एकड़ भूमि में से 372 वर्ग गज भूमि के अधिग्रहण हेतु अपनी मंजूरी दे दी है.
• इसके लिए कोई शुल्क देय नहीं होगा. सरकारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि केंद्रीय जल आयोग के लिए यह विकसित मार्ग उपयोगी होगा, क्योंकि आवंटित भूमि पर एक विशिष्टता केंद्र निर्मित करने का प्रस्ताव किया गया है.
राष्ट्रीय कंपनी कानून अपीलीय अधिकरण में तीन न्यायिक सदस्यों और तीन तकनीकी सदस्यों के अतिरिक्त पदों के सृजन को मंजूरी
• केंद्रीय मंत्रिमंडल ने राष्ट्रीय कंपनी कानून अपीलीय अधिकरण (एनसीएलएटी) में तीन न्यायिक सदस्यों और तीन तकनीकी सदस्यों के अतिरिक्त पदों के सृजन को अपनी मंजूरी दे दी है. यह बैठक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई.
• ये पद लेवल 17 (2,25,000 रूपये निर्धारित) एवं अन्य मान्य भत्ते में सृजित किए जाएंगे. इससे प्रतिवर्ष कुल 2,27,82,096 रूपये (दो करोड़, सत्ताईस लाख, बयासी हजार छियानवे रूपये मात्र) का वित्तीय भार होगा.
• इससे एनसीएलएटी को वित्त अधिनियम, 2017, कंपनी अधिनियम, आईबीसी, 2016 के तहत मिले शासनादेश को पूरा करना और निर्धारित समय-सीमा में मामले का निपटारा करना सुनिश्चित होगा.
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